हलफनामे में कहा गया है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ 4,000 से अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं। हलफनामे के अनुसार, 28 में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें गंभीर मामले भी शामिल हैं।आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ 89 मामले हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ 19 मामले हैं। हंसारिया ने कहा कि मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों की निगरानी के बावजूद 2018 से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की संख्या लगभग उसी स्तर पर बनी हुई है।विभिन्न उच्च न्यायालयों से आंकड़े जुटाकर न्याय मित्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2025 में 1,243 आपराधिक मामलों का निपटारा हुआ, जबकि उसी साल 1,050 नए मामले दर्ज किए गए। उन्होंने अदालत को बताया कि पूर्व और मौजूदा सांसदों के साथ विधायकों के खिलाफ कुल 4,192 मामले लंबित हैं।हलफनामे में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है, “लोकसभा में 543 सदस्यों में से 251 सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 170 मामले गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।“इसमें कहा गया है, “राज्यसभा में 233 सदस्यों में से 75 (33 प्रतिशत) सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 40 (18 प्रतिशत) मामले गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।” वरिष्ठ अधिवक्ता ने विभिन्न उच्च न्यायालयों की ओर से दाखिल रिपोर्टों का विश्लेषण भी पेश किया। इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
माननीयों का आपराधिक रिकॉर्ड: 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ मामले, सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश
हलफनामे में कहा गया है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ 4,000 से अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं। हलफनामे के अनुसार, 28 में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें गंभीर मामले भी शामिल हैं।आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ 89 मामले हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ 19 मामले हैं। हंसारिया ने कहा कि मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सुप्री