असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद कानूनी लड़ाई तेज होने के संकेत हैं। इस मामले में सबसे पहले पुलिस शिकायत दर्ज कराने वाले वकील रतुल बोरा ने कहा है कि वह गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की चार्जशीट में कमियां होने के कारण आरोपियों को एक के बाद एक जमानत मिल रही है। बोरा ने मामले की कानूनी कार्रवाई में राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। रतुल बोरा ने शनिवार को असम के मोरीगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग करेंगे, जिसके तहत दो आरोपियों को जमानत दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वह शीर्ष अदालत से अपील करेंगे कि मामले के बाकी आरोपियों को जमानत न मिले। जिन दो आरोपियों को जमानत मिली है, उनमें गायक के बैंड की सदस्य और गायिका अमृतप्रभा महंत तथा उनके चचेरे भाई और निलंबित असम पुलिस उपाधीक्षक संदीपन गर्ग शामिल हैं।रतुल बोरा का आरोप है कि पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में कमियां होने के कारण आरोपियों को अदालत से राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्यवाही में राज्य सरकार की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है। बोरा ने साफ किया कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देंगे। साथ ही वह कोशिश करेंगे कि मामले में जेल में बंद अन्य आरोपियों को जमानत न मिले। ये आरोप वकील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए हैं। हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के उनके फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।इस मामले में अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग के अल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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