महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 22 विधायक शरद पवार के संपर्क में हैं और जल्द ही राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, अजित पवार गुट ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। एनसीपी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि पार्टी का एक भी विधायक शरद पवार की पार्टी के संपर्क में नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक ने राजनीतिक उद्देश्य से शरद पवार से मुलाकात भी नहीं की है।उमेश पाटिल ने बताया कि पिछले सप्ताह राज्य अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने शरद पवार से केवल शिष्टाचार मुलाकात की थी। यह मुलाकात उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए थी, जिसे तटकरे ने उसी समय मीडिया के सामने स्पष्ट भी कर दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनलों द्वारा लगातार ऐसी खबरें चलाई जा रही हैं कि एनसीपी के विधायक विपक्षी गुट में जाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक संजय बंसोडे और प्रताप पाटिल चिखलीकर भी मौजूद रहे। नेताओं ने दोहराया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उमेश पाटिल ने मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी सबूत के सत्ताधारी दल के विधायकों के दल बदलने की खबरें चलाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने पूछा कि क्या किसी चैनल के पास यह प्रमाण है कि 22 विधायक वास्तव में शरद पवार से मिले हैं?एनसीपी प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलती है। यहां सभी नेताओं और विधायकों को अपनी राय रखने और किसी से भी मिलने की स्वतंत्रता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया का एक वर्ग जानबू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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