कैसे होगी स्पैम कॉल की पहचान?: ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए जारी किए नए नियम; आप खुद भी कर सकते हैं शिकायत

मोबाइल पर आने वाली स्पैम और परेशान करने वाली कॉल को रोकने के लिए अब टेलीकॉम कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने ऐसे नए नियम जारी किए हैं, जिनके तहत टेलीकॉम कंपनियों को अपने एआई और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम से संदिग्ध स्पैम कॉल की पहचान होने के बाद खुद कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए ग्राहक की ओर से अलग से शिकायत करना जरूरी नहीं होगा। नियमों के तहत स्पैमर की पहचान होने पर उसका दोबारा केवाईसी कराया जाएगा और उल्लंघन मिलने पर फोन कनेक्शन तक काटा जा सकता है। नए नियमों में ट्रूकॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप या इसी तरह की सेवाओं को उन नंबर सीरीज से आने वाली कॉल को टैग, ब्लॉक या फिल्टर करने से रोका गया है, जिन्हें प्राधिकरण ने इस तरह के इस्तेमाल के लिए निर्धारित किया है। इसमें 160 से शुरू होने वाली नंबर सीरीज और केंद्र सरकार की व्यावसायिक तथा सरकारी संचार के लिए निर्धारित नंबर शामिल हैं। हालांकि ग्राहक अपने फोन में अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी कॉल को फिल्टर या ब्लॉक कर सकेंगे। इसके अलावा सभी श्रेणियों के टेलीमार्केटिंग कॉल को रोकने के लिए ग्राहक 1909 पर ‘BLOCK PROMO’ लिखकर एसएमएस भेज सकेंगे। यह विकल्प केवल प्रमोशनल कमर्शियल कम्युनिकेशन को रोकेगा, लेनदेन, सेवा और सरकारी संचार को नहीं। पुराने ‘FULLY BLOCK’ विकल्प में दर्ज सभी प्राथमिकताओं को 15 दिनों के भीतर ‘BLOCK PROMO’ श्रेणी में स्थानांतरित किया जाएगा। नए नियमों को अधिसूचना की तारीख से 30 से 90 दिनों के चरणों में लागू किया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक किसी टेलीकॉम कंपनी के एआई या मशीन लर्निंग सिस्टम ने किसी आने वाली कॉल को संदिग्ध स्पैम के रूप में चिन्हित किया, तो उस क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 29, 2026 · 2 min · National Desk

'केरल-हिमाचल में कैसे बनी सरकार': कांग्रेस पर बरसे चिराग, बोले- गांधी की जीत पर सवाल क्यों नहीं; विवाद क्यों?

चिराग ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन राज्यों को तो देखता है जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन या भाजपा की सरकार बनी है, लेकिन उन राज्यों को नहीं देखता जहां उसकी अपनी सरकारें हैं। उन्होंने सवाल किया कि केरल में उनकी सरकार कैसे बनी और हिमाचल प्रदेश में उनकी सरकार कैसे काम कर रही है। केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे की सरकार बनी है, जबकि हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार है।चिराग पासवान ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि किसी जगह चुनावी प्रक्रिया को गलत बताया जाए और दूसरी जगह उसी प्रक्रिया को सही माना जाए। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगर सवाल उठाने हैं तो उन्हें सही तरीके से उठाया जाना चाहिए। आलोचना में एक ही तरह का नजरिया होना चाहिए।केंद्रीय मंत्री चिराग ने विपक्ष से सवाल किया कि अगर एसआईआर इतना बड़ा मुद्दा है तो प्रियंका गांधी कैसे चुनाव जीत गईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष उन जगहों पर चुप रहता है जहां उसके उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं। प्रियंका गांधी वर्तमान में केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं।चिराग की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच चिराग ने पहले भी कहा था कि आयोग को लोगों के मन में पैदा हो रहे संदेह दूर करने के लिए अपनी स्थिति साफ तौर पर रखनी चाहिए। एनडीए के कुछ अन्य सहयोगी दलों ने भी चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 28, 2026 · 2 min · National Desk

यूपीआई एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?: स्टे से अदालत का इनकार, केंद्र व आरबीआई से मांगा गया जवाब

देश भर में डिजिटल पेमेंट क्रांति का मुख्य आधार बने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से होने वाले बड़े व्यावसायिक लेन-देन पर शुल्क लगाने की केंद्र सरकार की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने 14 और 15 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्रित अधिसूचनाओं के क्रियान्वयन पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ? मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और यूपीआई व सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी को नोटिस जारी कर इस निर्णय का विधिक आधार स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। यह मामला अंजन दत्ता बनाम भारत संघ का है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि ₹2,000 से अधिक के व्यावसायिक लेन-देन पर शुल्क लगाने से अर्थव्यवस्था में नकदी और काले धन के लेन-देन में बढ़ोतरी हो सकती है, और व्यापारी इस अतिरिक्त लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाल सकते हैं। यह न तो कोई कर है और न ही कोई सरकारी शुल्क, इसमें से एक भी रुपया सरकार के खाते में नहीं जाता। यह भुगतान एग्रीगेटरों और बैंकों के बीच का एक सेटलमेंट शुल्क है, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक है। इस पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एन. वेंकटरमन ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि ये नियम 15 अक्तूबर 2026 से प्रभावी होंगे। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि: पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने आयकर अधिनियम की धार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 28, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: भगत सिंह की कहानी; कैसे शुरू हुआ क्रांतिकारी बनने का सफर, किन घटनाओं ने बदली उनकी सोच?

पढ़ाई के साथ क्रांतिकारी संगठन को मजबूत किया 1925 और 1926 का समय भगत सिंह के अध्ययन और राजनीतिक सोच के विकास का महत्वपूर्ण दौर था। नेशनल कॉलेज में उन्होंने इतिहास, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। सुखदेव और भगवती चरण के साथ उन्होंने रूसी क्रांतिकारियों के अध्ययन के लिए एक स्टडी सर्किल बनाया। किताबें पढ़ने और राजनीतिक विचारों पर चर्चा के साथ वे उत्तर प्रदेश और बंगाल के क्रांतिकारियों से संपर्क भी बनाए रखते थे। काकोरी मामले की सुनवाई के दौरान वे लखनऊ गए और जेल में बंद क्रांतिकारियों से गुप्त संपर्क स्थापित किया। उन्हें जेल से छुड़ाने की योजना पर भी काम किया गया। इस दौरान भगत सिंह दो बार गिरफ्तारी से बच निकले। योजना सफल नहीं हुई और वे फिर कानपुर चले गए। 1926 की शुरुआत में उन्होंने बिजॉय कुमार सिन्हा और सुखदेव के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश और पंजाब में बचे हुए क्रांतिकारी संगठन को फिर से संगठित करने की कोशिश की। गिरफ्तारी और नौजवान भारत सभा 1926 में लाहौर में दशहरे के मौके पर बम विस्फोट हुआ। पुलिस ने भगत सिंह को इस मामले में गिरफ्तार किया। उन्हें बोरस्टल जेल में रखा गया और कुछ समय तक एकांत कोठरी में भी रखा गया। उन पर दशहरे के दिन हुए विस्फोट में शामिल होने का आरोप लगाया गया। लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान वे सीधे क्रांतिकारी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकते थे। इसलिए उन्होंने सार्वजनिक गतिविधियों पर ध्यान दिया। इसी दौर में नौजवान भारत सभा का संगठन मजबूत हुआ। काकोरी कांड के शहीदों की याद में काकोरी दिवस मनाया गया। भगत सिंह ने 1915 और 1916 के लाहौर षड्यंत्र मामलों के क्रांतिकारियों पर सार्वजनिक व्याख्यान आयोजित कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 28, 2026 · 2 min · National Desk

मलाल: कश्मीर की नाजिया को साल भर से इनाम का इंतजार, खोखो वर्ल्ड चैंपियन को 40 हजार नहीं दे पाई उमर सरकार

जम्मू कश्मीर सरकार ने अपनी विश्व चैंपियन खो-खो खिलाड़ी नाजिया बीबी के लिए महज 40 हजार रुपये के इनाम का एलान किया था। हैरानी तो यह है कि एक साल बाद भी सरकार नाजिया को इनामी धनराशि दे नहीं पाई है। 23 साल की नाजिया बीबी ने कहा, खो-खो वर्ल्ड कप जीतना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब यह जीत फीकी लगने लगी है। हमारी जीत को एक साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन मुझे जम्मू-कश्मीर सरकार से अभी तक एक रुपया भी नहीं मिला है। जनवरी 2025 में पहला वर्ल्ड कप होने के साथ भारत में खो-खो अचानक चर्चा में आ गया। विश्व विजेता टीम की नाजिया भी हिस्सा थीं। द प्रिंट से बात करते हुए नाजिया ने कहा, दूसरे राज्यों की उनकी वर्ल्ड कप विजेता साथी खिलाड़ियों को लाखों, यहां तक कि करोड़ों रुपये के इनाम मिले।वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने सिर्फ 40,000 रुपये देने का ऐलान किया। एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह पैसा उनके खाते में नहीं आया है। क्या राज्य सरकार किसी वर्ल्ड कप विजेता के साथ ऐसा व्यवहार करती है? मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है। ये 40,000 रुपये कुछ नहीं, बल्कि एक अपमान है। एजेंसीनाजिया बीबी ने कहा, “हमें पहचान मिलने और लोगों को हम तक पहुंचने में बहुत लंबा समय लगा। हमें ज्यादा ध्यान की जरूरत है। अच्छी डाइट के लिए पैसे चाहिए, जूतों के लिए पैसे चाहिए और सबसे जरूरी, अच्छी खेल सुविधाओं के लिए पैसे चाहिए। अभी उनके खर्च उनके पिता उठाते हैं। नाजिया जम्मू में पोस्टग्रेजुएट करना चाहती हैं, जिसके लिए उन्हें पैसों की दरकार है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 28, 2026 · 2 min · National Desk

बैंक हड़ताल टली: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुई बैठक, क्या फैसला लिया गया?

किसकी बैठक में क्या फैसला हुआ? Bank strike deferred after the meeting between the Indian Banks’ Association (IBA) and the United Forum of Bank Unions (UFBU) tonight. pic.twitter.com/SPJUwp63p2 — ANI (@ANI) September 27, 2026 बैंक अधिकारियों के लिए पीएलआई योजना पर क्या चर्चा हुई? क्या सरकार के पास नया प्रस्ताव भेजा जाएगा? यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 सितंबर को जारी सर्कुलर में बताया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई बैठक के बाद हड़ताल टालने को लेकर सहमति बनी। सर्कुलर के मुताबिक, रविवार रात 9:30 बजे IBA और UFBU के बीच बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि बैंकिंग क्षेत्र में बचे हुए शनिवारों को छुट्टी घोषित करने के मुद्दे पर IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और संबंधित पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश करेगी।तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल स्थगित करने का फैसला लेते हुए बैठक में सरकार के पास संशोधित प्रस्ताव भेजने पर भी सहमति बनी। बयान के मुताबिक स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए पीएलआई योजना के संबंध में आईबीए के साथ चर्चा शुरू की जा सकती है।बयान में कहा गया कि यूनियनों/एसोसिएशनों की आपत्तियों को दूर करने के लिए सरकार के पास पीएलआई योजना को संशोधित करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। रविवार को करीब ढाई साल पहले हुई बैठक का उल्लेख भी हुआ। इसका जिक्र करते हुए यूएफबीयू ने अपने बयान में कहा, 8 मार्च 2024 की कार्यवाही में सूचीबद्ध शेष मुद्दों पर पक्षों के बीच शीघ्र समाधान के लिए चर्चा की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 28, 2026 · 2 min · National Desk

एलपीयू बवाल: हिंसा के बाद तनाव के बीच आज से 10 दिन के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड, मिड-टर्म परीक्षाएं भी टालीं

छात्रों के हिंसक विरोध के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी हैं। यूनिवर्सिटी का कहना है कि सभी छात्रों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। यूनिवर्सिटी ने जानकारी दी है कि… 28 सितंबर, 2026 (सोमवार) से 10 दिनों की अवधि के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड रहेंगी मिड-टर्म परीक्षाएं अगली सूचना तक टाल दी गई हैं। परीक्षा का नया शेड्यूल UMS के जरिए अलग से बताया जाएगा छात्र चाहें तो अपने माता-पिता/अभिभावकों से सलाह करके इस 10 दिन की अवधि में अपने घर जा सकते हैं जो छात्र यहीं रहेंगे, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने हॉस्टल/रहने की जगह के अंदर ही रहें और अपनी सुरक्षा के लिए बिना वजह बाहर न निकलें या किसी भी अशांति वाली गतिविधि में शामिल न हों छात्रों से अनुरोध है कि वे शांत रहें, आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और आगे की सभी जानकारी के लिए UMS के जरिए जुड़े रहें Lovely Professional University (LPU) suspends regular classes for 10 days from 28th September and postpones Mid-Term Examinations, following a protest by students that turned violent The university says, “To ensure the safety and well-being of all students, the following is… — ANI (@ANI) September 27, 2026 देर रात लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) प्रबंधन ने एडवाइजरी जारी कर छात्रों को सावधान रहने की हिदायत दी। प्रबंधन ने कहा कि कैंपस के बाहर होने वाली किसी भी घटना के लिए संबंधित छात्र स्वयं जिम्मेदार होंगे। मौजूदा हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 10 दिन की छुट्टी की घोषणा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 28, 2026 · 2 min · National Desk

‘उफनते समुद्र में तैरना पसंद’: राहुल गांधी की रहस्यमयी पोस्ट; क्या एसआईआर विवाद की ओर इशारा?

I love swimming in the sea when it’s rough. It teaches you that rough is just another kind of calm. — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 27, 2026 राहुल गांधी की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक बहस चल रही है। इसकी वजह 23 सितंबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट है, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में न तो एसआईआर का नाम लिया और न ही चुनाव आयोग का कोई सीधा जिक्र किया।रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि ये आपत्तियां उन फैसलों और आदेशों को लेकर थीं, जिन्हें दोनों चुनाव आयुक्तों ने अपनी जानकारी के बिना लिए जाने की बात कही थी। इसी रिपोर्ट ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की चर्चा को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव आयोग, एसआईआर या किसी चुनावी विवाद का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया। उन्होंने केवल समुद्र की उफनती लहरों और उससे मिलने वाली सीख की बात कही। उनकी पोस्ट में कोई अतिरिक्त संदर्भ या स्पष्टीकरण नहीं था। इसलिए यह कहना कि उन्होंने निश्चित रूप से एसआईआर विवाद को लेकर ही यह पोस्ट की, मूल बयान से साबित नहीं होता। राजनीतिक पंडित राहुल गांधी की पोस्ट को डिकोड करने में जुटे हुए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

राजनीति: खरगे के शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 29 सितंबर को होगी दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक

कांग्रेस 29 सितंबर को दिल्ली में ‘दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक’ आयोजित करेगी। पार्टी के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगस्त में उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान समेत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों से जुड़े मामलों पर चर्चा होगी। बैठक का आयोजन कांग्रेस एससी/एसटी सांसद मंच की ओर से किया जाएगा। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संबंधित विभाग भी सहयोग करेंगे। कार्यक्रम दिल्ली के मावलंकर हॉल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होगा।कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान पर चर्चा की जाएगी। खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 10 अगस्त को वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद सामने आया।कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को दलित समुदाय के अपमान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस कार्यक्रम से पार्टी का संबंध होने से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा था कि आयोजन स्थल पर सफाई और धार्मिक कार्यक्रम को कांग्रेस के कार्यक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।मल्लू रवि ने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एससी और एसटी समुदायों से जुड़े लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में ऐसे मामलों को रोकने के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर ’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk

एशियन गेम्स में एथलेटिक्स का जलवा: हरिता, तेजस्विन और एंसी ने जीते पदक, अनिमेष-शैली से चूका मेडल

एशियन गेम्स में एथलेटिक्स का जलवा: हरिता, तेजस्विन और एंसी ने जीते पदक, अनिमेष-शैली से चूका मेडल एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का पदक जीतने का सिलसिला जारी है। हरिता भद्रा, तेजस्विन शंकर और एंसी सोजन ने देश की झोली में पदक डाले, जबकि अनिमेष कुजूर और शैली सिंह पदक से चूक गए। एशियन गेम्स 2026 में रविवार को भारत के लिए महिलाओं और पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में मिले-जुले नतीजे रहे। हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता, जबकि अनिमेष कुजूर पुरुषों की 200 मीटर में पांचवें स्थान पर रहे। हरिता ने 23.20 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने जापान की धाविका को महज 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। सिंगापुर की वेरोनिका शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की चेन युजी 22.93 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। 2018 के बाद भारत को मिला महिला 200 मीटर में पदक हरिता का कांस्य पदक एशियन गेम्स की महिलाओं की 200 मीटर स्पर्धा में भारत के लिए लंबे इंतजार को खत्म करने वाला रहा। भारत ने इस स्पर्धा में पिछली बार 2018 एशियन गेम्स में दुती चंद के कांस्य पदक के रूप में पदक जीता था। 23 वर्षीय हरिता एशियन गेम्स में 200 मीटर पदक जीतने वाली भारत की केवल छठी महिला बनीं। महाराष्ट्र की इस धाविका ने एशियन गेम्स से पहले 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 23.14 सेकंड का समय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 27, 2026 · 2 min · National Desk