रमजान के पूरे तीस रोजे और इबादतों के बाद शुक्रवार को ईद का चांद दिखाई दिया। मस्जिदों से जानकारी दी गई और आसमान में रंग-बिरंगे पटाखे दिखाई दिए। अकीदतमंदों के चेहरे खुशी से खिल उठे और एक-दूसरे के गले लगकर चांद और ईद की मुबारकबाद दी। जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद समेत तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में शनिवार को देशभर में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाने का एलान कर दिया गया। चांद दिखाई देने के बाद से दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और हजरत निजामुद्दीन दरगाह के आसपास का माहौल बदल गया। बाजारों में रौनक बढ़ गई। चांदनी चौक, जामा मस्जिद और ओखला जैसे इलाकों में लोग ईद की आखिरी खरीदारी के लिए उमड़ पड़े। कहीं सेवइयों की खुशबू आई, तो कहीं नए कपड़ों और इत्र की दुकानों पर भीड़ देखी गई । बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह नजर आया, जो देर रात तक अपने नए कपड़ों और जूतों की तैयारियों में जुटे रहे।चांद रात के दिन उर्दू बाजार, मटिया महल बाजार, चितली कबर बाजार और ओखला बाजार समेत राजधानी के अन्य बाजारों में देर रात तक जमकर खरीदारी हुई। लोग अपने और अपने परिवार के लिए टोपी, कुर्ता, इत्र, सेवइयां, और मिठाई खरीदते हुए नजर आए।चितली कबर बाजार में खरीदारी करने आए मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उसने ईद की सारी तैयारियां कर ली है। वे बाजार में अब्बू के लिए कुर्ता और टोपी खरीदने आए हैं। सेवई और खजूर कारोबारी आमिर अली ने बताया कि इस बार रमजान में अच्छा मुनाफा हुआ है। ऐसे में उनकी ईद की खुशी दोगुनी हो गई है।रमजान के 30 मुकम्मल रोजों के बाद मिलने वाला यह इनाम केवल जश्न का ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, मोहब्बत और जरूरतमंदों की मदद करने का भी दिन है। अकीदतमंदों ने फितरा और जक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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