'कर्नाटक सरकार किसानों के साथ': सीएम शिवकुमार ने किन वादों-फैसलों का जिक्र किया, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में क्या?

मसौदे में छह राज्यों के कुल 56,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव है। कर्नाटक में 20,668 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र इसके दायरे में आएगा। इसमें 10 जिलों के 33 तालुक और 1,449 गांव शामिल हैं। किसानों और स्थानीय प्रतिनिधियों की चिंता है कि इसका असर खेती, आजीविका और भविष्य के विकास पर पड़ सकता है।कर्नाटक में प्रस्तावित पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र।मसौदे के दायरे में आने वाले तालुकों की संख्या।राज्य के इतने गांव प्रस्तावित क्षेत्र में शामिल हैं।छह राज्यों में प्रस्तावित कुल पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र।केंद्र ने सातवां मसौदा जारी किया।सोमवार से कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और सूखे पर विशेष विधानसभा सत्र।अब तक कर्नाटक में सूखाग्रस्त घोषित किए गए तालुक।सीएम शिवकुमार ने कहा कि पहले से जमीन पर खेती कर रहे किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबित भूमि अधिकार से जुड़े आवेदनों के निपटारे के लिए कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार नए अतिक्रमण की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने वन विभाग को पहले से खेती कर रहे किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की चिंताओं को देखते हुए जरूरी कानूनी संशोधनों पर विचार करेगी। केरल की तर्ज पर प्रभावित इलाकों का भौतिक सर्वे कराने और उच्चस्तरीय समिति बनाने के सुझाव पर भी विचार होगा। सरकार इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा करेगी और जरूरत पड़ी तो सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को केंद्र के पास ले जाएगी। सोमवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र में कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के साथ सूखे की स्थिति पर भी चर्चा होग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

'सिस्टम बनाम छात्र’ पर राहुल को धर्मेंद्र प्रधान का जवाब: गिनाईं योजनाएं और आंकड़े; क्या है पूरा मामला?

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष अपना एजेंडा फैलाने में व्यस्त हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर 2014-15 में 23.7 फीसदी था, जो 2023-24 में बढ़कर 30 फीसदी हो गया। प्रधान ने इस आंकड़े को उच्च शिक्षा तक पहुंच में हुई बढ़ोतरी के तौर पर सामने रखा।प्रधान ने केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी योग्य छात्रों को बिना गारंटी वाले शिक्षा ऋण और ब्याज पर मदद देती है। वहीं पीएम-उषा के जरिए राज्य के संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। यानी प्रधान ने राहुल गांधी के शिक्षा व्यवस्था पर सवालों के जवाब में छात्रों के लिए चल रही योजनाओं और उच्च शिक्षा के विस्तार को सामने रखा।धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में भारत की अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत की क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है और देश की संस्थागत क्षमता भी बढ़ी है। प्रधान ने इन उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को केवल चुनौतियों और शिकायतों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान के अंत में राहुल गांधी से सीधा सवाल किया कि क्या वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के बारे में बात करेंगे या हर छात्र की चिंता को राजनीतिक हथियार बनाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को यह बताने के लिए किसी राजनेता की जरूरत नहीं है कि उन्हें गुस्सा होना चाहिए। उनके मुताबिक छात्रों को ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो काम करें, ऐसे मौकों की जरूरत है जो बढ़ें और ऐसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: क्या दलबदल कानून को और सख्त करने का आ गया समय, विश्लेषकों ने बताया इसका क्या रास्ता

पूर्णिमा त्रिपाठी: जो सिर्फ सत्ता देखकर पाला बदलते हैं वो कहीं भी रहेंगे पार्टी के लिए खतरा तो रहेंगे ही। हमने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ये देखा। आज ममता के साथ हुआ तो कल किसी और के साथ नहीं होगा ऐसा कोई नहीं कह सकता है। कल को ये भाजपा के साथ नहीं होगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। मुझे लगता है कि इसे रोकने के लिए तत्काल सदस्यता जाने जैसे प्रावधान लाने होंगे। राकेश शुक्ल: ये नैतिकता और सिद्धांत का विषय है। जिस दिन राजनीतिक दलों में नैतिकता आ जाएगी और वो के सिद्धांत को अपनाएंगी तो इस तरह के किसी कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी राजनीतिक दलों को एक सिद्धांत तय करेगा। आज जरूरत ये नहीं है कि कानून को सख्त किया जाए, लेकिन ये राजनीतिक दलों को तय करना पड़ेगा। क्योंकि दंड ही हर चीज का समाधान नहीं होता है। अजय सेतिया: पार्टियां किसी की मिल्कियत जैसे हो गई हैं। अगर ये खत्म हो जाए तो किसी को दलबदल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। नैतिकता का जहां तक सवाल है तो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार तक के समय तक के उदाहण आपको मिलेंगे। उसके बाद के दौर में नैतिकता का सियासत में कोई स्थान नहीं रह गया। दलबदल कानून को बदलने या उसे कठोर या ढीला करने के बजाय पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र पर काम किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। विनोद अग्निहोत्री: दलबदल कानून तब बना था जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। तब उनके पास 400 से ज्यादा सांसद थे। यानी, उनके दल के पास टूटने का खतरा नहीं था। अटल बिहारी वाजपेयी के समय इसमें संसोधन हुआ और एक तिहाई की जगह दो तिहाई वाला प्रावधान आया। लोकतंत्र की बात करें तो किस पार्टी में आंतरिक लोकतांत्रिक है ये देखना होगा। कुछ एक उदाहरण के आलाव आपको …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

एलपीजी सिलिंडर बुकिंग में बड़ा बदलाव: ग्राहकों के लिए 1 अक्तूबर से आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य, जानें प्रक्रिया

घरेलू एलपीजी सिलिंडर लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अक्तूबर 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सब्सिडी के साथ तय खुदरा कीमत पर घरेलू एलपीजी रिफिल बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। सरकार के मुताबिक, 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। यह कुल सक्रिय उपभोक्ताओं का 89.9 प्रतिशत है। जिन लोगों ने प्रमाणीकरण करा लिया है, उन्हें अब कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं करनी होगी और उन्हें पहले की तरह एलपीजी रिफिल मिलता रहेगा। 1 अक्तूबर से एलपीजी सिलिंडर लेने के लिए क्या बदल जाएगा? एक अक्तूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा। प्रमाणीकरण पूरा कर चुके उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त प्रक्रिया नहीं करनी होगी। जिन उपभोक्ताओं ने प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाली दर पर रिफिल बुक करने की सुविधा प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद मिलेगी। आधार प्रमाणीकरण रिफिल की डिलीवरी के समय, एलपीजी वितरक के शोरूम या तीनों सरकारी तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप के जरिए किया जा सकता है। इंडेन उपभोक्ता इंडियनऑयल वन ऐप, भारतगैस उपभोक्ता हेलोबीपीसीएल और एचपी गैस उपभोक्ता एचपी पे के जरिए घर बैठे प्रमाणीकरण कर सकते हैं। जो उपभोक्ता प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते या नहीं करा सकते, वे एलपीजी लेना जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें बिना सब्सिडी बाजार कीमत पर सिलिंडर मिलेगा। आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया तो क्या होगा? जिन घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं ने अभी तक बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उनके लिए एक अक्तूबर के बाद सब्सिडी वाली दर पर रिफिल बुक करने की सुविधा प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज: मनु भाकर और पवन सेहरावत ने थामा तिरंगा, ओपनिंग सेरेमनी में दिखी देश की ताकत

एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज: मनु भाकर और पवन सेहरावत ने थामा तिरंगा, ओपनिंग सेरेमनी में दिखी देश की ताकत एशियन गेम्स 2026 में भारत पर एक नजर 501 भारतीय खिलाड़ी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 36 खेलों में भारत के खिलाड़ी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल में 260 से ज्यादा पुरुष और 230 से ज्यादा महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारत के दल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी सबसे युवा खिलाड़ी हैं। 55 वर्षीय घुड़सवार श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी हैं। भारत के दल में 40 साल का उम्र का अंतर है, जो युवा जोश और अनुभव का शानदार मेल दिखाता है। भारत हांगझोउ 2022 के 107 पदकों के रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती के साथ उतरेगा। सात खेलों में लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का मौका जुड़ा है। ये सात खेल हैं, तीरंदाजी, हॉकी, स्क्वैश, टेनिस, सर्फिंग, नौकायन और ट्रायथलॉन। एशियन गेम्स में भारत के दल में अनुभवी सितारों के साथ कई युवा प्रतिभाएं भी शामिल हैं। आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ी पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ अपनी नई पीढ़ी को बड़े मंच पर साबित करने की कोशिश करेंगे। आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज हो गया है। पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित भव्य ओपनिंग सेरेमनी में पूरे एशिया के खिलाड़ी और अधिकारी एक मंच पर नजर आए। इसी दौरान भारतीय दल ने भी प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

मेरठ: आसमान में दिखा वायुसेना का शौर्य, 35 मिनट भरीं राेमांचक उड़ानें; पांच मीटर की दूरी पर उड़े नौ हॉक विमान

1 of 8 मेरठ में सूर्यकिरण टीम का एयर शो - फोटो : अमर उजाला मेरठ के आसमान में शनिवार को पहली बार भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने रोमांच और शौर्य का प्रदर्शन किया। मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप परिसर में करीब 35 मिनट तक चले एयर शो में जांबाज पायलटों ने हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए। लूप और बैरल रोल समेत अलग-अलग मैनूवर देखकर दर्शक हैरान रह गए और तालियों से पूरा कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। 2 of 8 सूर्य किरण टीम का मेरठ में एयर शो - फोटो : सुनील कैथवास, अमर उजाला सूर्य किरण एयर शो के पहले दिन तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ। लोग सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे और बेसब्री से एयर शो का इंतजार करते दिखे। जैसे ही एयर शो शुरू हुआ, आसमान में विमानों के करतब देखकर मेरठ के लोग खुशी से झूम उठे। दर्शकों ने इसे मेरठ के लिए गौरवशाली क्षण बताया। जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह ने भी इस पल को मेरठ के लिए ऐतिहासिक बताया। 3 of 8 सूर्य किरण टीम का मेरठ में एयर शो - फोटो : सुनील कैथवास, अमर उजाला पहली बार मेरठ में एयर शो भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम का दो दिवसीय एयर शो शनिवार से शुरू हुआ। सुबह करीब 10 बजे जांबाज पायलटों ने आसमान में उड़ान भरकर अलग-अलग हवाई करतब दिखाए। यह मेरठ में सूर्यकिरण टीम का पहला एयर शो है। हालांकि उत्तर प्रदेश में टीम का यह दूसरा शो है, इससे पहले टीम लखनऊ में एयर शो कर चुकी है। शो की डिस्प्ले साइट पर स्क्वाड्रन लीडर तुषार शर्मा ने अमर उजाला के साथ टीम की खासियत और पायलटों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेरठवासियों से टीम को भरपूर प्यार मिला। स्कूली बच्चों में भी एयर शो को लेकर काफी उत्साह देखन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका का नया टैरिफ कानून: क्या भारत का 140 अरब डॉलर का व्यापार दांव पर? विस्तार से जानिए जमीनी हकीकत

अमेरिका की ओर से पारित नए व्यापारिक कानून ने भारतीय निर्यातकों और नीति निर्माताओं के बीच भारी अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित ‘सैनक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ के तहत अमेरिका को रूसी तेल व गैस खरीदने वाले देशों से आयातित सामानों पर 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार मिल गया है। ऐसे समय में जब अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, 100% टैरिफ का यह सीधा खतरा भारत के इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, लेदर और फार्मा जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों के लिए एक बड़े संकट की घंटी बजा रहा है। अमेरिका का नया टैरिफ कानून क्या है और यह कब से लागू होगा? अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा 18 सितंबर को हस्ताक्षरित यह नया कानून वाशिंगटन को मॉस्को के शीर्ष ऊर्जा खरीदारों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की शक्तियां देता है। यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर प्रभावी हो जाएगा। भारतीय निर्यातकों की अनिश्चितता और चिंता क्यों बढ़ गई है? कानून के तहत, लागू होने से ठीक पहले के 12 महीनों के दौरान रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की कुल मात्रा के हिसाब से शीर्ष पांच खरीदार देशों में शामिल राष्ट्रों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 फीसदी तक का आयात शुल्क थोपा जा सकता है। इस मानदंड के कारण भारत और चीन जैसे देश, जो रूसी ऊर्जा के शीर्ष खरीदारों में शामिल हैं, सीधे तौर पर इस कानून की जद में आ रहे हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.5 प्रतिशत बढ़कर 140.76 अरब डॉलर (निर्यात 87.3 अरब डॉलर और आयात 53.45 अरब डॉलर) रहा था। वहीं चालू वित्त वर्ष (20 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह: एनएसए अजीत डोभाल बोले- आप 1,000 साल में सबसे भाग्यशाली पीढ़ी; वजह भी बताई

VIDEO | Addressing at the IIT Roorkee convocation ceremony, National Security Advisor (NSA) Ajit Doval says, “You may not be conscious of the fact that, in the last 1,000 years, you are the luckiest generation, which is going to have so many opportunities. Generations before you… pic.twitter.com/w1EWwMaBpv — Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2026 एनएसए अजीत डोभाल ने छात्रों से कहा- शायद आपको इस बात का एहसास नहीं है कि आप पिछले 1,000 वर्षों की सबसे भाग्यशाली पीढ़ी हैं, जिसके पास अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनसे पहले की पीढ़ियां गुलामी के दौर में संघर्ष कर रही थीं और उनके सामने ऐसे रास्ते नहीं खुले थे। आज न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी परिस्थितियां पहले से काफी बेहतर हुई हैं। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे दौर में आ रहे हैं, जहां किसी भी देश या समाज की तरक्की के लिए तकनीक सबसे महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है।डोभाल ने कहा कि छात्र देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने संस्थानों में से एक से पास हो रहे हैं, जिसने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने छात्रों के माता-पिता को बधाई दी, जिन्होंने बच्चों को प्रेरित किया और उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों और प्रोफेसरों का भी आभार जताया, जिन्होंने ऐसा माहौल तैयार कर ज्ञान दिया जिससे छात्र खुद के साथ-साथ समाज, राष्ट्र और मानवता की भलाई में अपना योगदान दे सकें।कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि यह ऐसी पहली पीढ़ी है, जो एक ऐसी दुनिया में जा रही है जो खुद को नए सिरे से बदलने की जद्दोजहद में लगी है। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू-कश्मीर: रामबन हाईवे पर बीएसएफ का वाहन पलटा, पांच जवान घायल; ड्राइवर की हालत गंभीर

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में आज शनिवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई। सीमा सुरक्षा बल का एक वाहन पलट गया। इस हादसे में कम से कम पांच जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंबा-सेरी के पास हुई। बीएसएफ का यह वाहन जम्मू की ओर जा रहे एक बड़े काफिले का हिस्सा था। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे।उन्होंने तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। घायल जवानों को तत्काल वाहन से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में उप-निरीक्षक घर सिंह, चालक शमीम अहमद, आरक्षी सुनील कुमार, परशुतम कुमार और चंदन यादव शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।अधिकारियों के अनुसार, वाहन के चालक शमीम अहमद की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। शमीम अहमद उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का निवासी है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी जान बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। अन्य चार घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई हैये दुर्घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक संवेदनशील हिस्से पर हुई। पुलिस ने बताया कि वाहन के पलटने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी की संभावना पर गौर किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में एक मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की विस्तृत जांच जारी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया दांव: कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क से समझौता, बढ़ेगी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?

समझौते के तहत ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन ही रहेगा और उसकी संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता दी गई है। अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और सुरक्षा से जुड़ी भूमिका मजबूत होगी। ग्रीनलैंड में किसी गैर-नाटो देश का सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति नहीं होगी। रूस और चीन को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने से रोकने की व्यवस्था होगी। विरोधी देशों के ग्रीनलैंड में निवेश करने की क्षमता को भी सीमित किया जाएगा। समझौते पर अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारें अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हस्ताक्षर करेंगी। समझौते को लागू करने से पहले डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों की मंजूरी जरूरी होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि समझौता ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अमेरिका की दूसरी जरूरतों पर उसे स्थायी नियंत्रण देता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन ग्रीनलैंड में बड़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी विकसित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करेगा। ग्रीनलैंड खनिज संसाधनों से समृद्ध है और आर्कटिक में इसकी रणनीतिक स्थिति इसे अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के कार्यालय ने बताया कि समझौते पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर होंगे। फ्रेडरिक्सन ने कहा कि यह समझौता डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देता है और दोनों के आत्मनिर्णय के अधिकार को कायम रखता है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नील्सन ने कहा कि उभरता समझौता तीनों सरकारों के हित में है और ग्रीनलैंड के हितों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग में उसकी जगह को मान्यता देता है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk