अंतरवाली सराटी गांव जालना जिले की अंबड तहसील में स्थित है। यहां सूखे की स्थिति को देखते हुए पंकजा मुंडे ने सरकार के ‘गांव गोद लेने के अभियान’ के तहत इसे चुना है। जिले में कुल 154 गांव सूखे की चपेट में हैं। शुक्रवार को जिला संरक्षक मंत्री पंकजा मुंडे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सूखे से निपटने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को राहत देने और गांवों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।अंतरवाली सराटी गांव मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल के अनशन और विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब सूखे की समस्या के बीच यह गांव विकास योजनाओं के कारण चर्चा में है। पंकजा मुंडे ने इसे गोद लेकर यहां बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने और किसानों की मदद करने पर जोर दिया है। अधिकारियों को अगले महीने गांव का दौरा करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गांव के लिए किसी विशेष बजट या विकास कार्यों की निश्चित समयसीमा का उल्लेख नहीं है।जालना जिले के कुल 154 गांव सूखे से प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में किसानों की फसल, पानी की उपलब्धता और रोजमर्रा की जरूरतें अहम हो जाती हैं। पंकजा मुंडे ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर लाभ मिल सके। समीक्षा बैठक में सूखे के प्रभाव को कम करने के उपायों पर चर्चा हुई। गांवों में पानी की उपलब्धता और किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है।पंकजा मुंडे ने अधिकारियों को फसल बीमा के दावों में पारदर्शिता और सटीकता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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