बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भले ही विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने की बात कहकर गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा चुकी हैं, लेकिन कांग्रेस ने आस नहीं छोड़ी है। कांग्रेस एससी-एसटी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसद तनुज पुनिया ने मंगलवार को मायावती से मिलने का प्रयास कर दोनों दलों के बीच दूरियों को बढ़ा दिया। बसपा कैंप इस मुलाकात की कोशिश के सियासी नफा-नुकसान का आकलन करने में जुटा है तो दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इसे लेकर लगातार सफाई दे रहे हैं। और पढ़ें बसपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक कांग्रेस का यह कदम सुनियोजित था ताकि मायावती पर गठबंधन करने का दबाव बनाया जा सके। बसपा सुप्रीमो रविवार को दिल्ली से राजधानी वापस आ गई थीं, जिसके बाद वह लगातार पार्टी नेताओं से मिल रही थीं। मंगलवार को भले ही उनके आवास से कांग्रेस नेताओं को वापस कर दिया गया लेकिन बुधवार को उन्होंने बसपा की लालगंज सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी इंदु चौधरी से मुलाकात की। वहीं दूसरी ओर पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का यह कदम बसपा को इंडिया गठबंधन में शामिल करने के लिए उठाया गया था ताकि विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर भाजपा का मुकाबला किया जा सके। हालांकि यह पहल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की जाती तो इसके दूसरे परिणाम भी हो सकते थे। बता दें कि मायावती के दिल्ली प्रवास के दौरान भी उनकी प्रियंका गांधी से मुलाकात की अफवाह फैली थी। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 में भी कांग्रेस ने बसपा को अपने साथ लाने की कवायद की थी, लेकिन मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। बसपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
UP: बसपा-कांग्रेस गठबंधन कोशिशों पर बचाव की मुद्रा में आई कांग्रेस, पार्टी नेता दे रहे हैं सफाई; ये है रणनीति
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भले ही विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने की बात कहकर गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा चुकी हैं, लेकिन कांग्रेस ने आस नहीं छोड़ी है। कांग्रेस एससी-एसटी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसद तनुज पुनिया ने मंगलवार को मायावती से मिलने का प्रयास कर दोनों दलों के बीच दूरियों को बढ़ा दिया। बसपा कैंप इस मुलाकात की कोशिश के सियासी नफा-नुकसान का आकलन करने में जुटा है तो दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इसे लेकर लगातार सफा