चुनाव में काले धन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जब्ती की सूचना 24 घंटे में देने का निर्देश, और क्या कहा?

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा, “इस पसंद को प्रभावित करने वाले किसी भी बाहरी कारक में लोकतंत्र के मूल स्वरूप को कमजोर करने की क्षमता है।” पीठ ने कहा कि जब अवैध धन शामिल होता है तो व्यक्ति की ओर से किया गया चुनाव स्वतंत्र नहीं रहता। उसकी पसंद मौद्रिक या अन्य तरह के लाभ से प्रभावित हो जाती है। कभी ये लाभ वास्तविक होते हैं तो कभी भ्रामक वादों के रूप में होते हैं।पीठ ने कहा, “चुनावी प्रक्रिया में काला धन, यानी जिस मुद्दे पर हम यहां विचार कर रहे हैं, ऐसा ही एक पहलू है जो लोकतंत्र, कानून के शासन और खुद चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करता है।” शीर्ष अदालत ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया में संदिग्ध धन के प्रसार और उसे दूषित करने का मुद्दा कोई हाल की घटना नहीं है। इसे बार-बार पहचाना गया है।चुनाव प्रक्रिया के दौरान नकदी और संपत्ति की जब्ती का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि “जब्ती करने वाले प्राधिकारी को 24 घंटे के भीतर इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम क्षेत्राधिकार वाली अदालत को देनी होगी।” साथ ही लिखित कारणों में यह बताना होगा कि जब्त नकदी या अन्य संपत्ति का संदिग्ध चुनावी अपराध से प्रथम दृष्टया क्या संबंध है।पीठ की ओर से फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि जब प्राथमिकी दर्ज हो जाती है तो जांच अधिकारी को हर संभव प्रयास करके एक साल के भीतर जांच पूरी करनी होगी। पीठ ने निर्देश दिया, “यदि यह समयसीमा पार होती है तो इसके कारण दर्ज किए जाएंगे और भारत निर्वाचन आयोग को बताए जाएंगे।“यह आदेश कर्नाटक सरकार की ओर से दायर एक याचिका पर आया। यह मामला 2014 के लोकसभ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

सीएम योगी का युवाओं को संदेश: माफिया और नशे से रहें दूर, 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

सीएम योगी का युवाओं को संदेश: माफिया और नशे से रहें दूर, 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने माफिया प्रवृत्ति को युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, पेशेवर, खेल या ड्रग माफिया, किसी भी प्रकार का माफिया युवाओं को क्षति पहुंचाता है। युवा शक्ति को बचाने के लिए डबल इंजन सरकार द्वारा बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सार्थकता देना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर युवाओं और खेल को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें युवाओं का दुरुपयोग करती थीं और उन्हें माफिया की गिरफ्त में छोड़ देती थीं। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया की संपत्ति जब्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों में भारत की खेल संस्कृति में व्यापक परिवर्तन का उल्लेख किया। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद व विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग जैसी पहलें आगे बढ़ी हैं। हाल ही के कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे और पदक जीते। उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों में से तीन ने एक गो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

माननीयों का आपराधिक रिकॉर्ड: 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ मामले, सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश

हलफनामे में कहा गया है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ 4,000 से अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं। हलफनामे के अनुसार, 28 में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें गंभीर मामले भी शामिल हैं।आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ 89 मामले हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ 19 मामले हैं। हंसारिया ने कहा कि मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों की निगरानी के बावजूद 2018 से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की संख्या लगभग उसी स्तर पर बनी हुई है।विभिन्न उच्च न्यायालयों से आंकड़े जुटाकर न्याय मित्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2025 में 1,243 आपराधिक मामलों का निपटारा हुआ, जबकि उसी साल 1,050 नए मामले दर्ज किए गए। उन्होंने अदालत को बताया कि पूर्व और मौजूदा सांसदों के साथ विधायकों के खिलाफ कुल 4,192 मामले लंबित हैं।हलफनामे में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है, “लोकसभा में 543 सदस्यों में से 251 सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 170 मामले गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।“इसमें कहा गया है, “राज्यसभा में 233 सदस्यों में से 75 (33 प्रतिशत) सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 40 (18 प्रतिशत) मामले गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।” वरिष्ठ अधिवक्ता ने विभिन्न उच्च न्यायालयों की ओर से दाखिल रिपोर्टों का विश्लेषण भी पेश किया। इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC-JSSC आंदोलन: झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, TDPL की सभी परीक्षाएं और परिणाम रद्द; सीएम सोरेन ने किया एलान

VIDEO | Jharkhand CM Hemant Soren says, “Today, we held a special Cabinet meeting to bring this matter to a conclusion. After considering all aspects and finding solutions to the issues, we have decided to cancel all examinations conducted by TDPL, the results published by TDPL,… pic.twitter.com/vPGtEHLSzK — Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हमने इस मामले को अंतिम रूप देने के लिए विशेष कैबिनेट बैठक की। सभी पहलुओं पर विचार करने और समस्याओं का समाधान तलाशने के बाद हमने फैसला लिया है कि टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, टीडीपीएल द्वारा जारी किए गए परिणाम तथा टीडीपीएल के माध्यम से किसी भी उम्मीदवार का चयन या भागीदारी रद्द की जाती है। इस संबंध में टीडीपीएल द्वारा की गई सभी गतिविधियां भी रद्द कर दी गई हैं।जेपीएससी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र से भी मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया था। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 1 min · National Desk

UP: परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों को योगी सरकार का तोहफा, मानदेय में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके मानदेय में जुलाई से पांच प्रतिशत की वृद्धि की है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के मानदेय में यह बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस निर्णय से इन कार्मिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में पांच प्रतिशत और जुलाई में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई से इन कार्मिकों को बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।इस वृद्धि का लाभ परिवहन निगम में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के 249 कार्मिकों को मिलेगा। इनका मानदेय लगभग 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक हो जाएगा। इसी तरह लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कार्मिकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है और उनका वेतन लगभग वरिष्ठता के क्रम में 20 हजार से 26 हजार रुपये तक हो जाएगा। वहीं प्रोग्रामर पद पर कार्यरत 26 कार्मिकों का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक हो जाएगा।परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके मानदेय में नियमित वृद्धि से न केवल उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

Aviation Fare Row: हवाई किराये की मनमानी वसूली पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानिए सरकार को क्या निर्देश दिया गया

त्योहारों या आपात स्थिति में मनमाने हवाई किराए से परेशान यात्रियों को जल्द राहत मिल सकती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने निजी एयरलाइनों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ के तहत नए नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को तेज कर चुकी है और इसे तीन सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दो टूक लहजे में कहा कि यदि एयरलाइंस नए नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन्हें उड़ान भरने से रोक दिया जाए (ग्राउंडेड कर दिया जाए)। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्या कड़े निर्देश दिए हैं? जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सरकार ने जब सीलबंद लिफाफे में नए नियमों का मसौदा पेश किया, तो कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “आप इसे सात दिनों के भीतर प्रकाशित करें।” बेंच ने साफ चेतावनी दी कि यदि कोई भी एयरलाइन नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसकी उड़ानें रोक दी जाएं। हालांकि, केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल कौशिक ने पीठ को भरोसा दिलाया कि आखिरी दौर की चर्चाएं जारी हैं और तीन हफ्ते के भीतर अंतिम नियमों को अधिसूचित कर दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। हवाई यात्रियों की जेब पर किस तरह डाका डाल रही हैं निजी एयरलाइंस? याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र श्रीवास्तव ने अदालती तंत्र और मौजूदा नियमों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। याचिका में निजी एयरलाइंस के कई मनमाने कदमों को उजागर किया गया है: सामान के नियमों में कटौती: बिना किसी कारण क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

BJP की राष्ट्रीय टीम का एलान: छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी बनीं महिला मोर्चा अध्यक्ष, म्हस्के को भी जिम्मेदारी

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ बीजेपी से दो नेताओं को मौका मिला है। नई टीम में छत्तीसगढ़ से सांसद रुप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। 2005: जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्र. 13 (सराईपाली विधान सभा) 2006: कार्यकारिणी सदस्य भाजपा, जिला महासमुन्द 2007 : सदस्य प्राथमिक सोसायटी, केजुवां 2009 : प्रतिनिधि राज्य सहकारी संघ, रायपुर 2010: जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्र.12 (बसना विधान सभा) 2011: जिला महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा, महासमुन्द 2013 : विधायक बसना विधानसभा 2014: प्रदेश मंत्री भाजपा छ.ग. 2015: संसदीय सचिव छ.ग. शासन (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) 2019: जिलाध्यक्ष भाजपा, महासमुन्द 2024 से अब तक सांसद महासमुन्द-लोकसभा 2025: से अब तक उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ 2026: और अब नया दायित्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, (महिला मोर्चा) बीजेपी इसके साथ ही दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया संजोजक की कमान सौंपी गई है। ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। नई टीम में छत्तीसगढ़ से इस बार कम नेताओं को अहमियत दी गई है। पिछली बार की कार्यकारिणी में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, सरोज पांडेय, लता उसेंडी समेत कई नेताओं को महत्व दिया गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी का इस समय पूरा फोकस उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों पर हैं। यूपी में अग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

बड़ी आपदा की आहट?: नासिक में फिर कांपी धरती, महाराष्ट्र में एक महीने में 25 से ज्यादा बार लगे भूकंप के झटके

महाराष्ट्र के नासिक जिले में सोमवार को कुछ हिस्सों में भूकंप के दो हल्के झटके महसूस किए गए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें किसी की जान नहीं गई और न ही कोई संपत्ति का नुकसान हुआ। कब झटके महसूस किए गए? बता दें कि नासिक राज्य की राजधानी मुंबई से 180 किलोमीटर दूर है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह 5.06 बजे और दोपहर 12.40 बजे 2.5 और 3 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इसकी गहराई पांच किलोमीटर नीचे दर्ज किए गए है। क्या पहले भी महसूस किए गए झटके? जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के पेठ, सुरगाणा और डिंडोरी तालुका के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए गए। इससे पहले, नासिक में 25 से 28 जुलाई के साथ-साथ 6, 8, 10 और 14 अगस्त को भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। उस समय सुरगाणा तालुका के भादर और डिंडोरी तालुका के नानाशी में घरों की दीवारों में दरारें आ गई थीं। बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले दो हफ्तें से लगातार छोटे-छोटे भूकंप आ रहे हैं। सबसे तेज झटके नासिक और पालघर में महसूस किए गए हैं। एक्सपर्ट्स इसे अर्थक्वेक स्वार्म (भूकंपों का झुंड) कहते हैं। आसान शब्दों में कहें तो, यह भूकंपों का एक झुंड हो सकता है। कितनी बार भूकंप आए? पिछले एक महीना में महाराष्ट्र में भूकंप के 25 से ज्यादा झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता 2 से 4.3 के बीच थी। ये भूकंप जमीन के नीचे लगभग 5 से 8 किलोमीटर की गहराई पर आए। सबसे तेज कहां आया भूकंप? इस दौरान सबसे तेज भूकंप 8 अगस्त को नासिक में आया, जिसकी तीव्रता 4.3 थी। यह भूकंप 5 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्या निर्देश दिया था? मुख्यमंत्री दे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर दान का होगा हिसाब: SIT को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने का निर्देश

याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर निष्पक्षता से विचार करने का निर्देश पीठ ने एसआईटी से कहा कि जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग याचिकाकर्ताओं की ओर से दिए गए सुझावों पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाए। कोर्ट ने संकेत दिया कि जांच में किसी भी तरह की कमी न रहे और पूरे मामले की पड़ताल प्रभावी तरीके से आगे बढ़े। रिपोर्ट के बाद दान प्रबंधन पर आ सकते हैं नए निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट देखने के बाद वह राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले दान के प्रबंधन में सुधार के लिए जरूरी निर्देश जारी कर सकता है। यानी कोर्ट की नजर केवल कथित हेराफेरी की जांच पर ही नहीं, बल्कि भविष्य में दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर भी है। 27 जुलाई को चार सदस्यीय एसआईटी के गठन का लिया था संज्ञान इससे पहले 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी की जांच के लिए IGP किरण एस. की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय एसआईटी का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने के लिए भी कहा था। पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर कोर्ट ने दिया था जोर मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इसमें ‘सुधारात्मक कदम उठाने होंगे’। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया था कि दान के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। 20 जुलाई को एसआईटी गठित करने की संभावना पर मांगी थी जानकारी 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

BJP Reshuffle: नितिन नवीन ने बिहार के दो नेताओं को बढ़ाया, तीसरे को छकाया; भाजपा अध्यक्ष के दांव का क्या अर्थ?

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जब तत्कालीन नीतीश कुमार सरकार के मंत्री नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, तब तीन बातें तय हो गई थीं। पहली तो यह कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वही बनाए जाएंगे। दूसरी यह कि अब भाजपा बिहार से किसी बड़े नाम को संगठन में अहम जिम्मेदारी नहीं देगी। और, तीसरी यह कि पार्टी संगठन में या प्रदेश में किसी कायस्थ को आगे नहीं बढ़ाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तो नितिन नवीन जनवरी में ही बना दिए गए। बाकी दो फैसले नितिन नवीन के खाते से आए। एक बांकीपुर उप चुनाव में भी दिखा और अब दूसरा नितिन नवीन की नई टीम की सूची में सामने आ गया है। नितिन की टीम में बिहार से तीन नाम हैं। दो नेताओं को कद के हिसाब से आगे बढ़ाया गया है, जबकि एक को छकाया गया है। तीन मार्च को जब नितिन नवीन को राज्यसभा भेजने के लिए भाजपा की ओर से औपचारिक सूचना जारी हुई थी तो साथ ही एक नाम था- शिवेश राम। यही शिवेश राम अब नितिन नवीन की टीम में राष्ट्रीय स्तर पर नजर आएंगे। राज्यसभा के लिए शिवेश राम पर खेला गया दांव काम आया था। विरोध की सारी आशंकाएं इसी नाम के कारण दूर हो गई थीं। जो साथ नहीं देने वाले थे, वह भी शिवेश राम के नाम पर समर्थन में आ गए थे। इसी कारण भाजपा यह सीट जीत सकी थी। राज्यसभा सांसद बनने के बाद शिवेश राम के लिए कुछ बड़ा होने की उम्मीद थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल में दलित चेहरे के रूप में एंट्री की भी चर्चा थी, लेकिन अब संगठन में शिवेश को अहम जिम्मेदारी दी गई है। शिवेश राम को एससी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। राज्यसभा सांसद बनने से पहले वह भाजपा के प्रदेश महामंत्री थे। वह अगिआंव से विधायक रह चुके थे। सासाराम सीट से लोकस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk