ईडी के घेरे में आजम: ठेकों की रकम से सरकारी निर्माण, बदला स्वामित्व; खूब बरसी विधायक निधि; जल निगम था मेहरबान सरकारी धन से बने पंडाल का स्वामित्व विश्वविद्यालय को सौंपे जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। ईडी की करीब चार साल की जांच के बाद एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सरकारी धन के इस्तेमाल से लेकर निर्माण कार्यों और संपत्तियों के स्वामित्व तक की परतें जांच के दायरे में हैं। सरकारी ठेकों की रकम से लेकर जल निगम और विधायक निधि के बजट तक, जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित इस्तेमाल के मामले में शिकंजा कस दिया है। ईडी की रिपोर्ट में सरकारी ठेके हासिल करने वाली एक कंपनी के जरिये 55.8 करोड़ रुपये के कथित इस्तेमाल, जल निगम के 23.41 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों और विधायक निधि से खर्च हुए 6.60 करोड़ रुपये का जिक्र किया गया है। सरकारी ठेकों की रकम का 30 फीसदी यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगा ईडी का आरोप है कि सरकारी विभागों से ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों के माध्यम से जौहर विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण सामग्री पहुंचाई गई। रिपोर्ट में एक कंपनी के प्रबंध निदेशक के बयान का हवाला देते हुए बताया गया है कि संबंधित कंपनी को वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2016-17 के बीच करीब 186 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके मिले थे। ईडी के अनुसार, इन ठेकों से प्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...