ईरान युद्ध में अमेरिका को बड़ा नुकसान: F-35 और MQ-9 ड्रोन समेत 42 सैन्य विमान हुए तबाह, इस रिपोर्ट में खुलासा

अमेरिकी संसद की शोध संस्था की ओर से जारी 13 मई की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि खोए हुए विमानों में चार F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनमें से तीन विमान दो मार्च को कुवैत के ऊपर ‘फ्रेंडली फायर’ यानी अपनी ही सेना की गोलाबारी का शिकार हुए, जबकि चौथा विमान पांच अप्रैल को ईरान के आसमान में मार गिराया गया। इसके अलावा, अमेरिका ने अपना सबसे अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट F-35A लाइटनिंग II भी गंवा दिया है।ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट को साझा करते हुए दावा किया कि ईरान की सेना दुनिया के सबसे अचूक माने जाने वाले F-35 फाइटर जेट को मार गिराने वाली पहली ताकत बन गई है। नुकसान की इस फेहरिस्त में 24 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, एक एमक्यू-4सी ट्रिटॉन ड्रोन, सात केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर-ईंधन भरने वाले विमान, एक ई-3 सेंट्री टोही विमान, दो एमसी-130जे कमांडो II विशेष अभियान विमान और एक एचएच-60डब्ल्यू जोली ग्रीन II हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया था। जवाब में ईरान ने इस्राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए। ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया, जिससे दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। दुनिया का 20 प्रतिशत पेट्रोलियम यहीं से गुजरता है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता 12 अप्रैल को पूरी तरह विफल हो गई थी।फिलहाल क्षेत्र में एक बेहद नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि यह युद्धविराम इस समय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Maharashtra: एनसीपी में टूट की अटकलों से मचा बवाल! 22 विधायकों को लेकर उठे सवाल; अजित पवार गुट ने किया पलटवार

महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 22 विधायक शरद पवार के संपर्क में हैं और जल्द ही राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, अजित पवार गुट ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। एनसीपी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि पार्टी का एक भी विधायक शरद पवार की पार्टी के संपर्क में नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक ने राजनीतिक उद्देश्य से शरद पवार से मुलाकात भी नहीं की है।उमेश पाटिल ने बताया कि पिछले सप्ताह राज्य अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने शरद पवार से केवल शिष्टाचार मुलाकात की थी। यह मुलाकात उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए थी, जिसे तटकरे ने उसी समय मीडिया के सामने स्पष्ट भी कर दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनलों द्वारा लगातार ऐसी खबरें चलाई जा रही हैं कि एनसीपी के विधायक विपक्षी गुट में जाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक संजय बंसोडे और प्रताप पाटिल चिखलीकर भी मौजूद रहे। नेताओं ने दोहराया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उमेश पाटिल ने मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी सबूत के सत्ताधारी दल के विधायकों के दल बदलने की खबरें चलाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने पूछा कि क्या किसी चैनल के पास यह प्रमाण है कि 22 विधायक वास्तव में शरद पवार से मिले हैं?एनसीपी प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलती है। यहां सभी नेताओं और विधायकों को अपनी राय रखने और किसी से भी मिलने की स्वतंत्रता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया का एक वर्ग जानबू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Ebola Virus: इबोला वायरस को लेकर केंद्र अलर्ट, सूत्रों का दावा- भारत में अब तक कोई मामला नहीं

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इबोला को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने एहतियात के तौर पर निगरानी के साथ तैयारियों को और मजबूत किया है।बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्तरों पर तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्री-अराइवल और पोस्ट-अराइवल स्क्रीनिंग, क्वारंटीन प्रोटोकॉल, मरीज प्रबंधन, रेफरल व्यवस्था और लैब परीक्षण से जुड़े विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे जा चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य सचिव ने समन्वित निगरानी, समय पर रिपोर्टिंग और चिन्हित स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समन्वय में सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को भी सतर्क किया गया है और वे आवश्यक निगरानी एवं रोकथाम उपाय कर रहे हैं।मंत्रालय ने कहा कि भारत को ऐसी परिस्थितियों से निपटने का पूर्व अनुभव है। वर्ष 2014 में अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप के दौरान भी इसी तरह के एहतियाती कदम प्रभावी ढंग से लागू किए गए थे। केंद्र सरकार ने कहा है कि लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्र ने स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सलाह का पालन करने की अपील की है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में बंडिबुग्यो वायरस के कारण इबोला का प्रकोप देखा गया है। 18 मई तक कुल 528 संदिग्ध मामले और 132 मौतें दर्ज की गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि कुल 668 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 541 कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और 127 युगांडा में हैं। हालांकि, कांगो के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu: तमिलनाडु कैबिनेट में 59 साल बाद वापसी करेगी कांग्रेस, कल दो विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

करीब छह दशक बाद तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पहली बार तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार में कांग्रेस के दो विधायक गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस विधायकों एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने को मंजूरी दे दी है।सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस विधायकों एडवोकेट राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन को तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल करने की मंजूरी दे दी है और वे कल मंत्री पद की शपथ लेंगे। करीब 59 वर्षों बाद कांग्रेस की तमिलनाडु मंत्रिमंडल में वापसी को राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और टीवीके सरकार को समर्थन देने वाले गठबंधन के मजबूत होने के रूप में देखा जा रहा है।इसे पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक पल बताते हुए वेणुगोपाल ने आगे लिखा, यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि कांग्रेस 59 साल के लंबे अंतराल के बाद तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है। उन्होंने दोनों नेताओं को अपनी शुभकामनाएं भी दीं और विश्वास जताया कि वे एक कल्याण-उन्मुख शासन मॉडल को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे।तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के वर्तमान में पांच विधायक हैं और विधानसभा चुनाव के बाद वह टीवीके सरकार की प्रमुख सहयोगी ताकत बनकर उभरी है। कांग्रेस के समर्थन के साथ-साथ वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगी दलों के समर्थन से विजय सरकार विधानसभा म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

UP: बसपा-कांग्रेस गठबंधन कोशिशों पर बचाव की मुद्रा में आई कांग्रेस, पार्टी नेता दे रहे हैं सफाई; ये है रणनीति

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भले ही विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने की बात कहकर गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा चुकी हैं, लेकिन कांग्रेस ने आस नहीं छोड़ी है। कांग्रेस एससी-एसटी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसद तनुज पुनिया ने मंगलवार को मायावती से मिलने का प्रयास कर दोनों दलों के बीच दूरियों को बढ़ा दिया। बसपा कैंप इस मुलाकात की कोशिश के सियासी नफा-नुकसान का आकलन करने में जुटा है तो दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इसे लेकर लगातार सफाई दे रहे हैं। और पढ़ें बसपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक कांग्रेस का यह कदम सुनियोजित था ताकि मायावती पर गठबंधन करने का दबाव बनाया जा सके। बसपा सुप्रीमो रविवार को दिल्ली से राजधानी वापस आ गई थीं, जिसके बाद वह लगातार पार्टी नेताओं से मिल रही थीं। मंगलवार को भले ही उनके आवास से कांग्रेस नेताओं को वापस कर दिया गया लेकिन बुधवार को उन्होंने बसपा की लालगंज सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी इंदु चौधरी से मुलाकात की। वहीं दूसरी ओर पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का यह कदम बसपा को इंडिया गठबंधन में शामिल करने के लिए उठाया गया था ताकि विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर भाजपा का मुकाबला किया जा सके। हालांकि यह पहल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की जाती तो इसके दूसरे परिणाम भी हो सकते थे। बता दें कि मायावती के दिल्ली प्रवास के दौरान भी उनकी प्रियंका गांधी से मुलाकात की अफवाह फैली थी। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 में भी कांग्रेस ने बसपा को अपने साथ लाने की कवायद की थी, लेकिन मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। बसपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

मेलोनी-मोदी की डील: दोनों देशों के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी, इटली के डिजाइन को दुनिया में दिलाएंगे पहचान

द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मेलोनी ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्तमान 14 बिलियन यूरो (करीब 1,569.3 अरब रुपये) के द्विपक्षीय व्यापार को साल 2029 तक बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो यानी करीब 2,241.85 अरब रुपये तक पहुंचाना है। यह एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते की मदद से हासिल किया जाएगा। मेलोनी ने आगे कहा कि दोनों देशों के आर्थिक और उत्पादक तंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान में भारत के विकास में 400 से अधिक इतालवी कंपनियां सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही, नई दिल्ली में ‘इनोवेट इंडिया इनिशिएटिव’ के तहत एक विशेष केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो दोनों देशों के स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालयों, उद्यमों और अनुसंधान संस्थानों के बीच आपसी सहयोग और प्रतिभाओं को बढ़ावा देगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी को वैश्विक कल्याण से जोड़ते हुए एक नया और प्रभावशाली विजन पेश किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘इटली दुनिया भर में अपने बेजोड़ डिजाइन और सटीकता के लिए प्रसिद्ध है। दूसरी तरफ, भारत की पहचान बड़े पैमाने, असीमित प्रतिभा और किफायती नवाचार के पावरहाउस के रूप में है। इसलिए, अब हम डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड’ के साझा सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।’ पीएम मोदी ने घोषणा की कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029’ इस साझेदारी को एक व्यावहारिक, समयबद्ध और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करेगी।दोनों वैश्विक नेताओं ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में हुई अपनी सात मुलाकातों के बारे में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

Rahul Gandhi: 'आर्थिक तूफान सिर पर है, PM इटली में टॉफी बांट रहे', पीएम मोदी के चॉकलेट गिफ्ट पर राहुल का तंज

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इटली की पीएम मेलोनी के दिए कैंडी उपहार को लेकर हमला बोला है। उन्होंने इस कृत्य को नेतृत्व नहीं, बल्कि एक नौटंकी करार दिया है। राहुल गांधी का यह बयान इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा मोदी को मेलोडी टॉफी का पैकेट देते हुए एक वीडियो पोस्ट करने के बाद आया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘आर्थिक तूफान सिर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बांट रहे हैं! किसान, युवा, महिलाएं, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - पीएम हंसकर रील बना रहे हैं, और भाजपा वाले ताली बजा रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।’ वीडियो हुआ वायरल इससे पहले इतालवी पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर 12 सेकंड की वीडियो क्लिप साझा की थी। जिसमें वो भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ दिख रही हैं। इस क्लिप में वो कह रही हैं, “प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए बहुत अच्छा गिफ्ट लेकर आए हैं। ये टॉफियां हैं जो बहुत स्वादिष्ट हैं।” इसके बाद उनकी दाईं तरफ खड़े पीएम मोदी टॉफी का पैकेट उठाते हैं जिस पर लिखा है ‘मेलोडी’।‘गिफ्ट’ को कैमरे की तरफ दिखाने के बाद दोनों खिल खिलाकर हंस देते हैं।इससे पहले पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी की ओर से आयोजित डिनर में भी शामिल हुए। उन्होंने इस डिनर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। पीएम मोदी ने कहा कि वह मेलोनी के साथ बातचीत का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें दोनों देश भारत-इटली संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा, रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: बसपा से गठबंधन करना चाहते हैं राहुल गांधी, मायावती के घर भेजे अपने दूत; बसपा सुप्रीमो ने वापस लौटाए

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का संदेश लेकर मायावती के दरवाजे पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को बैरंग लौटना पड़ा। मायावती ने मिलने से इनकार कर दिया। कांग्रेस नेता गेट पर अपना नाम लिखवाकर लौट आए। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि वे सिर्फ औपचारिक मुलाकात के लिए गए थे। बसपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इन दिनों लखनऊ में हैं। यह जानकारी मिलने पर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद तनुज पुनिया व अन्य नेता मायावती के आवास पर पहुंचे। उन्होंने मिलने का संदेशा भेजवाया। चर्चा है कि वे कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी का संदेशा लेकर गए थे।वे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत करना चाहते थे, लेकिन मायावती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। कांग्रेस नेताओं से मिलने से मना कर दिया। ऐसे में उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। कांग्रेस नेताओं को बिना बुलाए मायावती के दरवाजे पर जाने को लेकर प्रदेश की सियासत में तरह- तरह की चर्चाएं हैं।इस संबंध में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम का कहना है वह दलित समाज की पूर्व मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में उनका हालचाल लेना हमारा दायित्व है। हमने अपना नाम गेट पर लिखवा दिया है। जब बुलाएंगी तो दोबारा मिलने जाएंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

Italy: पीएम मोदी का रोम में भव्य स्वागत, इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी बोलीं- रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोम पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण में इटली पहुंचे हैं। मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त। इसके साथ ही उन्होंने कोलोसियम में दोनों नेताओं की पहले की एक तस्वीर भी साझा की। Welcome to Rome, my friend! 🇮🇹🇮🇳 pic.twitter.com/mUjFL4HIqY — Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 19, 2026 भारतीय समुदाय ने रोम में पीएम का किया भव्य स्वागत इससे पहले दिन में पीएम मोदी रोम पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और वहां आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत की और एक बच्चे को ऑटोग्राफ भी दिया, जिसने उनका चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया था। सनातन धर्म संघ को इटली की संसद में मान्यता दी गई भारतीय समुदाय की सदस्य स्वामिनी शुद्धानंदा घिरी ने बताया कि यह उनकी पीएम मोदी से दूसरी मुलाकात है। उन्होंने कहा कि पहली बार वह 2021 में प्रधानमंत्री मोदी से मिली थीं और तब से उन्होंने उनके मिशन को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म संघ को इटली की संसद द्वारा आधिकारिक धर्म के रूप में मान्यता दी गई है। उन्होंने एनआई से बातचीत में कहा कि मैं बहुत खुश हूं। यह दूसरी बार है जब हम उनसे मिले हैं। हमने 2021 में उनसे मुलाकात की थी और उन्होंने हमारे मिशन को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया। सनातन धर्म संघ को इटली की संसद ने आधिकारिक धर्म के र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

UN: बिना वीटो के भी स्थायी सदस्यता को तैयार G4 देश? UNSC विस्तार को लेकर संयुक्त राष्ट्र में रखा अहम प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की मांग काफी समय से चल रही है। इसी कड़ी में भारत सहित जी4 देशों ने एक बहुत ही बड़ा और अहम प्रस्ताव दुनिया के सामने रखा है। भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान (जी4 देशों) ने सुरक्षा परिषद में बदलाव को लागू करने के लिए एक रास्ता सुझाया है। इस गुट ने साफ तौर पर कहा है कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों की श्रेणी के भीतर कोई और उप-श्रेणी (सब-कैटेगरी) बिल्कुल नहीं बनाई जा सकती है। यह बयान दुनिया भर की राजनीति और संयुक्त राष्ट्र के भविष्य के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बदलाव की इस मुहिम में भारत एक प्रमुख और मजबूत आवाज बनकर उभरा है। जी4 देश चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जो नए देश स्थायी सदस्य बनें, उन्हें भी पुराने सदस्यों के बराबर ही अधिकार और शक्तियां मिलें। हालांकि, बातचीत को आगे बढ़ाने और आम सहमति बनाने के लिए जी4 देशों ने एक बड़ा समझौता भी पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत, विस्तारित सुरक्षा परिषद में शामिल होने वाले नए स्थायी सदस्य शुरुआत में 15 साल तक ‘वीटो’ पावर (विशेषाधिकार) का इस्तेमाल नहीं करेंगे। वीटो पावर के इस्तेमाल पर अंतिम फैसला 15 साल की एक लंबी समीक्षा (रिव्यू) अवधि के बाद लिया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सुधार की रुकी हुई प्रक्रिया बिना किसी विवाद के तेजी से आगे बढ़ सके और कोई देश इसमें अड़ंगा न लगाए।संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश पर्वथानेनी ने जी4 देशों की तरफ से यह महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को सुरक्षा परिषद सुधारों पर अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) की बैठक में इस गुट का पक्ष बहुत ही मजबूती के साथ रखा। भार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk