इंदौर: मैच देखने पहुंचे दर्शकों के बीच हुआ विवाद, जमकर मारपीट; एक युवक को किया अर्धनग्न

इंदौर के होलकर स्टेडियम में मैच के दौरान दो युवकों के बीच जमकर मारपीट होने का मामला सामने आया है। मैच देखने पहुंचे युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। इस दौरान एक युवक के साथ मारपीट करते हुए उसे अर्धनग्न कर दिया गया। घटना का वीडियो अब सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 12, 2026 · 1 min · National Desk

एमपी में ओबीसी आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 27% आरक्षण रद्द; 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में होगी भर्ती

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2019 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले संशोधन कानून को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया है। अब प्रदेश में ओबीसी आरक्षण फिर 14 प्रतिशत रहेगा। अदालत ने सरकारी भर्तियों में रोके गए 13 प्रतिशत पदों को अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों से भरने के निर्देश दिए हैं।मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी), कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) और अन्य भर्ती एजेंसियों को तीन महीने में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ओबीसी पक्ष ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण 29 सितंबर 2022 से कई सरकारी भर्तियों में 87:13 प्रतिशत का फार्मूला अपनाया जा रहा था। इसके तहत 87 प्रतिशत पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी, जबकि बाकी 13 प्रतिशत पदों को अंतिम निर्णय तक रोककर रखा गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन पदों पर अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का रास्ता खुल गया है।ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का मामला कई वर्षों तक कानूनी विवाद में रहा। इस दौरान सरकारी भर्तियों में आरक्षण लागू करने और लंबित पदों पर नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं अपनाई गईं। इस पूरे विवाद की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं।तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने अध्यादेश के जरिए ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की पहल की।संशोधन कानून लागू हुआ। इसके बाद कानून की संवैधानिक वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।विवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 2 min · National Desk

वृंदावन: पानी का टैंक साफ करने उतरे गुरुकुलम के चार छात्रों की माैत, एक अस्पताल में भर्ती; जांच के आदेश

पानी के टैंक को साफ करने के लिए उतरे वृंदावन चैतन्य विहार सेक्टर-2 के पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम के 5 छात्र इसमें डूब गए। टैंक में बनी जहरीली गैस के कारण छात्र मनू कटारे (22), विशू शर्मा (19), आर्यन पांडेय (16) और 17 वर्षीय देवांश शर्मा माैत हो गई, जबकि रुद्राक्ष का उपचार चल रहा है। हादसे के बाद गुरुकुलम के संचालक माैके से भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। वाकया मंगलवार रात करीब 10 बजे का है। पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम की जगह एक साल पहले तक उमा कमला नाम से गेस्ट हाउस का संचालन होता था। आशीष शर्मा ने किराये पर जमीन लेकर गुरुकुलम का संचालन शुरू कर दिया। इसके पीछे करीब 12 फीट का एक पानी का टैंक है, जो गुरुकुल के संचालने से ही बंद है। गुरुकुल में करीब 200 से अधिक छात्र संस्कृत की पढ़ाई करते हैं। वर्तमान में यहां पर 100 छात्र रह रहे हैं। गुरुकुलम में कक्षा 6 से 12वीं तक की कक्षाएं चलती हैं।मंगलवार रात को गुरुकुलम के संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों से टैंक साफ करने के लिए कहा। इसके बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी मनु कटारे, देवांश शर्मा मेरठ निवासी विशू शर्मा, प्रयागराज निवासी आर्यन पांडेय और रुद्राक्ष टैंक की सफाई करने के लिए तैयार हो गए। सबसे पहले मनू कटारे टैंक का ढक्कर खोलकर उसमें उतर गये। थोड़ी ही देर में उसकी हालत खराब होने लगी।उन्हें बचाने के लिए बाकी के चार छात्र भी उसमें उतर गए। इससे वह भी टैंक में फंस गए। इससे वहां अन्य छात्रों ने मदद से लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले कृष्णा तिवारी माैके पर पहुंचे और टैंक से दो छात्रों को बाहर निकाला। इसके बाद अन्य आचार्य और छात् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 7, 2026 · 2 min · National Desk

वृंदावन: पानी का टैंक साफ करने उतरे गुरुकुलम के चार छात्रों की माैत, एक अस्पताल में; हादसे की जांच के आदेश

पानी के टैंक को साफ करने के लिए उतरे वृंदावन चैतन्य विहार सेक्टर-2 के पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम के 5 छात्र इसमें डूब गए। टैंक में बनी जहरीली गैस के कारण छात्र मनू कटारे (22), विशू शर्मा (19), आर्यन पांडेय (16) और 17 वर्षीय देवांश शर्मा माैत हो गई, जबकि रुद्राक्ष का उपचार चल रहा है। हादसे के बाद गुरुकुलम के संचालक माैके से भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। वाकया मंगलवार रात करीब 10 बजे का है। पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम की जगह एक साल पहले तक उमा कमला नाम से गेस्ट हाउस का संचालन होता था। आशीष शर्मा ने किराये पर जमीन लेकर गुरुकुलम का संचालन शुरू कर दिया। इसके पीछे करीब 12 फीट का एक पानी का टैंक है, जो गुरुकुल के संचालने से ही बंद है। गुरुकुल में करीब 200 से अधिक छात्र संस्कृत की पढ़ाई करते हैं। वर्तमान में यहां पर 100 छात्र रह रहे हैं। गुरुकुलम में कक्षा 6 से 12वीं तक की कक्षाएं चलती हैं।मंगलवार रात को गुरुकुलम के संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों से टैंक साफ करने के लिए कहा। इसके बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी मनु कटारे, देवांश शर्मा मेरठ निवासी विशू शर्मा, प्रयागराज निवासी आर्यन पांडेय और रुद्राक्ष टैंक की सफाई करने के लिए तैयार हो गए। सबसे पहले मनू कटारे टैंक का ढक्कर खोलकर उसमें उतर गये। थोड़ी ही देर में उसकी हालत खराब होने लगी।उन्हें बचाने के लिए बाकी के चार छात्र भी उसमें उतर गए। इससे वह भी टैंक में फंस गए। इससे वहां अन्य छात्रों ने मदद से लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले कृष्णा तिवारी माैके पर पहुंचे और टैंक से दो छात्रों को बाहर निकाला। इसके बाद अन्य आचार्य और छात् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 7, 2026 · 2 min · National Desk

सुर्खियां: सुप्रीम कोर्ट में सीईसी का केस; भारत-कनाडा व्यापार वार्ता; अविनाश मिश्रा जीते खतरों के खिलाड़ी 15

सुप्रीम कोर्ट में सीईसी ज्ञानेश कुमार के मामले की आज सुनवाई होगी, जिसमें उनके निलंबन की मांग की गई है। वहीं, जस्टिस भुइयां ने लाखों भारतीयों का वोट छीनने को संविधान को नकारने जैसा बताया है और कांग्रेस ने सीईसी को घेरा है। राज्यसभा चुनाव में कम विधायक होने के बावजूद अखिलेश यादव तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी में हैं, जिससे भाजपा और सपा के बीच क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हैं। उत्तराखंड में कुमारी सैलजा ने हरीश रावत को पत्र लिखकर व्यक्तिगत कार्यक्रमों को आगे न बढ़ाने को कहा है। महाराष्ट्र में संजय राउत एमपीएससी अध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े हैं और आंदोलन को पूरे महाराष्ट्र में फैलाने की बात कही है। भारत-कनाडा व्यापार वार्ता का पांचवां दौर कल से शुरू होगा और 2026 के अंत तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य है। खेल जगत में अविनाश मिश्रा ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विजेता बने हैं और उन्हें 20 लाख रुपये समेत कई इनाम मिले हैं। वहीं, विंडीज सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली के बल्ले से दम दिखने के बाद उनके अगले मुकाबले को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। जापान के ओकिनावा में महिला की हत्या के आरोप में अमेरिकी मरीन की गिरफ्तारी के बाद लोगों में गुस्सा है। मध्य प्रदेश के सागर का युवक प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन जाने के बाद 12 सितंबर से लापता है और परिजन उसकी तलाश में जुटे हैं। खरगे की टिप्पणी पर रिजिजू के सवाल से सियासी घमासान भी जारी है। देश-दुनिया, राजनीति, कारोबार, खेल और मनोरंजन से जुड़ी इन अहम खबरों पर एक नजर डालते हैं- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 5, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: क्या दलबदल कानून को और सख्त करने का आ गया समय, विश्लेषकों ने बताया इसका क्या रास्ता

पूर्णिमा त्रिपाठी: जो सिर्फ सत्ता देखकर पाला बदलते हैं वो कहीं भी रहेंगे पार्टी के लिए खतरा तो रहेंगे ही। हमने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ये देखा। आज ममता के साथ हुआ तो कल किसी और के साथ नहीं होगा ऐसा कोई नहीं कह सकता है। कल को ये भाजपा के साथ नहीं होगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। मुझे लगता है कि इसे रोकने के लिए तत्काल सदस्यता जाने जैसे प्रावधान लाने होंगे। राकेश शुक्ल: ये नैतिकता और सिद्धांत का विषय है। जिस दिन राजनीतिक दलों में नैतिकता आ जाएगी और वो के सिद्धांत को अपनाएंगी तो इस तरह के किसी कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी राजनीतिक दलों को एक सिद्धांत तय करेगा। आज जरूरत ये नहीं है कि कानून को सख्त किया जाए, लेकिन ये राजनीतिक दलों को तय करना पड़ेगा। क्योंकि दंड ही हर चीज का समाधान नहीं होता है। अजय सेतिया: पार्टियां किसी की मिल्कियत जैसे हो गई हैं। अगर ये खत्म हो जाए तो किसी को दलबदल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। नैतिकता का जहां तक सवाल है तो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार तक के समय तक के उदाहण आपको मिलेंगे। उसके बाद के दौर में नैतिकता का सियासत में कोई स्थान नहीं रह गया। दलबदल कानून को बदलने या उसे कठोर या ढीला करने के बजाय पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र पर काम किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। विनोद अग्निहोत्री: दलबदल कानून तब बना था जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। तब उनके पास 400 से ज्यादा सांसद थे। यानी, उनके दल के पास टूटने का खतरा नहीं था। अटल बिहारी वाजपेयी के समय इसमें संसोधन हुआ और एक तिहाई की जगह दो तिहाई वाला प्रावधान आया। लोकतंत्र की बात करें तो किस पार्टी में आंतरिक लोकतांत्रिक है ये देखना होगा। कुछ एक उदाहरण के आलाव आपको …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा का तूफान: भारत के लिए जड़ा सबसे तेज शतक, रोहित के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा का तूफान: भारत के लिए जड़ा सबसे तेज शतक, रोहित के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक ने शतक लगाया। भारत ने इसके साथ ही पावरप्ले में अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। अभिषेक ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए पहले 16 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और फिर 30 गेंदों पर शतक लगाया। टेस्ट खेलने वाले देशों में किसी बल्लेबाज का टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह सबसे तेज शतक है। पावरप्ले में ही पार किया 100 रनों का आंकड़ा भारत को अभिषेक और संजू सैमसन ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले ही ओवर से धुआंधार बल्लेबाजी की। सबसे पहले अभिषेक ने गेंदबाजों को निशाने पर लेना शुरू किया और इसके बाद सैमसन ने भी हाथ खोले। इन दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही 100 रनों का आंकड़ा पार करा दिया। भारत का पावरप्ले में यह अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। भारतीय टीम इससे पहले कभी पावरप्ले में 100 रन नहीं बना सकी थी। रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा अभिषेक का यह शतक भारत के लिए टी20 में किसी बल्लेबाज का सबसे तेज सैकड़ा है। इससे पहले ये रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था जिन्होंने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ इंदौर में खेले गए मैच में 35 गेंदों पर शतक लगाया था। किसी टेस्ट नेशन देश के बल्लेबा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: 21 राज्यों में UCC लागू करने का भाजपा ने बनाया प्लान, 2029 तक इसे जमीन पर उतारने की क्या है योजना?

किन राज्यों में यूसीसी की दिशा में कदम बढ़े? अब तक चार भाजपा शासित राज्यों ने यूसीसी से जुड़े कानून पारित किए हैं, उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है, जबकि बाकी राज्यों में कानून लागू होने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं गोवा- राज्य में 1867 से समान सिविल कोड लागू है। उत्तराखंड उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू है। इसमें शादी, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार के लिए समान नियम हैं। बहुविवाह पर रोक और शादी का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी इसमें खास प्रावधान हैं। जोड़ों को लिव-इन रिलेशनशिप और उसके खत्म होने का पंजीकरण कराना होता है। ऐसे संबंधों से जन्मे बच्चों को वैध माना गया है। गुजरात गुजरात विधानसभा ने 24 मार्च 2026 को यूसीसी बिल पारित किया। इसका मॉडल काफी हद तक उत्तराखंड जैसा है। इसमें शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान हैं और बहुविवाह पर रोक का प्रावधान है। असम असम ने मई 2026 में यूसीसी बिल पारित किया। इसमें शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को शामिल किया गया है। बहुविवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण का प्रावधान भी है। मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश विधानसभा ने जुलाई 2026 में यूसीसी बिल पारित किया। इसमें शादी, तलाक और उत्तराधिकार के साथ गोद लेने से जुड़े प्रावधान भी हैं। इसमें ट्रिपल तलाक और निकाह हलाला से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख है। बहुविवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण का प्रावधान भी है। पश्चिम बंगाल राज्य सरकार ने यूसीसी लागू करने की घोषणा की है। सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

सुर्खियां: 15 राज्यों में बारिश, तूफान का अलर्ट; पाकिस्तान में भारत विरोधी साजिश; बंगाल में बाल विवाह पर सख्ती

मौसम फिर करवट लेने वाला है, 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बंगाल में बाल विवाह रोकने के लिए सख्त नीति अपनाई गई है, जिसमें पति के साथ काजी और पुरोहित पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। दिल्ली पीजी हादसे में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए और हरिराम व उनकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। हादसे के बाद हॉस्टल के समझौते में छात्रों को ही जिम्मेदार ठहराने की बात सामने आई। अमर उजाला शब्द सम्मान के आठवें पड़ाव के लिए नामांकन शुरू हो गया है, 30 सितंबर तक प्रविष्टियां भेजी जा सकती हैं। उधर, पाकिस्तान में आतंकियों की ड्रोन हमलों की साजिश और जैश मुख्यालय में दो महीने के प्रशिक्षण का खुलासा हुआ है। लेबनान में इस्राइली हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि हूती लड़ाकों ने सऊदी विमान गिराने का दावा किया। भारत-बांग्लादेश के बीच ट्रेन सेवाएं जल्द बहाल होने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शांति भारत की ताकत है, कमजोरी नहीं और सेना को खुली छूट के साथ संसाधन दिए जाएंगे। सीरिया में 73 टन परमाणु सामग्री मिलने की आईएईए की रिपोर्ट भी सामने आई है। मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब कांड में एक और मौत से आंकड़ा 13 पहुंच गया है। वहीं, बिग बॉस 20 में अरिश्फा खान ने घरवालों को चेतावनी दी। क्रिकेट में गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच ने शुभमन गिल की कप्तानी और हार्दिक पांड्या से उनकी तुलना पर बात की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 8, 2026 · 2 min · National Desk

सागर जहरीली शराब कांड: मेथेनॉल की मिलावट का खुलासा, तभी शरीर में फैला तेजी से जहर; गटकने से दम तोड़ते गए लोग

सागर जिले के बंडा क्षेत्र के गांवों में नकली और जहरीली शराब पीने से मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। करीब 109 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। इस बीच शराब में मेथेनॉल की मिलावट की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि अधिक मुनाफा कमाने के लालच में शराब में मेथेनॉल मिलाया गया। लोगों का हाल जानने पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने भी मेथेनॉल मिलावट की बात कही। उन्होंने बताया कि मेथेनॉल मिलाने से शराब की एक पेटी, जिसकी कीमत करीब 2200 रुपये होती है, उसकी लागत करीब 700 रुपये रह जाती है। ज्यादा मुनाफे के लालच में ऐसी शराब खरीदकर बेची गई। शरीर में जाकर जहरीला बनता है मेथेनॉल मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। इसका उपयोग सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ रसायनों के निर्माण में होता है। शराब में मेथेनॉल की मिलावट बेहद खतरनाक हो सकती है। इसे पीने के बाद व्यक्ति की तबीयत तेजी से बिगड़ सकती है और गंभीर स्थिति में मौत भी हो सकती है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिसिन एवं पल्मोनरी विशेषज्ञ डॉ. सौरभ जैन के अनुसार, मेथेनॉल शरीर में जाने के बाद फॉर्मेलडिहाइड और फिर फॉर्मिक एसिड में परिवर्तित होता है। ये पदार्थ शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं। इससे आंखों, दिमाग और अन्य अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है और व्यक्ति की सांसें उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 7, 2026 · 2 min · National Desk