अमेरिका-इस्राइल की ओर से किए गए हमले के बाद 28 फरवरी को इंटरनेट सेवाएं अचानक बंद कर दी गई थी। क्षेत्रीय अस्थिरता और युद्ध के खतरों के बीच ईरानी शासन ने सूचनाओं के प्रवाह को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए इसका सहारा लिया। नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के मुताबिक, यह व्यवधान अब 1,344 घंटों की अवधि को पार कर चुका है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसी तरह की पाबंदी लगाई थी, जिससे आंतरिक अशांति की खबरें बाहर न जा सकें।इंटरनेट की इस लंबी अनुपस्थिति ने ईरान के आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन व्यापार और परिवहन नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़े हैं।विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस शटडाउन से ईरानी अर्थव्यवस्था को अब तक 2.5 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो चुका है। प्रतिदिन लगभग 40 मिलियन डॉलर का राजस्व प्रभावित हो रहा है।लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। विदेशी मीडिया और स्वतंत्र सूचना स्रोतों तक पहुंच पूरी तरह बंद है, जिससे देश के भीतर डर और अनिश्चितता का माहौल है।ईरानी अधिकारियों ने स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट को रोकने के लिए सैन्य-ग्रेड के जैमर्स का उपयोग शुरू कर दिया है, जिससे संचार के वैकल्पिक रास्ते भी बंद हो गए हैं।एक ओर जहां ईरान डिजिटल रूप से दुनिया से कटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर उसका अमेरिका और इस्राइल के साथ राजनयिक गतिरोध भी गहराता जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वे क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। फिलहाल ईरान में इंटरनेट की बहाली को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, जिससे यह ‘डिजिटल अंधकार’ और लंबा खिंचने के आसार हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पश्चिम एशिया संकट: ईरान में 57 दिनों से इंटरनेट ठप, टूटा बरसों का रिकॉर्ड; अब तक अरबों का नुकसान
अमेरिका-इस्राइल की ओर से किए गए हमले के बाद 28 फरवरी को इंटरनेट सेवाएं अचानक बंद कर दी गई थी। क्षेत्रीय अस्थिरता और युद्ध के खतरों के बीच ईरानी शासन ने सूचनाओं के प्रवाह को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए इसका सहारा लिया। नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के मुताबिक, यह व्यवधान अब 1,344 घंटों की अवधि को पार कर चुका है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसी तरह की पाबंदी लगाई थी, जिससे आंतरिक अशांति की खबरें बाहर न जा सकें।इंटरनेट की इस लंबी अनुपस्थिति ने ईरान के आम जनजीवन को अस्त