धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष अपना एजेंडा फैलाने में व्यस्त हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर 2014-15 में 23.7 फीसदी था, जो 2023-24 में बढ़कर 30 फीसदी हो गया। प्रधान ने इस आंकड़े को उच्च शिक्षा तक पहुंच में हुई बढ़ोतरी के तौर पर सामने रखा।प्रधान ने केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी योग्य छात्रों को बिना गारंटी वाले शिक्षा ऋण और ब्याज पर मदद देती है। वहीं पीएम-उषा के जरिए राज्य के संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। यानी प्रधान ने राहुल गांधी के शिक्षा व्यवस्था पर सवालों के जवाब में छात्रों के लिए चल रही योजनाओं और उच्च शिक्षा के विस्तार को सामने रखा।धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में भारत की अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत की क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है और देश की संस्थागत क्षमता भी बढ़ी है। प्रधान ने इन उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को केवल चुनौतियों और शिकायतों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान के अंत में राहुल गांधी से सीधा सवाल किया कि क्या वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के बारे में बात करेंगे या हर छात्र की चिंता को राजनीतिक हथियार बनाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को यह बताने के लिए किसी राजनेता की जरूरत नहीं है कि उन्हें गुस्सा होना चाहिए। उनके मुताबिक छात्रों को ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो काम करें, ऐसे मौकों की जरूरत है जो बढ़ें और ऐसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'सिस्टम बनाम छात्र’ पर राहुल को धर्मेंद्र प्रधान का जवाब: गिनाईं योजनाएं और आंकड़े; क्या है पूरा मामला?
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष अपना एजेंडा फैलाने में व्यस्त हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर 2014-15 में 23.7 फीसदी था, जो 2023-24 में बढ़कर 30 फीसदी हो गया। प्रधान ने इस आंकड़े को उच्च शिक्षा तक पहुंच में हुई बढ़ोतरी के तौर पर सामने रखा।प्रधान ने केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी योग्य छात्रों को बिना गारंटी वाले शिक्षा ऋण और ब्याज पर मदद देती है। वहीं पीएम-उषा के जरिए र