द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मेलोनी ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्तमान 14 बिलियन यूरो (करीब 1,569.3 अरब रुपये) के द्विपक्षीय व्यापार को साल 2029 तक बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो यानी करीब 2,241.85 अरब रुपये तक पहुंचाना है। यह एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते की मदद से हासिल किया जाएगा। मेलोनी ने आगे कहा कि दोनों देशों के आर्थिक और उत्पादक तंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान में भारत के विकास में 400 से अधिक इतालवी कंपनियां सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं। इसके साथ ही, नई दिल्ली में ‘इनोवेट इंडिया इनिशिएटिव’ के तहत एक विशेष केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो दोनों देशों के स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालयों, उद्यमों और अनुसंधान संस्थानों के बीच आपसी सहयोग और प्रतिभाओं को बढ़ावा देगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी को वैश्विक कल्याण से जोड़ते हुए एक नया और प्रभावशाली विजन पेश किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘इटली दुनिया भर में अपने बेजोड़ डिजाइन और सटीकता के लिए प्रसिद्ध है। दूसरी तरफ, भारत की पहचान बड़े पैमाने, असीमित प्रतिभा और किफायती नवाचार के पावरहाउस के रूप में है। इसलिए, अब हम डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड’ के साझा सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।’ पीएम मोदी ने घोषणा की कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029’ इस साझेदारी को एक व्यावहारिक, समयबद्ध और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करेगी।दोनों वैश्विक नेताओं ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में हुई अपनी सात मुलाकातों के बारे में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
मेलोनी-मोदी की डील: दोनों देशों के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी, इटली के डिजाइन को दुनिया में दिलाएंगे पहचान
द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मेलोनी ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्तमान 14 बिलियन यूरो (करीब 1,569.3 अरब रुपये) के द्विपक्षीय व्यापार को साल 2029 तक बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो यानी करीब 2,241.85 अरब रुपये तक पहुंचाना है। यह एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते की मदद से हासिल किया जाएगा। मेलोनी ने आगे कहा कि दोनों देशों के आर्थिक और उत्पादक तंत्र एक-