चीन ने बदल दिया तेल का पूरा खेल: बड़ा स्टॉक जमा कर बदली रणनीति, अब निर्यातक देशों पर निर्भर नहीं रहा बाजार

विशाल रिजर्व : जब तेल सस्ता था, तब चीन ने चुपचाप भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया। आज दुनिया के कुल ज्ञात आपातकालीन तेल भंडार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेला चीन के पास है। जब तेल सस्ता था, तब चीन ने चुपचाप भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया। आज दुनिया के कुल ज्ञात आपातकालीन तेल भंडार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेला चीन के पास है। मौके का फायदा : दुनियाभर में तेल की किल्लत हुई तो चीन ने अपने पुराने स्टॉक का इस्तेमाल शुरू किया और आयात 23% घटा दिया। तेल कीमतें काबू में रहीं। चीन ने साबित कर दिया कि अगर वो खरीदना बंद कर दें, तो तेल बेचने वाले संकट में आ जाएंगे। चीन ने काफी मात्रा में कच्चा तेल जमा करके, शोधन क्षमता बढ़ाकर और कोयले तथा अन्य विकल्पों में निवेश करके अपनी सबसे बड़ी कमजोरी (तेल के लिए दूसरों पर निर्भर होना) को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। अब आयातक देश अपनी मनमर्जी से तेल का बाजार नहीं चला सकते। चीन ने दिखा दिया है कि वह जब चाहे तेल खरीदकर कीमतें बढ़ा सकता है और जब चाहे खरीदारी रोककर कीमतें गिरा सकता है। इसके अलावा, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में आगे होने के कारण व अब कच्चे तेल का मोहताज भी नहीं रहा है।ईरान जंग के शुरुआती महीनों में चीन ने पड़ोसियों को ईंधन आपूर्ति रोक अपनी ताकत का अहसास कराया। वहीं, पश्चिम एशिया पर निर्भर अन्य देशों के पास दूसरे विकल्प नहीं थे। उन्हें या तो ऊर्जा इस्तेमाल घटाना पड़ा या भारी कीमत चुकानी पड़ी।चीन के पास उसे पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन में बदलने की सबसे बड़ी फैक्ट्रियां भी हैं। युद्ध के समय उसने अपने पड़ोसी देशों को डीजल-पेट्रोल की सप्लाई रोक दी। वियत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

जिनपिंग के दौरे की तैयारी: ट्रंप एयरपोर्ट पर करेंगे स्वागत; किन मुद्दों पर होगी बात, क्या व्यापार तनाव घटेगा?

आमतौर पर ट्रंप विदेशी नेताओं से व्हाइट हाउस में मिलते हैं। इसलिए एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करना असामान्य है। शी की यात्रा का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार को होगा। ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करेंगे। इसके लिए व्हाइट हाउस के स्टेट फ्लोर पर एक स्वागत समारोह होगा। यह समारोह घर के अंदर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद ट्रंप और शी रोज गार्डन में सैनिकों का निरीक्षण करेंगे। फिर दोनों नेता बंद कमरे में बातचीत करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन का अलग कार्यक्रम होगा। उधर उनके पति दोनों देशों के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी ज्यादा जानकारी नहीं दी। गुरुवार को शी और उनकी पत्नी राजकीय रात्रिभोज में मेहमान होंगे। ट्रंप और प्रथम महिला इस रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। यह रात्रिभोज व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में होगा। ट्रंप ने कहा कि हर कोई इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहता है। दोनों नेता इस मौके पर भाषण भी देंगे। रात्रिभोज पर कौन-कौन मेहमान होंगे शामिल? ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हजारों लोग इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि व्हाइट हाउस में बनाया जा रहा 1,000 लोगों की क्षमता वाला नया बॉलरूम अभी तैयार नहीं है। इस वजह से यह कार्यक्रम वहां नहीं हो सकेगा। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कई बहुत अच्छे दोस्तों से कह दिया है कि वे इस कार्यक्रम में नहीं आ सकते। व्हाइट हाउस ने रात्रिभोज में आने वाले कुछ लोगों के नाम बताए लेकिन ट्रंप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

ड्रोन हमले से सऊदी की पाइपलाइन ठप: यूरोप को अक्तूबर में नहीं मिलेगा अरामको का कच्चा तेल; क्या है वजह?

यह फैसला सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद आया है। हमले के कारण पाइपलाइन को बंद करना पड़ा और तीन पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए। इसके चलते लाल सागर के तट पर स्थित यानबू बंदरगाह से तेल की लोडिंग भी प्रभावित हुई। सऊदी अरब ने पहले ही यूरोपीय ग्राहकों को कुछ कच्चे तेल की खेप रद्द होने की जानकारी दी थी।तेल की आपूर्ति में आई इस रुकावट के बाद यूरोपीय रिफाइनरों ने दूसरे स्रोतों से कच्चा तेल जुटाना शुरू कर दिया है। पोलैंड की रिफाइनिंग कंपनी ओर्लेन भी वैकल्पिक आपूर्ति की तलाश में है। कारोबारियों के मुताबिक, कंपनी ने सऊदी तेल की जगह उत्तरी सागर का कच्चा तेल खरीदा है। इससे पता चलता है कि पाइपलाइन में आए व्यवधान का असर यूरोपीय रिफाइनरों की खरीद पर भी पड़ रहा है।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अरामको कुछ ही दिनों में पाइपलाइन को आंशिक रूप से फिर शुरू करने और करीब छह सप्ताह में इसे पूरी क्षमता पर वापस लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अमर उजाला इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती है।लाल सागर के रास्ते तेल की आपूर्ति में आई कमी को पूरा करने के लिए अरामको ने खाड़ी के रास्ते कच्चे तेल का निर्यात बढ़ाया है। कंपनी ओमान के सोहर बंदरगाह के पास समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल स्थानांतरित कर रही है। इसका मकसद लाल सागर से कम हुई तेल की मात्रा की कुछ हद तक भरपाई करना है।सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले को लेकर अब तक सबसे अहम जानकारी यह है कि ड्रोन इराक की जमीन से लॉन्च किए गए थे। सऊदी विदेश मंत्रालय ने बताया था कि कई ड्रोन ने रियाद और मदीना क्षेत्र में स्थित पाइपलाइन को निशाना बनाया। हमले के बाद पाइपलाइन को ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

भारत में तेजी से घट रहा भूजल: 34% निगरानी केंद्रों पर स्तर सामान्य से नीचे, डब्ल्यूएमओ की चेतावनी क्यों अहम?

भारत में भूजल का संकट लगातार गहरा रहा है। खासकर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भूजल स्तर में लंबे समय से गिरावट दर्ज की जा रही है। अब वैश्विक जल संसाधनों पर जारी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की ताजा रिपोर्ट ने इस गिरावट को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। डब्ल्यूएमओ की स्टेट ऑफ ग्लोबल वॉटर रिसोर्सेज 2025 रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में भूजल का स्तर लगातार कई वर्षों से सामान्य से नीचे बना हुआ है। इसका सीधा संकेत है कि जमीन से जितना पानी निकाला जा रहा है, प्राकृतिक रूप से उसका उतना पुनर्भरण नहीं हो पा रहा।रिपोर्ट के अनुसार 2022 से 2025 के दौरान अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, भारत, दक्षिणी अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में लगातार भूजल की कमी देखी गई। कई क्षेत्रों में अत्यधिक भूजल दोहन को इसका प्रमुख कारण पाया गया।2025 में दुनिया के भूजल निगरानी केंद्रों में से 34% पर सामान्य से कम या बहुत कम भूजल स्तर दर्ज किया गया। 2024 में यह हिस्सा 25% था। यानी एक साल के भीतर सामान्य से कम भूजल वाले निगरानी केंद्रों का अनुपात बढ़ा। इसके उलट 2025 में करीब 31% निगरानी केंद्रों पर सामान्य से अधिक या बहुत अधिक भूजल स्तर दर्ज किया गया।हालांकि डब्ल्यूएमओ ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े उन्हीं क्षेत्रों के हैं, जहां भूजल निगरानी का डेटा उपलब्ध है। इसलिए इन्हें पूरी दुनिया की स्थिति का प्रत्यक्ष प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। भूजल स्तर की तुलना 2001 से 2020 के 20 वर्षीय संदर्भ काल से की गई है।डब्ल्यूएमओ के भूजल रुझानों के विश्लेषण में कई वर्षों से जारी सूखे और भूजल में लगातार कमी के बीच संबंध की ओर संकेत किया गया है। 2025 में उत्तरी भारत में जम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: पीआरडी जवानों का दैनिक भत्ता बढ़ा और कैशलेस इलाज भी मिलेगा: शासनादेश जारी किया गया

यूपी में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता अब 600 रुपये प्रतिदिन हो गया है। उन्हें और उनके आश्रित परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक की नकद रहित चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी। यह नई व्यवस्था शुक्रवार को शासनादेश जारी होने के साथ लागू हुई है। पिछले वर्ष अप्रैल में भत्ता 395 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया था। अब इसमें 100 रुपये की और वृद्धि हुई है। वर्तमान में 31,130 पीआरडी स्वयंसेवक पंजीकृत हैं। इनके लिए 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर करीब 9.34 करोड़ रुपये सालाना खर्च आएगा। यह नकद रहित इलाज आयुष्मान योजना के तहत राजकीय और निजी अस्पतालों में मिलेगा। सुविधा के लिए स्वयंसेवक को वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन माह ड्यूटी करनी होगी। यह लाभ केवल सेवाकाल तक मान्य रहेगा। पिछले वर्ष अप्रैल में भत्ता 395 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया था। अब इसमें 100 रुपये की और वृद्धि हुई है। वर्तमान में 31,130 पीआरडी स्वयंसेवक पंजीकृत हैं। इनके लिए 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर करीब 9.34 करोड़ रुपये सालाना खर्च आएगा।यह नकद रहित इलाज आयुष्मान योजना के तहत राजकीय और निजी अस्पतालों में मिलेगा। सुविधा के लिए स्वयंसेवक को वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन माह ड्यूटी करनी होगी। यह लाभ केवल सेवाकाल तक मान्य रहेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

विशेष: मेरठ के आसमान में दिखेगा सूर्य किरण का रोमांच, ट्रेनिंग-टीम वर्क और एयर शो की कहानी, पायलट्स की जुबानी

मोहिउद्दीनपुर में हो रही तैयारियां 19 और 20 सितंबर को होने वाला एयर शो परतापुर क्षेत्र स्थित मोहिउद्दीनपुर न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होगा। साउथ मेट्रो स्टेशन के पास स्थित आयोजन स्थल पर जिला प्रशासन और वायुसेना की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर करीब 100 बीघा जमीन में तैयारियां की गई हैं। दर्शकों के लिए तीन प्रवेश मार्ग, बड़ा खुला पंडाल और खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। वीवीआईपी और वीआईपी के लिए अलग व्यवस्था रहेगी। शुक्रवार को वायुसेना के अधिकारियो और मेरठ प्रशासन के अधिकारियो ने दो दिन होने वाले एयर शो की डिस्प्ले साइट पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान वायुसेना के पांच विमानों ने आसमान अभ्यास किया। इस दौरान वायुसेना के अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओ और तैयारी को परखा। प्रसाशनिक अधिकारियों ने बताया की कार्यक्रम स्थल पर तीन गैलरी बनाई जाएंगी। पीछे की ओर पार्किंग स्थल बनाया गया है। घर, दुकान और खेत से भी शो देख सकेंगे आसपास के लोग डीएम वीके सिंह ने बताया कि आसपास के लोग अपने घर, दुकान और खेत से भी एयर शो देख सकते हैं। कॉलेज, स्कूल के छात्र-छात्राओं और युवाओं को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। आयोजन स्थल पर पार्किंग और दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई है। यह उत्तर प्रदेश में सूर्य किरण टीम का दूसरा एयर शो होगा। इससे पहले टीम लखनऊ में प्रदर्शन कर चुकी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

उज्जैन में संघ प्रमुख का युवाओं को संदेश: धर्म बांधता नहीं बल्कि मुक्त करता है, बताया रिलीजन से क्यों है अलग

उज्जैन के देवास रोड स्थित गीता भवन में आयोजित तीन दिवसीय युवा धर्म संसद के दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान संघ प्रमुख ने युवाओं को धर्म का वास्तविक अर्थ समझाया और जीवन में इसके महत्व पर मार्गदर्शन दिया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने उद्बोधन में रिलीजन और धर्म का अंतर बताते हुए स्पष्ट किया कि रिलीजन का अर्थ धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शब्दकोश में धर्म के लिए कोई सटीक शब्द ही नहीं है। रिलीजन शब्द की उत्पत्ति रिलिजियो से हुई है, जो बांधने का संकेत देता है, जबकि धर्म किसी को बांधता नहीं, बल्कि मुक्त करता है। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति इसके कर्मकांड को मिटाना चाहती है, इसलिए इसे रिलीजन का नाम देती है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत धर्मप्राण देश है। किसी भी नए विचार या जिज्ञासा का समाधान पाने के लिए पहले अपने मन को स्थिर और खाली करना होगा। जब तक पुरानी बातें दिमाग से नहीं हटेंगी, तब तक नया सीखना संभव नहीं है।बता दें कि इस धर्म संसद में देशभर से लगभग 1,700 युवा छात्र-छात्राएं तथा 300 से अधिक विद्वान, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य हिस्सा ले रहे हैं। प्रसिद्ध पटकथा लेखक और गीतकार मनोज मुंतशिर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा, एआई तथा सूचना-विचार संघर्ष जैसे समसामयिक विषयों पर विस्तृत संवाद और व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि धर्म केवल बुजुर्गों के लिए नहीं है बल्कि यह युवाओं को सही दिशा दिखाने का माध्यम ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

भाजपा की नशा विरोधी यात्रा: रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला, बोले-मुझे कुछ हुआ तो सीएम-डीजीपी जिम्मेदार

वहीं यात्रा में शामिल होने आ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने काफिले पर हमले का आरोप लगाया है। रवनीत बिट्टू के ऑफिस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उनकी सुरक्षा टीम ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े तीन लोगों को पकड़ा है। बिट्टू ने कहा कि अगर मुझे कुछ भी होता है, तो पंजाब के डीजीपी और पंजाब के सीएम जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे आप विधायक कलसी का हाथ है। ऐसी घटनाएं लोकतंत्र और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। नेताओं ने की निंदा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रवनीत सिंह बिट्टू पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। ढिल्लों ने कहा कि नशा मुक्त यात्रा शुरू होने से पहले ही आम आदमी पार्टी घबरा गई है। आप कार्यकर्ताओं ने सिंह बिट्टू के काफिले पर हमला कर दिया। उनके काफिले की गाड़ियों पर अंडे और टमाटर फेंके गए और गाड़ियों की खिड़कियां तोड़ दी गईं। ढिल्लों ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता आप के ड्रग माफिया द्वारा की गई ऐसी कायरतापूर्ण हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। हम नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई को उसके सही अंजाम तक पहुंचाकर रहेंगे। सुनील जाखड़ ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सिर्फ रवनीत बिट्टू की बात नहीं है, आज सुबह अमृतसर में नाइट पेट्रोलिंग के दौरान एक एएसआई की हत्या कर दी गई। बिट्टू पर हुआ हमला राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। यह पंजाब में हालात को अस्थिर करने की कोशिश है। भगवंत मान सिर्फ एक कठपुतली हैं। असली भूमिका केजरीवाल और मनीष सिसोदिया निभाते हैं। वे हत्यारों को आजाद कर रहे हैं और उन्हें पार्टी में शामिल कर रहे हैं। बिट्टू के काफिले पर हमले पर बीजेपी नेता विजय सांपला ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

तीन राज्यों में अलर्ट: जम्मू से हटे तो अगला ठौर खोज रहे रोहिंग्या, अब दूसरे राज्यों में बसने की फिराक में

जम्मू के नरवाल इलाके से बेदखल किए जाने के बाद रोहिंग्या अब गुपचुप तरीके से देश के अन्य राज्यों में अपना ठिकाना बनाने की फिराक में हैं। पिछले 18 वर्षों में स्थानीय संस्कृति और भाषा में पूरी तरह घुल-बस चुके इन लोगों का अब अलग-अलग राज्यों में बिखरना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस की कार्रवाई से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए ये रोहिंग्या सहानुभूति का कार्ड खेलने के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा के नूंह से लेकर हैदराबाद और बंगलूरू तक फैलने का षड्यंत्र रच रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि नरवाल में झुग्गियां और दुकानें हटाए जाने के बाद रोहिंग्या परिवारों ने अपने अगले कदम को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। यह खामोशी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। रोहिंग्याओं की शुरुआती योजना जम्मू के ही अन्य हिस्सों में अपने रिश्तेदारों के पास छिपने की है। यदि वहां बात नहीं बनती है तो ये परिवार दूसरे राज्यों के शहरों का रुख करेंगे।सूत्रों के अनुसार उन शहरों में इनके लिए पहले से ही पुराने संपर्क मौजूद हो सकते हैं। नरवाल से झुग्गी छोड़ रहे सद्दाम ने बताया कि पहली कोशिश जम्मू के दूसरे हिस्सों में रहने वाले रिश्तेदारों के पास शरण लेने की होगी। वहां जगह नहीं मिली तो पंजाब, हरियाणा के नूह, हैदराबाद या बंगलूरू जाने पर विचार करेंगे।रोहिंग्याओं के जम्मू के दूसरे हिस्सों में जाने की आशंका के बीच उधमपुर, कठुआ, रियासी, पुंछ और राजोरी को भी सतर्क किया गया है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की एजेंसियों को संभावित आवाजाही को लेकर अलर्ट किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार साल 2008 से जम्मू में डेरा डाले इन रोहिंग्याओं ने 18 वर्षों में स्थानीय बोली, पह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

उत्तराखंड से कश्मीर तक बदला मौसम: कई राज्यों में फिर मानसून सक्रिय, पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश

उत्तराखंड में यमुनोत्री धाम में गुरुवार सुबह से हो रही बारिश और आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई। सप्त ऋषि कुंड, बंदरपूंछ और गरुड़ गंगा टॉप की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। बदरीनाथ, केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ की चोटियों में भी बर्फबारी हुई। उधर, हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम के ऊंचाई वाले स्थानों पर भी जमकर बर्फबारी हुई। मौसम में अचानक आए बदलाव से निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई।वहीं चार धामा यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को भी मुश्किलों का सामना पड़ा। बर्फबारी के बाद केदारनाथ में अधिकतम तापमान 3 डिग्री से 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री से 3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हरियाणा में विदाई से पहले मानसून कहर बरपा रहा है। बुधवार शाम से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के 20 जिलों में बृहस्पतिवार को भारी बारिश हुई।हिमाचल प्रदेश में साच पास में करीब 30 सेमी हिमपात हुआ। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में रोहतांग, बारालाचा, कुंजम और शिंकुला दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। जिले में सुंदरासी, गौरीकुंड और पवित्र मणिमहेश क्षेत्र में करीब 10 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते मणिमहेश यात्रा सुबह के समय तीन घंटे तक रोकनी पड़ी। भरमौर में बिजली गिरने से 27 भेड़-बकरियों की मौत हो गई और कई घायल हो गईं। मंडी के सुंदरनगर में भारी भूस्खलन से दो रिहायशी मकान गिर गए और दो कारें मलबे की चपेट में आ गईं।कश्मीर घाटी के बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी में बर्फबारी होने की मौसम विभाग ने पुष्टि की है। इस इलाके में ठंड की आहट शुरू हो गई है। जम्मू के किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर भी बर्फ गिरी है। सीजन की पहली बर्फबारी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk