तप रहा पूरा देश: 40 डिग्री से ऊपर वाले दुनिया के 100 शहरों में 92 भारत के, यूपी का बांदा सबसे गर्म

देश में शनिवार को सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस यूपी के बांदा का रहा। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री, झांसी में 44.8 डिग्री रहा। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे ऊपर है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रह सकती हैं। यह स्थिति हीट डोम जैसे हालात की ओर इशारा करती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।100 सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37 शहर हैं। प. बंगाल के 18, पंजाब के सात, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के छह-छह, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, महाराष्ट्र के चार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के दो-दो शहर शामिल हैं। ज्यादातर शहरों में तापमान तापमान 42 से 45 डिग्री दर्ज किया गया।दिल्ली में शनिवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है। इसमें कूलिंग टब, 200 किलो बर्फ बनाने की मशीनें और पोर्टेबल आइस पैक भी रखे गए हैं।आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक।सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।लोगों से दिन में 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह। सेल्फ लॉकडाउन अपनाने के लिए कहा।सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने का आदेश। ये सभी यूनिट 31 जुलाई तक चालू रखी जाएंगी।नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।मौसम विभाग ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 26, 2026 · 2 min · National Desk

क्या नहीं थमेगी जंग?: ईरान के रुख से नाराज ट्रंप बोले- विटकॉफ-कुशनर PAK नहीं जाएंगे; US को किस नुकसान की आशंका

उन्होंने आगे बताया है कि उनके प्रतिनिधि जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ईरानियों से मिलने के लिए अपने प्रतिनिधियों का दौरा रद्द कर दिया है। उनका मानना है कि इस यात्रा और यात्रा की तैयारियों में बहुत ज्यादा समय बर्बाद हो रहा था। उन्होंने फॉक्स न्यूज को भी इस रद्दीकरण के बारे में बताया है। इस बीच, खबर है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात के बाद शनिवार शाम इस्लामाबाद से वापस लौट गए हैं।ट्रंप ने इस अहम दौरे को रद्द करने के पीछे ईरान की अंदरूनी राजनीति को सबसे बड़ी वजह बताया है। उनका कहना है कि ईरान के नेतृत्व में बहुत ज्यादा आपसी लड़ाई और भारी भ्रम फैला हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वहां किसी को नहीं पता कि सत्ता किसके हाथ में है और फैसले कौन ले रहा है, खुद ईरानियों को भी इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास सारे पत्ते (ताकत) हैं और ईरान के पास कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस अमेरिका को फोन करना होगा।इस कूटनीतिक दौरे के रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अमेरिका अब फिर से ईरान पर हमला करेगा। इस सवाल के जवाब में उन्होंने एक अमेरिकी समाचार आउटलेट एक्सियोस को बताया कि दूतों की यात्रा रद्द होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अमेरिका ईरान पर युद्ध फिर से शुरू कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने अभी तक युद्ध शुरू करने के बारे में कुछ नहीं सोचा है। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में भी यही दोह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 26, 2026 · 2 min · National Desk

क्या नहीं थमेगी जंग?: ईरान के रुख से नाराज ट्रंप बोले- विटकॉफ-कुशनर PAK नहीं जाएंगे; US को किस नुकसान की आशंका

उन्होंने आगे बताया है कि उनके प्रतिनिधि जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ईरानियों से मिलने के लिए अपने प्रतिनिधियों का दौरा रद्द कर दिया है। उनका मानना है कि इस यात्रा और यात्रा की तैयारियों में बहुत ज्यादा समय बर्बाद हो रहा था। उन्होंने फॉक्स न्यूज को भी इस रद्दीकरण के बारे में बताया है। इस बीच, खबर है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात के बाद शनिवार शाम इस्लामाबाद से वापस लौट गए हैं।ट्रंप ने इस अहम दौरे को रद्द करने के पीछे ईरान की अंदरूनी राजनीति को सबसे बड़ी वजह बताया है। उनका कहना है कि ईरान के नेतृत्व में बहुत ज्यादा आपसी लड़ाई और भारी भ्रम फैला हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वहां किसी को नहीं पता कि सत्ता किसके हाथ में है और फैसले कौन ले रहा है, खुद ईरानियों को भी इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास सारे पत्ते (ताकत) हैं और ईरान के पास कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस अमेरिका को फोन करना होगा।इस कूटनीतिक दौरे के रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अमेरिका अब फिर से ईरान पर हमला करेगा। इस सवाल के जवाब में उन्होंने एक अमेरिकी समाचार आउटलेट एक्सियोस को बताया कि दूतों की यात्रा रद्द होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अमेरिका ईरान पर युद्ध फिर से शुरू कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने अभी तक युद्ध शुरू करने के बारे में कुछ नहीं सोचा है। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में भी यही दोह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: विटकॉफ-कुशनर नहीं जाएंगे पाकिस्तान, ट्रंप बोले- ईरान के रुख के कारण रद्द किया दौरा

10:04 PM, 25-Apr-2026 ‘फिलहाल हमले की योजना नहीं’, ट्रंप बोले- बातचीत के लिए तैयार, वो जब चाहे हमें कॉल कर सकते अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस से कहा कि हमने अभी इस बारे में नहीं सोचा है। वहीं, फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन बातचीत के लिए तैयार है और कहा, वे जब चाहें हमें कॉल कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं जाएंगे, जहां ईरान-इस्राइल युद्धविराम वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश होनी थी। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची शनिवार शाम पाकिस्तान से लौट गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस से कहा कि हमने अभी इस बारे में नहीं सोचा है। वहीं, फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन बातचीत के लिए तैयार है और कहा, वे जब चाहें हमें कॉल कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं जाएंगे, जहां ईरान-इस्राइल युद्धविराम वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश होनी थी। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची शनिवार शाम पाकिस्तान से लौट गए। 09:37 PM, 25-Apr-2026 ईरान वार्ता के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे कुशनर और स्टीव-विटकॉफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए अमेरिकी वार्ताकारों की प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बंगाल में बंपर मतदान, विश्लेषकों ने बताया ममता का दबदबा रहेगा बरकरार या बदल रही बयार

Khabaron Ke Khiladi: बंगाल में बंपर मतदान, विश्लेषकों ने बताया ममता का दबदबा रहेगा बरकरार या बदल रही बयार अवधेश कुमार: भाजपा ने बिहार चुनाव से पहले ही बंगाल के सारे बूथों का आकलन कर लिया था। उस आकलन में मुद्दे भी उभर कर आए थे। उसी वक्त से भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। प्रतीकों की बात करें तो राहुल गांधी ने सिर्फ तीन जगह रैलियां की। तीनों जगहें मुस्लिम बहुल इलाके की हैं। इस बार के चुनाव में पिछले साठ साल की सबसे कम हिंसा हुई है। ये नतीजों पर भी असर डालेगा। नरेंद्र मोदी इस बार पर्सनल अटैक नहीं कर रहे हैं। झालमुड़ी से हुगली नदी तक प्रधानमंत्री का जाना भी बड़ा असर डाल सकता है। भाजपा ने बिहार चुनाव से पहले ही बंगाल के सारे बूथों का आकलन कर लिया था। उस आकलन में मुद्दे भी उभर कर आए थे। उसी वक्त से भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। प्रतीकों की बात करें तो राहुल गांधी ने सिर्फ तीन जगह रैलियां की। तीनों जगहें मुस्लिम बहुल इलाके की हैं। इस बार के चुनाव में पिछले साठ साल की सबसे कम हिंसा हुई है। ये नतीजों पर भी असर डालेगा। नरेंद्र मोदी इस बार पर्सनल अटैक नहीं कर रहे हैं। झालमुड़ी से हुगली नदी तक प्रधानमंत्री का जाना भी बड़ा असर डाल सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई। मतदान प्रतिशत का आंकड़ा करीब 93 तक पहुंच गया। जो पिछले चु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल चुनाव: रैली में राजनाथ बोले- परिवर्तन होना तय; राहुल ने कहा- मोदी सरकार ने CM ममता के खिलाफ नहीं किए केस

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को विश्वास जताया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में परिवर्तन न केवल संभव है, बल्कि निश्चित है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले चरण में लगभग 93 फीसदी मतदान से स्पष्ट है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार सत्ता से बाहर हो रही है। उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि भाजपा या एनडीए सरकार ही इसकी गारंटी दे सकती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 1 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: ईरान में 57 दिनों से इंटरनेट ठप, टूटा बरसों का रिकॉर्ड; अब तक अरबों का नुकसान

अमेरिका-इस्राइल की ओर से किए गए हमले के बाद 28 फरवरी को इंटरनेट सेवाएं अचानक बंद कर दी गई थी। क्षेत्रीय अस्थिरता और युद्ध के खतरों के बीच ईरानी शासन ने सूचनाओं के प्रवाह को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए इसका सहारा लिया। नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के मुताबिक, यह व्यवधान अब 1,344 घंटों की अवधि को पार कर चुका है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसी तरह की पाबंदी लगाई थी, जिससे आंतरिक अशांति की खबरें बाहर न जा सकें।इंटरनेट की इस लंबी अनुपस्थिति ने ईरान के आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन व्यापार और परिवहन नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़े हैं।विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस शटडाउन से ईरानी अर्थव्यवस्था को अब तक 2.5 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो चुका है। प्रतिदिन लगभग 40 मिलियन डॉलर का राजस्व प्रभावित हो रहा है।लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। विदेशी मीडिया और स्वतंत्र सूचना स्रोतों तक पहुंच पूरी तरह बंद है, जिससे देश के भीतर डर और अनिश्चितता का माहौल है।ईरानी अधिकारियों ने स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट को रोकने के लिए सैन्य-ग्रेड के जैमर्स का उपयोग शुरू कर दिया है, जिससे संचार के वैकल्पिक रास्ते भी बंद हो गए हैं।एक ओर जहां ईरान डिजिटल रूप से दुनिया से कटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर उसका अमेरिका और इस्राइल के साथ राजनयिक गतिरोध भी गहराता जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वे क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। फिलहाल ईरान में इंटरनेट की बहाली को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, जिससे यह ‘डिजिटल अंधकार’ और लंबा खिंचने के आसार हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk

मणिपुर में भारी बवाल: शांति की मांग लेकर CM आवास घेरेने निकले हजारों लोग, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

मणिपुर की अखंडता के लिए काम करने वाली सीओसीओएमआई के आह्वान पर हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। ये प्रदर्शनकारी शहर के विभिन्न हिस्सों से चार अलग-अलग रैलियों के रूप में मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने पहले ही बाबूपाड़ा स्थित मुख्यमंत्री आवास के चारों ओर सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा रखा था।केसामपत जंक्शन, कांगला गेट, कोनुंग ममांग और मोइरांगखोंग जैसे प्रमुख स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जब भीड़ ने इंफाल पूर्वी जिले के खुरई लामलोंग इलाके में बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। यह इलाका मुख्यमंत्री आवास से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।प्रदर्शन में शामिल लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे। उनकी प्रमुख मांगों में बिष्णुपुर जिले में हाल ही में हुए बम विस्फोट में मारे गए दो मासूम बच्चों के लिए न्याय की मांग शामिल थी। इसके अलावा, आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि जातीय संघर्ष के कारण विस्थापित हुए हजारों लोगों का तत्काल पुनर्वास किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि 3 मई, 2023 से शुरू हुए संकट के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।काफी हंगामे और झड़पों के बाद आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह से मिलने की अनुमति दी गई। मुलाकात के बाद सीओसीओएमआई के संयोजक वाई के धीरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप दिया है। धीरेन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और अलग-अलग नैरेटिव के कारण शांति प्रयासों में बाधा आ रही है। उन्होंने च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान के विदेश मंत्री ने मुनीर से की मुलाकात: अमेरिका से बातचीत पर संशय; अराघची बोले- नहीं होगी परमाणु वार्ता

इस मुलाकात को लेकर ईरान ने अपनी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने स्पष्ट किया है कि अराघची के पाकिस्तान दौरे का परमाणु वार्ता से कोई लेना-देना नहीं है। खुद अराघची ने भी बताया है कि उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद द्विपक्षीय मामलों पर अपने सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाना और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा करना है। पाकिस्तान के बाद वह ओमान और रूस की यात्रा पर भी जाएंगे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका के वार्ताकारों के साथ सीधे तौर पर कोई भी बैठक तय नहीं है।ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेगा। अज़ीज़ी ने जोर देकर कहा कि यह दौरा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि परमाणु गतिविधियों के बारे में कोई भी बातचीत ईरान के लिए एक ‘रेड लाइन’ यानी सख्त मनाही है। दूसरी ओर, अमेरिका लगातार यह मांग कर रहा है कि युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी भी शांति समझौते के तहत ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम हर हाल में रोकना होगा।भले ही ईरान ने अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार किया है, लेकिन व्हाइट हाउस ने एक बड़ा खुलासा किया है। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी ईरान वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान जा रहे हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जिन्होंने बातचीत के पहले दौर का नेतृत्व किया था, वह भी इस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए स्टैंडबाय (तैयार) पर हैं।इस पूरे कूटनीतिक घटनाक्रम के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk

‘हम जिंदा हैं, सिस्टम ने मार दिया’: जीवित ग्रामीण दस्तावेजों में मृत घोषित, पीड़ितों के पंचायत पर गंभीर आरोप

छतरपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिए जाने का आरोप लगा है। मामला गौरिहार विकासखंड की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा का है। आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते सरपंच पुत्र और सचिव ने मिलकर कई ग्रामीणों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। इसके कारण पीड़ितों की पेंशन और राशन जैसी जरूरी योजनाएं अचानक बंद हो गईं। गांव की बुजुर्ग गिरजा विश्वकर्मा, जो लंबे समय से पेंशन और राशन का लाभ ले रही थीं, एक दिन अचानक सुविधाओं से वंचित हो गईं। जब उन्होंने इसकी वजह जानने की कोशिश की, तब पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गिरजा विश्वकर्मा ने कहा कि साहब हम जिंदा हैं, लेकिन कागजों में हमें मार दिया गया।इसी तरह रामबाई रैकवार को भी रिकॉर्ड में मृत दर्शाए जाने का आरोप है। बताया गया कि उन्हें भी योजनाओं से बाहर कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है।पंचायत में कार्यरत कल्लू अहिरवार का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि उन्हें मृत दिखाकर उनका वेतन रोक दिया गया। कल्लू अहिरवार ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत देते हुए कहा कि मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मर चुका हूं, अब मुझे न्याय चाहिए।ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला चुनावी दुश्मनी के चलते जानबूझकर किया गया, ताकि कुछ लोगों को सरकारी लाभ से वंचित किया जा सके। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए जनपद सीईओ को जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 25, 2026 · 2 min · National Desk