बंगाल: भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में सीएम शुभेंदु की दो टूक, बोले- साधुओं का अपमान करने वालों को भेजेंगे जेल

कोलकाता में आयोजित भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने लोगों से बिना डर भगवद्गीता का पाठ करने की अपील की और कहा कि राज्य में अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में किसी साधु या संत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग साधुओं का अपमान करेंगे, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में धार्मिक बयानों और संतों को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आते रहे हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को ‘टीका’, ‘शिखा’, ‘धोती’ और ‘तुलसी’ से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य ‘गौमाता’ की रक्षा करना है। उन्होंने लोगों से अपनी धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को लेकर बिना डर आगे आने की अपील की।शुभेंदु अधिकारी इससे पहले भी बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने सितंबर में कहा था कि उनकी सरकार राज्य में पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 1 min · National Desk

सेना प्रमुख: 'जमीनी स्थिति ही सैन्य अभियान की सफलता का पैमाना'; सोशल मीडिया दुष्प्रचार पर क्या बोले धीरज सेठ?

नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को रक्षा उत्पादन में इतना सक्षम होना चाहिए कि जरूरी क्षमताओं के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने आत्मनिर्भरता का मतलब बताते हुए कहा कि भारत में डिजाइन, विकास, निर्माण, रखरखाव और अपग्रेड की पूरी क्षमता विकसित होनी चाहिए। साथ ही देश को दुनिया के लिए रक्षा उपकरण बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। आधुनिक युद्ध में सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों की भूमिका का जिक्र करते हुए जनरल सेठ ने कहा कि दुनियाभर के संघर्षों से जुड़ी सूचनाएं लगातार सोशल मीडिया पर सामने आती हैं। उनके मुताबिक, इन सूचनाओं और अलग-अलग नैरेटिव के बीच वास्तविक युद्ध की तस्वीर धुंधली हो सकती है और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।सेना प्रमुख ने कहा कि तकनीक और आधुनिक क्षमताओं के बावजूद एक चीज नहीं बदली है। उनके अनुसार, युद्ध में सफलता का ठोस और उपयोगी पैमाना जमीन ही है। उन्होंने कहा कि जीत को क्षेत्रीय नियंत्रण के आधार पर मापा जाता है और जमीन पर कब्जा, सुरक्षा और रक्षा सैनिक ही करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य तकनीक विकसित करते समय सबसे अहम सवाल यह होना चाहिए कि नई क्षमता जमीन पर मौजूद सैनिक की कितनी मदद करती है। उनके मुताबिक, सैनिक को क्षमता विकास के केंद्र में रखा जाना चाहिए।जनरल धीरज सेठ ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज के संघर्षों में लंबे समय तक चलने वाले युद्ध और बीच-बीच में तेज लड़ाई के दौर देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक लड़ाई की अवधि कम कर सकती है, लेकिन जरूरी नहीं कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

सीएम मोहन यादव ने अपने ही घर पर क्यों चलाई गैंती?: भावुक होकर बोले- जिस घर में बचपन बीता उसे तोड़ना आसान नहीं

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अपने पैतृक घर पहुंचे। उन्होंने घर के बाहर पूजा-अर्चना की और इसके बाद खुद गैंती चलाकर मकान का हिस्सा तोड़ा। अपने जन्मस्थान और बचपन की यादों से जुड़े घर को विकास कार्य के लिए समर्पित करते समय मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस घर में जन्म लिया, छोटे से बड़े हुए और खेले-कूदे, उसे तोड़ना पड़े तो मन पर असर होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर सिंहस्थ के लिए यह जरूरी है तो विकास के लिए यह बलिदान देना चाहिए। हम सब मिलकर यह काम कर रहे हैं। पूरा देश देख रहा है कि लोग दूसरों की सुविधा के लिए अपने मकान पीछे हटा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब वे पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आए और जॉइंट सेक्रेटरी तथा फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा, तब से उनके सामने हमेशा यह बात रही कि आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दृष्टि से उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक विषयों को प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने अपने मकान खुद पीछे हटाए हैं। उज्जैन की आबादी करीब 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ के दौरान करीब 40 करोड़ लोगों के आने का बोझ रहता है। सभी ने इसमें योगदान दिया है। उन्होंने अपनी सरकार को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि बिना भेदभाव के हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई और पारसी समुदाय के लोगों ने अपने देवस्थान तक पीछे किए हैं। इससे सरकार के प्रति विश्वास बनता है। यही उज् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

विश्व पर्यटन दिवस: दिल को छू लेने वाली है विदेशी महिला सैलानी और ऑटो चालक की एक वीडियो, लाखों व्यूज और लाइक्स

दिल्ली में एक विदेशी पर्यटक और ऑटो रिक्शा चालक के बीच हुई दिल छू लेने वाली घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। यात्रा कंटेंट क्रिएटर तारा इंग्राम द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि ऑटो चालक ने किराया लेने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद महिला ने आभार स्वरूप उन्हें 2,000 रुपये दिए। यह वीडियो लाखों व्यूज और लाइक्स हासिल कर चुका है। तारा इंग्राम ऑटो से सफर कर रही थीं। गंतव्य पर पहुंचने पर उन्होंने चालक से कहा कि उनके पास छुट्टे पैसे नहीं है। वे किराया देने के लिए चेंज मांग रही थीं। ऑटो चालक ने मुस्कुराते हुए हिंदी में जवाब दिया, कोई बात नहीं, जाइए आप। फिर अंग्रेजी में आश्वस्त करते हुए कहा, डोंट वरी। तारा हैरान रह गईं। उन्होंने दोबारा पूछा, आर यू स्योर? चालक ने फिर दोहराया कि कोई समस्या नहीं।पास खड़े एक व्यक्ति ने बातचीत सुन ली और मदद के लिए आगे आए। तारा ने उन्हें अनुवादक बनाकर चालक को धन्यवाद कहने को कहा। उनसे कहें कि मैं उन्हें 2,000 रुपये देना चाहती हूं। उनसे कहें कि मैं उनके लिए कुछ अच्छा करना चाहती हूं। अनुवादक ने बात पहुंचाई। तारा ने 2,000 रुपये चालक को सौंप दिए। चालक खुशी से भर गए और शुक्रिया अदा किया। तारा ने आशीर्वाद देते हुए कहा, आपका परिवार सुखी रहे।इस बातचीत को लेकर ऑनलाइन कई भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिनमें से कई यूजर्स दोनों के बीच साझा की गई दयालुता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि, दयालुता हमेशा, हमेशा, हमेशा जीतती है। दूसरे यूजर ने लिखा कि, भारत से प्यार भेज रहा हूं।तीसरे यूजर ने लिखा कि, भगवान आपका भला करे, बहन। चौथे यूजर ने लिखा कि भारत अद्भुत है। पांचवें यूजर ने लिखा कि अच्छे दिल वाल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

पहाड़ से मैदान तक बाढ़: यूपी में आफत की बारिश, 58 मौत; पहाड़ पर बर्फ, दिल्ली में गिरा पारा; चारधाम यात्रा रुकी

पहाड़ों से लेकर मैदानी राज्यों तक मूसलाधार बारिश से चौतरफा आफत है। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यूपी में भारी बारिश के चलते दीवार ढहने, पेड़ व पोल गिरने जैसे हादसों में 58 लोगों की जान चली गई। वहीं 117 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। 29 सितंबर से मौसम साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री व न्यूनतम पारा 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पहाड़ों पर बारिश व बर्फबारी का असर दिल्ली में भी दिखा और 12 दिन बाद हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी। अधिकतम तापमान 3.8 डिग्री गिरकर 29.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तेज हवाएं चलने से लोगों को सिहरन महसूस हुई। उधर, यूपी के 10 जिले ऐसे रहे, जहां शनिवार को 200 मिमी से अधिक बारिश हुई। पिछले दो दिनों में पूरे राज्य में आैसत से 19 गुना ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, छत्तीसगढ़ में रायपुर को पाटन, दुर्ग और भिलाई से जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग डूब गए हैं। झारखंड में खराब मौसम के चलते रांची से छह उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।दिल्ली-एनसीआर में रविवार और सोमवार को भी बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है। कुछ जगहों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 30-33 डिग्री रह सकता है। धारचुला और किन्नौर में पहली बर्फबारी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश एवं भूस्खलन से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड में बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। धारचुला और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। चारधाम यात …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

सुर्खियां: आतंकवाद पर पाकिस्तान को भारत की खरी-खरी; बिहार के डीजीपी ने वीआरएस लिया; असम में युवती का शव बरामद

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों में आज राजनीति, अपराध, मौसम, शिक्षा, कारोबार, तकनीक, ऑटोमोबाइल, मनोरंजन और खेल से जुड़ी कई अहम खबरें सुर्खियों में हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाया है। वहीं मतदाता सूची से नाम हटाने के नोटिस के बाद चुनाव आयोग ने बीएलओ को घर-घर भेजने और दावे-आपत्तियों के लिए समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है। बिहार में डीजीपी विनय कुमार के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर मुख्य सूचना आयुक्त बनने की खबर भी चर्चा में है। असम में युवती की मौत का मामला और कथित ‘लव जिहाद’ से जुड़े सवाल सुर्खियों में हैं। मौसम की बात करें तो उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है, जबकि ओडिशा में भारी बारिश से हालात बिगड़े हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राजस्थान में दो करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में एसीबी की कार्रवाई भी चर्चा में है। शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले से जुड़ी खबर अहम है। कारोबार में एपल के पेटेंट उल्लंघन मामले और त्योहारी सीजन में नई कारों की लॉन्चिंग पर नजर है। मनोरंजन जगत में ‘वीकेंड का वार’ से जुड़े विवाद और सलमान खान की फटकार चर्चा में है। खेल में शतरंज ओलंपियाड में भारत की पुरुष और महिला टीमों के प्रदर्शन से जुड़ी खबरें प्रमुख हैं। अमर उजाला के इस लिंक पर राजनीति, अपराध, मौसम, कारोबार, शिक्षा, तकनीक, ऑटोमोबाइल, मनोरंजन और खेल जगत की तमाम प्रमुख खबरें एक ही क्लिक में पढ़ें… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

'एआई आशा के साथ चिंता भी': जयशंकर बोले- देश अपने सिस्टम विकसित करने को स्वतंत्र, दुरुपयोग से आगाह कर क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र महासभा में शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर भारत का नजरिया साफ किया। उन्होंने कहा कि हर देश को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपनी प्राथमिकताओं के हिसाब से एआई सिस्टम विकसित करे और तय करे कि उनका इस्तेमाल किस तरह किया जाए। जयशंकर ने बदलती दुनिया में देशों की ज्यादा भागीदारी और उनकी आवाज को महत्व देने की भी पैरवी की। जयशंकर ने कहा, ‘हम हर देश के अपने इकोसिस्टम को आकार देने के अधिकार में विश्वास करते हैं।’ एआई मॉडल के विकास और उनके इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा कि देशों को अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों के मुताबिक फैसले लेने की आजादी होनी चाहिए। यानी दुनिया के सभी देशों के लिए एआई को विकसित करने और इस्तेमाल करने का कोई एक ही मॉडल जरूरी नहीं है।विदेश मंत्री ने एआई को ऐसी तकनीक बताया जो लोगों को सशक्त बना सकती है, आर्थिक विकास को गति दे सकती है और बड़े स्तर की समस्याओं से निपटने में मदद कर सकती है। उन्होंने फरवरी में भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट का भी जिक्र किया। जयशंकर ने कहा कि भारत एआई को ग्लोबल साउथ के साथ अपनी साझेदारियों का हिस्सा बनाना चाहता है। हालांकि, उन्होंने एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी भी दी। उनके मुताबिक, इसका दुरुपयोग पूर्वाग्रह को और गहरा कर सकता है और आपसी सम्मान को कमजोर कर सकता है। जिस तकनीक से कभी उम्मीदें जुड़ी थीं, वही अब चिंता का कारण भी बन रही है।जयशंकर के बयान में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को खास जगह मिली। उनका कहना था कि किसी देश को यह तय करने की आजादी होनी चाहिए कि वह कौन-से एआई मॉडल विकसित करना चाहता है और उन्हें किस तरह इस्तेमाल करेगा। यानी एआई के क्षेत्र में सभी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

मौसम का हाल: यूपी में तेज हवाओं के साथ आई आफत की बारिश, आज भी कई जिलों के लिए चेतावनी; कल से कमी आने के आसार

उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश ने आफत का रूप ले लिया। तराई , बुंदेलखंड और अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई और करीब 10 जिलों में 200 मिलीमीटर से अधिक पानी बरसा। बारिश के असर से कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के संकेत हैं। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।शनिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 मिलीमीटर बारिश हुई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार शाम तक भी नहीं थमा। इतना बरसा कि बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। कई जगह कच्चे मकान ढह गए। जगह-जगह पेड़, पोल गिरने से रास्ते बाधित हो गए। बिजली के पोल उखड़ने और लाइन टूटने से आपूर्ति बाधित हुई।बारिश के कारण हुए हादसों में प्रदेश भर में 57 लोगों की जान चली गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश के स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

कुदरत का कहर: यूपी में 57 जिंदगियां लील गई मूसलाधार बारिश, मकान-पेड़ गिरे; पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट

1 of 5 यूपी में 57 जिंदगियां लील गई मूसलाधार बारिश - फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी। बारिश के कारण हुए हादसों में प्रदेश भर में 57 लोगों की जान चली गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश के संकेत हैं। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार शाम तक भी नहीं थमा। इतना बरसा कि बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। कई जगह कच्चे मकान ढह गए। जगह-जगह पेड़, पोल गिरने से रास्ते बाधित हो गए। बिजली के पोल उखड़ने और लाइन टूटने से आपूर्ति बाधित हुई। 2 of 5 बारिश से गिरा घर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी। कानपुर में 45 साल का रिकार्ड टूटा शनिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 मिमी बारिश हुई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बांदा और हमीरपुर में एक दिन की बारिश का अब तक का रिकार्ड टूट गया। हमीरपुर में 210 मिमी और बांदा में 245.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कानपुर में 45 साल का रिकार्ड टूटा। 175.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश से हुए हादसों में सबसे ज्यादा 26 मौतें अवध के जिलों में हुईं। इनमें सीतापुर में छह, बहराइच में पांच, बलरामपुर, अयोध्या में चार-चार, बाराबंकी में तीन, गोंडा में दो, अमेठी व श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत शामिल है। ब्रज के क्षेत्र मैनपुरी में दो और एटा में एक की जान गई है। लखीमपुर खीरी में छह, गोरखपुर में पांच की मौत हुई है। हरदोई में चार, हमीरपुर में तीन और महोबा, बांदा, जौनपुर, संतकबीरनगर, प्रयागराज, प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 26, 2026 · 2 min · National Desk

कूटनीति: रूस ने भारत को यूएनएससी का स्थायी सदस्य बनाए जाने का समर्थन किया, सुरक्षा परिषद में फिलहाल कितने देश?

संयुक्त राष्ट्र के मंच पर रूस ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सदस्यता के लिए रूस ने भारत की दावेदारी का समर्थन किया है। वहीं, रूस ने पश्चिमी देशों के लिए अतिरिक्त स्थायी सीटें आवंटित किए जाने का विरोध भी किया है। लावरोव ने पश्चिमी देशों का विरोध क्यों किया? रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की 81वीं बैठक के दौरान कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के तहत वैश्विक दक्षिण, खासकर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। लावरोव ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के तहत पश्चिमी देशों के लिए कोई अतिरिक्त सीट आवंटित नहीं की जानी चाहिए। खासकर जर्मनी और जापान के लिए, जो इस समय सैन्यवाद और बदले की भावना की राह पर हैं। रूस ने यूएन में भारत के समर्थन में क्या कहा? उन्होंने कहा, हम एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के पक्ष में हैं। हम स्थायी सीट के लिए ब्राजील और भारत की दावेदारी का समर्थन करते हैं। रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के दौरान एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधित्व को बढ़ाया जाना चाहिए। रूस ने स्थायी सीट के लिए भारत और ब्राजील की दावेदारी का समर्थन किया है। यूएनएससी का ढांचा कैसा, अभी कितने सदस्य देश हैं? गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कुल 15 देश शामिल हैं। इनमें से कुछ देशों की सदस्यता स्थायी है, जबकि कुछ अन्य देश अस्थायी सदस्य हैं। स्थायी सदस्यों में चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। स्थायी सदस्यता इसलिए अहम है क्योंकि इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 26, 2026 · 2 min · National Desk