नागा समुदाय के कितने घर जलाए गए? रविवार को म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पिलोंग और स्काइप गांवों में अज्ञात उपद्रवियों ने नागा समुदाय के लोगों के 13 खाली घरों में आग लगा दी। पुलिस के एक बयान में कहा गया, इस घटना के संबंध में जरूरी सुरक्षा उपाय किए गए हैं। म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित पिलोंग समेत नागा गांवों पर पहले भी हमले हुए थे। इसके बाद इन घरों को खाली कर दिया गया था। गोलीबारी में कौन-कौन घायल हुआ? एक अन्य घटना में रविवार सुबह दो लोग घायल हो गए। अज्ञात हथियारबंद उपद्रवियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर ग्वालटाबी और महादेवा के बीच जा रही एक कार पर गोलीबारी की। यह घटना उखरुल जिले में लितान थाने के अधिकार क्षेत्र में हुई। कुकी समुदाय के गांव में क्या हुआ? इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात कामजोंग जिले के चासाद गांव में कुकी समुदाय के 15 घरों में आग लगा दी गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। उन्होंने जंगलों और पास के सेना शिविर में शरण ली। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव पर हमला किया और घरों में आग लगा दी। हमले में कितने लोगों की मौत हुई? यह घटना गांव पर हुए एक हमले में कुकी समुदाय के एक आम नागरिक की मौत और चार अन्य लोगों के गोली लगने से घायल होने के कुछ घंटे बाद हुई। पुलिस ने कहा कि प्रभावित इलाके में स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तैनात की गई है। उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा? उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद में हुई हिंसा की निंदा की। उन्होंने कुकी समुदाय के नागरिक की मौत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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