अमेरिका ने यूरोप से बड़ी संख्या में पैट्रियट (Patriot) एयर डिफेंस मिसाइलों को पश्चिम एशिया की ओर स्थानांतरित किया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ईरान पर युद्ध में अपनी सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन इससे यूरोप में रूस के खिलाफ वायु सुरक्षा में चिंताजनक अंतर पैदा हुआ है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह जर्मनी से दो पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तुर्की के इंसिरलिक एयर बेस भेजे, जहां अमेरिकी और NATO बल तैनात हैं। ये कदम तब उठाए गए जब ईरान ने युद्ध की शुरुआत के बाद से कई बैलिस्टिक मिसाइलें तुर्की की ओर दागी थीं।एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूरोप में पैट्रियट मिसाइलों का स्टॉक काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा स्थिति काफी चिंताजनक है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त हथियार और मिसाइल स्टॉक हैं। नाटो (NATO) की यूरोप रक्षा क्षमता अभी भी पर्याप्त है, लेकिन अमेरिका की रणनीति वैश्विक शक्ति प्रदर्शन के लिए मिसाइलों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात करने की है।पैट्रियट मिसाइल सिस्टम 1980 के दशक से इस्तेमाल हो रहा है और यह विमान, क्रूज मिसाइल और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को रोक सकता है। यूक्रेन युद्ध ने दिखाया है कि पैट्रियट सिस्टम कैसे हाइपरसोनिक और अन्य उच्च तकनीकी मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी है। लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिकी अधिकारी बताते हैं कि पैट्रियट मिसाइलें कम तकनीकी ईरानी शाहेद ड्रोन को रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जबकि उन्हें उच्च तकनीक वाले लक्ष्यों की सुरक्षा में तैनात होना चाहिए।तुर्की ने बताया कि नाटो ने मालाट्या प्रांत में एक और पैट्रियट सिस्टम तैनात किया है। अमेरिकी और नाटो कमांडर जनरल एल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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