सुर्खियां: कई राज्यों में मौसम के अलर्ट जारी; आज से पितृपक्ष की शुरुआत; अमेरिका में जयशंकर पत्रकार पर बरसे

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों में आज राजनीति, मौसम, अर्थव्यवस्था, कूटनीति, अपराध, सुरक्षा, खेल और मनोरंजन से जुड़ी कई बड़ी खबरें सुर्खियों में हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के 84 साल की उम्र और कांग्रेस में वापसी को लेकर दिए बयान से सियासी हलचल तेज है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर का पाकिस्तानी पत्रकार को दिया जवाब भी चर्चा में है। वहीं मौसम की बात करें तो उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रेड अलर्ट, ओडिशा में बारिश-बाढ़ और छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद किए जाने की खबर है। आज से पितृपक्ष और श्राद्ध शुरू हो रहे हैं। बैंक हड़ताल से ग्राहकों की परेशानी बढ़ सकती है। जमुई प्रकरण में एफआईआर सुर्खियों में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फलस्तीन, और रूस के चुनाव चर्चा में हैं। खेल में भारत-वेस्टइंडीज वनडे सीरीज, रोहित-कोहली और शुभमन गिल से जुड़ी खबरें अहम हैं। मनोरंजन में बिस्वजीत चटर्जी और अभिजीत सावंत के बयान चर्चा में हैं। अमर उजाला के इस लिंक पर राजनीति, अपराध, कारोबार, मौसम, कूटनीति, खेल, सिनेमा और अंतरराष्ट्रीय जगत की तमाम प्रमुख खबरें एक ही क्लिक में पढ़ें… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 26, 2026 · 1 min · National Desk

रूस में पुतिन का दबदबा कायम: चुनाव में यूनाइटेड रशिया की हुई रिकॉर्ड जीत, विपक्ष को कितनी सीटें मिलीं?

रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शासन के दौरान हुए पहले युद्धकालीन संसदीय चुनाव के अंतिम नतीजों ने एक बार फिर क्रेमलिन की मजबूत राजनीतिक पकड़ की तस्वीर सामने रख दी है। शुक्रवार को जारी नतीजों के मुताबिक, पुतिन की मुख्य पार्टी यूनाइटेड रशिया ने 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा में 349 सीटें जीत ली हैं। चुनाव ऐसे समय हुआ जब यूक्रेन के साथ युद्ध जारी है, देश आर्थिक दबावों से जूझ रहा है और विपक्ष पर सरकार की कार्रवाई लगातार चर्चा में है। केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, यूनाइटेड रशिया को पार्टियों के लिए तय 225 सीटों के चुनाव में करीब 58 प्रतिशत वोट मिले। इसके अलावा पार्टी ने 225 में से 209 सिंगल-सीट निर्वाचन क्षेत्रों में भी जीत दर्ज की। इस तरह पार्टी के खाते में कुल 349 सीटें आईं, जो ड्यूमा में तीन-चौथाई से भी ज्यादा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 26, 2026 · 1 min · National Desk

दिल्ली: बैंक यूनियनों की हड़ताल 28 सितंबर से, तीन दिन ग्राहकों को होगी परेशानी; रविवार को कामकाज पर असमंजस

बैंक यूनियनों के हड़ताल के कारण दिल्ली में तीन दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। इससे दिल्ली की बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, खाता संबंधी सेवाएं और दस्तावेज जमा करने जैसे काम रुक सकते हैं। बैंक से जरूरी काम कराने वाले ग्राहकों को हड़ताल से पहले ही अपने काम निपटाने की सलाह दी गई है। हड़ताल का असर छोटे कारोबारियों और दुकानदारों पर भी पड़ सकता है। जिन कारोबारियों को रोजाना बैंक शाखाओं के जरिए नकद जमा करने, भुगतान करने या दूसरे बैंकिंग काम कराने पड़ते हैं, उन्हें दिक्कत हो सकती है। हालांकि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है।वॉयस ऑफ बैंकिंग के संस्थापक अशवनी राणा ने बताया कि बैंक कर्मचारियों की कई मांगें लंबित हैं। सरकार और बैंक कर्मचारियों के बीच 2024 में जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन्हें लागू किया जाना चाहिए। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करना है। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 के वेतन समझौते के दौरान इस पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और 2024 में किए गए अन्य वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) में बदलाव को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि वित्तीय सेवा विभाग ने प्रोत्साहन नीति में बदलाव किया है। बातचीत के बाद सरकार ने पीएलआई योजना को फिलहाल रो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 26, 2026 · 2 min · National Desk

आज कैसा रहेगा मौसम?: यूपी के शहरों के लिए रेड अलर्ट, ओडिशा में बारिश-बाढ़ से हड़कंप, छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद

देश के कई राज्यों में हो रही बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। खासकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ओडिशा में गहरे दबाव के कारण हुई मूसलाधार बारिश से कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई हैं, सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं और करीब 14,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। छत्तीसगढ़ में भी बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 26 सितंबर को पूरे राज्य के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-वज्रपात और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकार ने संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 26, 2026 · 1 min · National Desk

सीबीएसई को मिला नया अध्यक्ष: आईएएस मनदीप भंडारी संभालेंगे कमान; बड़े फेरबदल में कई अफसरों की जिम्मेदारी बदली

मनदीप भंडारी 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों वाले कैडर से आते हैं। सीबीएसई का अध्यक्ष बनने से पहले वह जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।अब तक सीबीएसई अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम के पास था। उन्हें दो जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया था। इसके साथ ही उन्हें सीबीएसई अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। लोखंडे प्रशांत सीताराम को दो जून को सीबीएसई का प्रमुख बनाया गया था। उस समय बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर विवाद था। इसी बीच तत्कालीन अध्यक्ष को पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सीताराम को सीबीएसई की जिम्मेदारी दी गई थी।केंद्र सरकार के इस फेरबदल में कई दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां मिली हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार को ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। वहीं हाइड्रोकार्बन महानिदेशक श्रीकांत नागुलापल्ली अब व्यय विभाग में अतिरिक्त सचिव होंगे। वी. पोन्नूराज को हाइड्रोकार्बन का महानिदेशक बनाया गया है। वह 2000 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। सरिता चौहान चंद को इस्पात मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार बनाया गया है।आनंद सिंह को आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। पी. हेमलता को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी मिली है। पीयूष सिंह बिजली मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव होंगे। अंकिता मिश्रा बुंदेला को उच्च शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। वहीं मनीषा सेंसरमा को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन: अभी नहीं बनी पार्टियों की समन्वय समिति, सिर्फ बयानों में ही सिमटा सीट बंटवारा

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की सुगबुगाहट तो तेज है, लेकिन जमीनी स्तर पर औपचारिक वार्ता की शुरुआत अभी तक नहीं हो सकी है। दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग की बातचीत आगे बढ़ाने के लिए न तो अब तक कोई आधिकारिक बैठक हुई है और न ही लोकसभा चुनाव की तरह किसी समन्वय समिति का गठन किया गया है। तमाम राजनीतिक चर्चाओं के बीच दोनों पार्टियां फिलहाल एक-दूसरे के रुख को भांपते हुए वेट एंड वॉच की रणनीति पर चलती दिखाई दे रही हैं। राजनीतिक सूत्र मानते हैं कि सीट बंटवारे पर मीडिया बयानों के जरिये प्रेशर पॉलिटिक्स पूरी तरह से हावी है। एक तरफ कांग्रेस पार्टी 2017 के गठबंधन और हालिया लोकसभा चुनाव के बेहतर नतीजों के आधार पर अपनी मजबूत दावेदारी जता रही है। कांग्रेस राज्य में करीब 100 से 120 सीटों के दावे के साथ बातचीत की मेज पर आना चाहती है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी केवल किसी पुराने फॉर्मूले या गणितीय आंकड़े के आधार पर सीटें बांटने के मूड में नहीं है। सपा नेतृत्व का स्पष्ट रुख है कि सीटों का आवंटन केवल सीटों की संख्या पर नहीं, बल्कि जीतने की क्षमता (विनेबिलिटी) के ठोस आधार पर तय होगा। सपा नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और उनके बीच है, इसलिए केवल उन्हीं सीटों पर कांग्रेस को अवसर दिया जाना व्यावहारिक होगा, जहां उसकी स्थिति वास्तव में मजबूत हो। राजनीतिक सूत्र मानते हैं कि सीट बंटवारे पर मीडिया बयानों के जरिये प्रेशर पॉलिटिक्स पूरी तरह से हावी है। एक तरफ कांग्रेस पार्टी 2017 के गठबंधन और हालिया लोकसभा चुनाव के बेहतर नतीजों के आधार पर अपनी मजबूत दावेदारी जता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: 75 देशों का वॉकआउट; नरसंहार के आरोप पर पलटवार, ममदानी को लताड़, नेतन्याहू के भाषण पर हंगामा क्यों?

एक्सप्लेनर: 75 देशों का वॉकआउट; नरसंहार के आरोप पर पलटवार, ममदानी को लताड़, नेतन्याहू के भाषण पर हंगामा क्यों? भाषण से पहले बड़े पैमाने पर वॉकआउट नेतन्याहू के भाषण के दौरान सभागार का एक बड़ा हिस्सा खाली नजर आया। उनके मंच पर पहुंचते ही कई प्रतिनिधि बाहर निकलने लगे। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान को कई बार सभागार में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक चल रही है। दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान महासभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। वे जैसे ही मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधियों ने उनका कड़ा विरोध जताया और भारी संख्या में उनका बहिष्कार किया। नेतन्याहू इस दौरान लगभग तीन मिनट तक शांत खड़े रहे और इसके बाद उन्होंने अपना भाषण शुरू किया। आइए बिंदुवार समझते हैं कि यूएन के मंच पर क्या-क्या हुआ, नेतन्याहू ने अपने भाषण में क्या-क्या कहा? उनके भाषण पर किसने क्या प्रतिक्रिया दी? वॉकआउट करने वालों को बताया ‘नैतिक रूप से कायर’ संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर बेंजामिन नेतन्याहू के पहुंचते ही भारी हंगामे के करीब तीन मिनट बाद नेतन्याहू ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में फिर हंगामा: स्टेटहुड पर गरमाई सियासत, नारेबाजी के बीच 30 मिनट के लिए सदन स्थगित

स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों से कहा कि उन्हें सदन के अंदर इस तरह के बैनर लाने की अनुमति किसने दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर विधानसभा के नियंत्रण में नहीं है। स्पीकर ने चेतावनी दी कि सदस्य अपनी सीटों पर लौटें, अन्यथा उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव सदन में पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया कि सदन केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल और शीघ्र बहाल करने का आह्वान करता है। प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने की बात भी कही गई। स्टेटहुड के प्रस्ताव पर सदन में सत्ता पक्ष और भाजपा विधायकों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई, जबकि भाजपा विधायकों ने इसका विरोध करते हुए सरकार से अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की। इससे पहले भी विधानसभा के मौजूदा सत्र में स्टेटहुड और सरकार के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 1 min · National Desk

नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत को लेकर खोले पत्ते: रिश्तों को बताया बेहतरीन, जयशंकर से मुलाकात का भी किया जिक्र

न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों में कभी-कभी उतार-चढ़ाव आता रहा है, लेकिन अभी नेपाल और भारत के बीच रिश्ते अच्छे दौर में हैं। उन्होंने कहा कि काठमांडो भारत के साथ संबंधों में मतभेदों के बजाय अवसरों पर ध्यान देते हुए व्यावहारिक तरीका अपना रहा है। शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल और भारत के संबंध बहुत मजबूत और कई स्तरों वाले हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल के कुल व्यापार का करीब दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है। दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी काफी मजबूत हैं। खनाल ने कहा कि राजनीतिक स्तर पर कभी-कभी रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन मौजूदा समय में दोनों देशों के संबंधों को वह बेहतरीन मानते हैं। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल की नई सरकार के बीच संबंधों से जुड़े सवाल के जवाब में कही।खनाल ने बताया कि उन्होंने न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच भारत-नेपाल संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें विकास साझेदारी और ऊर्जा सहयोग की प्रगति पर चर्चा हुई। नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। यह बातचीत संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर हुई।भारत और चीन के बीच संतुलन को लेकर पूछे गए सवाल पर खनाल ने कहा कि नेपाल अब रिश्तों को केवल वैचारिक नजरिए से देखने के बजाय व्यावहारिक सहयोग पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ सीमा जैसे विवादित मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन नेपाल का मौजूदा तरीका यह देखने का है कि सहयोग के कौन-कौन से अवस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 2 min · National Desk

रिपोर्ट में खुलासा: भाजपा ने बंगाल चुनाव में 287 करोड़, कांग्रेस ने केरल में 105 करोड़ रुपये खर्च किए

बंगाल में भाजपा ने 207 सीटों पर जमाया कब्जा बंगाल में भाजपा ने 293 सीटों में से 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल को 80 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने राज्य में 293 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा और 2 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने 42 करोड़ खर्चे कांग्रेस ने बंगाल में कुल 42.08 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें 12.96 करोड़ रुपए प्रचार और 29.12 करोड़ रुपए उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर लगाए गए। सीपीआई (एम) ने बंगाल में 197 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक सीट जीती। पार्टी ने चुनाव में 8.23 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं, तृणमूल की चुनावी खर्च रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। केरल में कांग्रेस खर्च में आगे केरल में कांग्रेस ने चुनाव में 105.34 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें प्रचार पर 71.30 करोड़ और उम्मीदवारों पर 34.05 करोड़ रुपए खर्च करना शामिल है। बीजेपी ने केरल में प्रचार पर 54.93 करोड़ और उम्मीदवारों पर 27.74 करोड़ रुपए खर्च किए। सीपीआई (एम) ने 26.30 करोड़ प्रचार और 2.31 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर लगाए। भाजपा को चुनाव के दौरान 1,472.8 करोड़ फंड मिला बीजेपी ने असम में 96.27 करोड़ रुपए, तमिलनाडु में 51.56 करोड़ रुपए, पुडुचेरी में 11.90 करोड़ रुपए खर्च किए। 5 राज्यों में चुनाव के दौरान भाजपा को 1,472.8 करोड़ रुपए मिले। वहीं, कांग्रेस को 207.17 करोड़ रुपए मिले। बंगाल में भाजपा ने 293 सीटों में से 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल को 80 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने राज्य में 293 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा और 2 सीटें जीतीं।कांग्रेस ने बंगाल में कुल 42.08 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें 12.96 करोड़ रुपए प्रचार और 29.12 करोड़ रुपए उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर लगाए गए। सीपीआई (एम) ने बंगाल में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 25, 2026 · 2 min · National Desk