1 of 7 मां महागौरी - फोटो : AI Link Copied 2 of 7 मां महागौरी का स्वरूप और धार्मिक महत्व - फोटो : Amar Ujala मां महागौरी का स्वरूप और धार्मिक महत्व मां महागौरी को नवदुर्गा का आठवां स्वरूप माना जाता है। इनका वर्ण अत्यंत गौर और आभा चंद्रमा के समान उज्ज्वल बताई गई है। देवी के वस्त्र और आभूषण भी सफेद रंग के माने जाते हैं, इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा जाता है। मां महागौरी का वाहन वृषभ यानी बैल है, जिसके कारण उनका एक नाम वृषारूढ़ा भी है। देवी की चार भुजाएं हैं। उनके एक दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और दूसरे में त्रिशूल होता है। बाएं हाथों में डमरू और वर मुद्रा सुशोभित हैं। अभय मुद्रा भक्तों को भय से मुक्ति का संदेश देती है, जबकि वर मुद्रा कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है। 3 of 7 मां महागौरी की पूजा विधि - फोटो : Amar Ujala मां महागौरी की पूजा विधि महाष्टमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो सफेद रंग के कपड़े पहनें। पूजा स्थल की सफाई कर गंगाजल छिड़कें और दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लें। इसके बाद मां महागौरी की प्रतिमा या तस्वीर को प्रणाम करें। देवी को गंगाजल अर्पित करें और सफेद या गुलाबी फूल, अक्षत, रोली तथा धूप-दीप चढ़ाएं। मां को सफेद वस्त्र या चुनरी अर्पित कर श्रद्धापूर्वक उनकी पूजा करें। पूजा के दौरान देवी के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करके अपनी मनोकामना व्यक्त करें। 4 of 7 मां महागौरी के प्रिय भोग - फोटो : Amar Ujala मां महागौरी को क्या भोग लगाएं? मां महागौरी को नारियल और नारियल से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद भी अर्पित कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
दुर्गा अष्टमी 2026: महाष्टमी पर करें मां महागौरी की आराधना, जानें पूजा विधि, कथा, भोग, मंत्र और आरती
1 of 7 मां महागौरी - फोटो : AI Link Copied 2 of 7 मां महागौरी का स्वरूप और धार्मिक महत्व - फोटो : Amar Ujala मां महागौरी का स्वरूप और धार्मिक महत्व मां महागौरी को नवदुर्गा का आठवां स्वरूप माना जाता है। इनका वर्ण अत्यंत गौर और आभा चंद्रमा के समान उज्ज्वल बताई गई है। देवी के वस्त्र और आभूषण भी सफेद रंग के माने जाते हैं, इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा जाता है। मां महागौरी का वाहन वृषभ यानी बैल है, जिसके कारण उनका एक नाम वृषारूढ़ा भी है। देवी की चार भुजाएं हैं। उनके एक दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और द