Himachal Pradesh Budget Live: भूरे रंग की अटैची में बजट दस्तावेज लेकर विधानसभा पहुंचे सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भूरे रंग की अटैची में बजट दस्तावेज लेकर विधानसभा पहुंचे। सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश कर रहे हैं। 10:56 AM, 21-Mar-2026 भाजपा विधायक दल ने एंट्री टैक्स के विरोध में किया प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में एंट्री टैक्स की बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में हुए प्रदर्शन में भाजपा विधायकों की ओर से बढ़े हुए टैक्स को वापस लेने की मांग की। 10:43 AM, 21-Mar-2026 बेरोजगारी का करें स्थायी समाधान प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, ऐसे में प्रदेश सरकार के इस बजट से उम्मीद है कि सरकारी विभागों में स्थायी रोजगार की व्यवस्था होगी।आउटसोर्स भर्तियों को पूरी से बंद करने के साथ ही सरकार प्रदेश में पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को पैदा करने के साथ युवाओं में कौशल विकसित करने की दिशा में कोई निर्णय लेगी।-पवन शर्मा, प्रशिक्षित बेरोजगार युवा 10:35 AM, 21-Mar-2026 सरकार से पक्की नौकरी, लंबित डीए और महंगाई पर रोक की आस प्रदेश की खराब माली हालत के बावजूद हर वर्ग को सरकार के इस चौथे वार्षिक बजट से कुछ न कुछ राहत मिलने की आस है। लोगों को आस है कि सरकार महंगाई के इस दौर में रोजमर्रा की जरुरतों को पूरा करने और महंगाई कम करने की दिशा में कुछ प्रभावी कदम उठाएगी। रुके विकास कार्यों को रफ्तार देने, कर्मचारियों के लंबित डीए, एरियर सहित रोजगार के अवसर सृजित करेगी। 10:19 AM, 21-Mar-2026 उद्यमी बोले-धारा 118 में संशोधन हो सौर ऊर्जा, जेनरेटर पर शुल्क खत्म करें वहीं बीबीएन उद्योग सं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict LIVE: हिजबुल्ला का इस्राइली सैनिकों पर हमला; गुटेरस बोले- होर्मुज खोलने में मदद करेगा UN

10:54 AM, 21-Mar-2026 गुटेरस बोले- होर्मुज खोलने में मदद करेगा UN संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र होर्मुज की खाड़ी को फिर से सुरक्षित और खुला करने में मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि 2022 में ब्लैक सी में रूस और यूक्रेन के बीच समझौता कराने में भी यूएन ने मदद की थी, जिससे यूक्रेन से अनाज और उर्वरक का निर्यात हो सका। गुटेरस ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या होर्मुज की खाड़ी में वैसी ही स्थिति बनाई जा सकती है जैसी पहले थी, ताकि जहाज आसानी से गुजर सकें। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र खाड़ी देशों और यूरोपीय परिषद के साथ बातचीत कर रहा है ताकि सुरक्षा और आवाजाही सुनिश्चित हो सके। ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव रूस और यूक्रेन के बीच यूएन और तुर्किय के मध्य समझौता ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन से कई करोड़ मीट्रिक टन अनाज निर्यात करने में मदद की थी, इससे पहले कि रूस ने इस समझौते का समर्थन वापस ले लिया। 10:40 AM, 21-Mar-2026 IRGC ने 70वीं लहर के प्रतिकार हमले किए, 55 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने 70वीं लहर के प्रतिकार हमले किए हैं। इन हमलों का लक्ष्य यूएस और इस्राइल के हित थे और यह खाड़ी क्षेत्र और उसके बाहर 55 से ज्यादा जगहों पर किए गए। IRGC ने अपने बयान में कहा कि इन हमलों के दौरान भारी धमाके, आग और धुएं के कॉलम देखे गए। सऊदी अरब, कुवैत और इज़राइल सहित कई देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए और ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने की कोशिश की। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि ईरान ने दो मिड-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दियेगो गार्सिया स्थित संयुक्त अमेरिकी- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

देशभर में ईद का उल्लास: पीएम मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों को दी मुबारकबाद, भाईचारे का संदेश भी दिया

रमजान के पूरे 30 रोजे और इबादतों के बाद देशभर में खुशी का माहौल देखने को मिला, जब ईद का चांद नजर आया। चांद दिखते ही मस्जिदों से एलान किया गया और लोगों ने आसमान में पटाखे जलाकर अपनी खुशी जाहिर की। अकीदतमंदों के चेहरों पर रौनक लौट आई और लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देने लगे। Best wishes on Eid-ul-Fitr. May this day further brotherhood and kindness all around. May everyone be happy and healthy. Eid Mubarak! — Narendra Modi (@narendramodi) March 21, 2026 ईद-उल-फ़ित्र के मुबारक मौके पर सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई। यह त्योहार आत्मसंयम, सेवा, परोपकार एवं वंचित वर्गों के प्रति दया का भाव रखने की सीख देता है। आइए इस अवसर पर हम समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लें। — President of India (@rashtrapatibhvn) March 21, 2026 इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि ईद-उल-फितर की बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि यह दिन आपसी भाईचारे और दया की भावना को और मजबूत करे। सभी लोग खुश और स्वस्थ रहें।ईद-उल-फितर के खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी करते हुए सभी नागरिकों, खासकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि ईद का यह त्योहार हमें आत्मसंयम, सेवा और दूसरों की मदद करने की सीख देता है।उन्होंने कहा कि इस दिन हमें जरूरतमंदों और कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति दया और सहयोग का भाव रखना चाहिए। इसके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

Iran-US: ईरान के इस हथियार ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन, जानें अमेरिका-ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने पर कैसे किया हमला

जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इस सैन्य ठिकाने पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही खराब हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्शन किया। अभी यह साफ नहीं है कि दूसरी मिसाइल पूरी तरह नष्ट हुई या नहीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि दोनों में से कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और बेस सुरक्षित रहा।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों की अधिकतम रेंज करीब 2000 किलोमीटर है। लेकिन डिएगो गार्सिया पर हमला इस दावे को चुनौती देता है। यह दूरी करीब 4000 किलोमीटर है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान के पास घोषित से कहीं ज्यादा लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता हो सकती है।इस्राइल के अल्मा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी ज्यादातर छोटी दूरी की मिसाइलें हैं जो 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं और कुछ मध्यम दूरी की मिसाइलें हैं जिनकी रेंज 3000 किलोमीटर तक है। लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।डिएगो गार्सिया हिंद महासागर के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। यह बेस एशिया और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य रणनीति का एक मजबूत केंद्र है। ऐसे में इस पर हमला होने की कोशिश को बेहद गंभीर माना जा रहा है।इस घटना के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। अगर ईरान सच में इतनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता हासिल कर चुका है, तो यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

क्या थमने वाला है ईरान युद्ध?: पश्चिम एशिया संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- जंग रोकने पर कर रहे विचार

ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना। ईरान के रक्षा उद्योग को कमजोर और नुकसान पहुंचाना। ईरान की नौसेना और वायुसेना की ताकत को खत्म करना, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम सहित। ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से हर हाल में रोकना। इस्राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई समेत सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मकसद ईरान की मिसाइल ताकत को खत्म करना, रक्षा ढांचे को कमजोर करना और उसे परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक अब हालात ऐसे हैं कि युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।इस हफ्ते इस्राइल ने ईरान के एक अहम गैस फील्ड पर हमला किया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया। इस टकराव का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा और तेल-गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।ईरान के जवाबी हमलों में एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। हालांकि पायलट सुरक्षित बताया गया है। इस बीच तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट को देखते हुए अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर अस्थायी राहत देने का फैसला किया है, ताकि वैश्विक बाजार में संतुलन बनाया जा सके।ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि अमेरिका युद्ध को लंबा खींचने के मूड में नहीं है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। ईरान और इस्राइल के बीच हमले जारी हैं और किसी भी समय हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ते …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: देशभर में ईद का जश्न आज; आंधी-बारिश से बदला मौसम का मिजाज; ट्रंप बोले- ईरान के साथ युद्धविराम नहीं

मार्च में मौसम ने ऐसा करवट बदली कि मानसून जैसे हालात बन गए। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जहां जनजीवन प्रभावित किया, वहीं रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इसी बीच जुमे की रात ईद का चांद नजर आते ही देशभर में खुशियों की लहर दौड़ गई, बाजारों से लेकर गली-मुहल्लों तक रौनक देखने को मिली। आज देशभर में ईद का जश्न पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है, जहां ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम से साफ इनकार करते हुए ब्रिटेन की देरी से मदद पर नाराजगी जताई। उधर, सूरत में एलपीजी संकट गहराने से प्रवासी मजदूरों का पलायन तेज हो गया है, जिससे उद्योगों में श्रमिकों की कमी भी बढ़ती जा रही है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 1 min · National Desk

West Bengal: क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक गठजोड़ ही सत्ता की चाबी; पहचान बनाम राष्ट्रीयता के बीच सिमटी असली लड़ाई

बंगाल में विधानसभा की कुल सीटें 294 हैं। 2021 में तृणमूल ने 213 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। चार सीटें निर्दलीयों के खाते में गई थीं। यह महज एक समग्र आंकड़ा नहीं है। इसकी असली ताकत तब समझ आती है, जब भौगोलिक क्षेत्रों में बांटकर देखते हैं। 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक मॉडल वेलफेयर और क्षेत्रीय पहचान बनाम विकास और राष्ट्रीय राजनीति के बीच सीधी टक्कर है। जिसने क्षेत्रीय गणित साध लिया, वही बंगाल की सत्ता पर काबिज होगा।एक ओर तृणमूल कांग्रेस है, जो अपनी कल्याणकारी योजनाओं व बंगाली अस्मिता के मुद्दे को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ रही है। पार्टी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के सहारे सीधे मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटी है। साथ ही बाहरी बनाम स्थानीय की बहस को भी धार दे रही है।वहीं, दूसरी ओर भाजपा विकास, निवेश और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के एजेंडे के साथ मैदान में है। वह रोजगार, उद्योग और कानून-व्यवस्था को मुख्य मुद्दा बना रही है। साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियों के जरिये राष्ट्रीयता के मुद्दे को हवा दे रही है, तो केंद्रीय योजनाओं और डबल इंजन सरकार के जरिए तेज विकास का दावा कर रही है। विश्लेषक कहते हैं बंगाल का चुनाव फिर यह साफ कर रहा है कि यहां सत्ता का फैसला किसी एक मुद्दे से नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और वोट ट्रांसफर से होता है।उत्तर बंगाल में कुल 54 सीटें हैं। यह भाजपा का गढ़ माना जाता है। 2021 में उसे 30 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल को 24। सीमावर्ती व पहाड़ी इलाकों में भाजपा ने मजबूत पकड़ बनाई। यही वह क्षेत्र था, जिसने उसे बंगाल में मुख्य विप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

Eid: रमजान के बाद दिखा खुशियों का चांद, देशभर में ईद का जश्न आज; छोटे-बड़े बाजारों से लेकर गली-मुहल्ले तक रौनक

रमजान के पूरे तीस रोजे और इबादतों के बाद शुक्रवार को ईद का चांद दिखाई दिया। मस्जिदों से जानकारी दी गई और आसमान में रंग-बिरंगे पटाखे दिखाई दिए। अकीदतमंदों के चेहरे खुशी से खिल उठे और एक-दूसरे के गले लगकर चांद और ईद की मुबारकबाद दी। जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद समेत तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में शनिवार को देशभर में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाने का एलान कर दिया गया। चांद दिखाई देने के बाद से दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और हजरत निजामुद्दीन दरगाह के आसपास का माहौल बदल गया। बाजारों में रौनक बढ़ गई। चांदनी चौक, जामा मस्जिद और ओखला जैसे इलाकों में लोग ईद की आखिरी खरीदारी के लिए उमड़ पड़े। कहीं सेवइयों की खुशबू आई, तो कहीं नए कपड़ों और इत्र की दुकानों पर भीड़ देखी गई । बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह नजर आया, जो देर रात तक अपने नए कपड़ों और जूतों की तैयारियों में जुटे रहे।चांद रात के दिन उर्दू बाजार, मटिया महल बाजार, चितली कबर बाजार और ओखला बाजार समेत राजधानी के अन्य बाजारों में देर रात तक जमकर खरीदारी हुई। लोग अपने और अपने परिवार के लिए टोपी, कुर्ता, इत्र, सेवइयां, और मिठाई खरीदते हुए नजर आए।चितली कबर बाजार में खरीदारी करने आए मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उसने ईद की सारी तैयारियां कर ली है। वे बाजार में अब्बू के लिए कुर्ता और टोपी खरीदने आए हैं। सेवई और खजूर कारोबारी आमिर अली ने बताया कि इस बार रमजान में अच्छा मुनाफा हुआ है। ऐसे में उनकी ईद की खुशी दोगुनी हो गई है।रमजान के 30 मुकम्मल रोजों के बाद मिलने वाला यह इनाम केवल जश्न का ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, मोहब्बत और जरूरतमंदों की मदद करने का भी दिन है। अकीदतमंदों ने फितरा और जक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict: अमेरिका-ईरान जंग के बीच यूरोप में क्यों बढ़ी घबराहट? जानिए क्या है इसका मॉस्को कनेक्शन

अमेरिका ने यूरोप से बड़ी संख्या में पैट्रियट (Patriot) एयर डिफेंस मिसाइलों को पश्चिम एशिया की ओर स्थानांतरित किया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ईरान पर युद्ध में अपनी सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन इससे यूरोप में रूस के खिलाफ वायु सुरक्षा में चिंताजनक अंतर पैदा हुआ है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह जर्मनी से दो पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तुर्की के इंसिरलिक एयर बेस भेजे, जहां अमेरिकी और NATO बल तैनात हैं। ये कदम तब उठाए गए जब ईरान ने युद्ध की शुरुआत के बाद से कई बैलिस्टिक मिसाइलें तुर्की की ओर दागी थीं।एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूरोप में पैट्रियट मिसाइलों का स्टॉक काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा स्थिति काफी चिंताजनक है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त हथियार और मिसाइल स्टॉक हैं। नाटो (NATO) की यूरोप रक्षा क्षमता अभी भी पर्याप्त है, लेकिन अमेरिका की रणनीति वैश्विक शक्ति प्रदर्शन के लिए मिसाइलों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात करने की है।पैट्रियट मिसाइल सिस्टम 1980 के दशक से इस्तेमाल हो रहा है और यह विमान, क्रूज मिसाइल और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को रोक सकता है। यूक्रेन युद्ध ने दिखाया है कि पैट्रियट सिस्टम कैसे हाइपरसोनिक और अन्य उच्च तकनीकी मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी है। लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिकी अधिकारी बताते हैं कि पैट्रियट मिसाइलें कम तकनीकी ईरानी शाहेद ड्रोन को रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जबकि उन्हें उच्च तकनीक वाले लक्ष्यों की सुरक्षा में तैनात होना चाहिए।तुर्की ने बताया कि नाटो ने मालाट्या प्रांत में एक और पैट्रियट सिस्टम तैनात किया है। अमेरिकी और नाटो कमांडर जनरल एल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

'हालात वैसे ही हैं': अब्बास अराघची का अमेरिका पर निशाना, वियतनाम युद्ध और फाइव ओ क्लॉक फॉलीज का किया जिक्र

अब्बास अराघची ने अपने बयान में फाइव ओ क्लॉक फॉलीज का जिक्र किया, जो 1960 के दशक में साइगॉन में अमेरिकी सेना की दैनिक प्रेस ब्रीफिंग को कहा जाता था। इन ब्रीफिंग में युद्ध में जीत का दावा किया जाता था, जबकि वास्तविक स्थिति इसके उलट थी। वियतनाम युद्ध में अमेरिका के 50 हजार से अधिक सैनिक मारे गए थे और कुल मिलाकर करीब 30 लाख लोगों की जान गई थी।ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उस समय भी अमेरिकी जनरल विलियम वेस्टमोरलैंड ने देश लौटकर यह भरोसा दिलाया था कि युद्ध में प्रगति हो रही है और जीत करीब है। लेकिन जनवरी 1968 में टेट ऑफेंसिव के बाद यह धारणा पूरी तरह टूट गई, जब उत्तर वियतनाम और वियतकॉन्ग ने एक साथ 100 से ज्यादा शहरों पर हमला किया।अराघची ने मौजूदा हालात की तुलना करते हुए कहा कि आज भी अमेरिकी सरकार और जमीनी सच्चाई में अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि जहां अमेरिका ईरान की वायु रक्षा प्रणाली के खत्म होने की बात कह रहा है, वहीं एक एफ 35 लड़ाकू विमान को ईरानी हमले के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।इस घटना पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि एक एफ 35 विमान ने ईरान के ऊपर मिशन के बाद क्षेत्रीय एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की है और मामले की जांच की जा रही है।अराघची ने यह भी कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती को लेकर किए जा रहे दावों के विपरीत, यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक पोत अपने अग्रिम मोर्चों से पीछे हटे हैं। हालांकि, जानकारी के अनुसार यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड में आग लगने के बाद उसे मरम्मत के लिए ग्रीस के क्रेट द्वीप की ओर ले जाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह घटना युद्ध से जुड़ी नहीं थी।ईरान का द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk