शशि थरूर का एक और नया कठिन शब्द चर्चा में: जानें क्वॉकरवॉडजर का हिंदी मतलब क्या है, सरकार पर कैसे कसा तंज?

थरूर ने क्वॉकरवॉडजर को अभी क्यों चर्चा में ला दिया? क्या थरूर पहले भी इस शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं? थरूर के ऐसे शब्दों से सोशल मीडिया पर क्या होता है? फैरागो और ट्रोग्लोडाइट का क्या मतलब है? क्वॉकरवॉडजर का मतलब क्या है? थरूर ने इस शब्द की परिभाषा साझा करते हुए बताया कि क्वॉकरवॉडजर ऐसे राजनीतिक व्यक्ति को कहा जाता है, जो किसी दूसरे व्यक्ति के नियंत्रण में हो और उसके निर्देश पर काम करता हो। इसी अर्थ को सामने रखते हुए थरूर ने इसे हमारे दौर का शब्द बताया और कहा कि उनका मानना है कि पिछले करीब 12 वर्षों में उनकी नजर में सत्तारूढ़ दल ने ऐसे कुछ लोगों को पैदा किया है। यह टिप्पणी उन्होंने सरकार और सत्तारूढ़ दल पर राजनीतिक तंज के तौर पर की।शशि थरूर अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो आम बोलचाल में बहुत कम सुनाई देते हैं। इस बार भी उन्होंने पहले शब्द साझा किया और फिर उसका अर्थ बताया। इसके बाद उन्होंने इसे मौजूदा दौर से जोड़ते हुए राजनीतिक टिप्पणी की। उनके पोस्ट में शब्द की परिभाषा के साथ एक तस्वीर भी साझा की गई थी। थरूर की इस शैली के कारण उनके पोस्ट पर लोगों का ध्यान गया और क्वॉकरवॉडजर शब्द चर्चा में आ गया।हां। थरूर ने अप्रैल 2022 में भी क्वॉकरवॉडजर शब्द का अर्थ साझा किया था। उस समय उन्होंने इसे राजनीतिक शब्दावली में उपयोगी जोड़ बताया था। यानी यह शब्द उनके लिए नया नहीं है। इस बार उन्होंने इसे फिर से साझा करते हुए इसे हमारे दौर का शब्द बताया और इसके अर्थ को मौजूदा राजनीति से जोड़कर अपनी टिप्पणी की।थरूर लंबे समय से अपने जटिल और कम इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी शब्दों के लिए जाने जाते हैं। उनके ऐसे पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप-जेलेंस्की की न्यूयॉर्क में मुलाकात तय: बोले- बहुत कुछ बदल सकती है यह बैठक; क्या रूस से बनेगी बात?

जेलेंस्की ने ट्रंप को स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के कीव दौरे के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों ने यूक्रेन की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जेलेंस्की ने कहा कि शांति की दिशा में आगे बढ़ना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, अमेरिका और यूक्रेन की टीमें इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं।जेलेंस्की ने बताया कि तनाव कम करने के संभावित कदमों और बुनियादी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा शामिल है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। जेलेंस्की के मुताबिक, इन मुद्दों पर आगे की बातचीत में ठोस कदमों पर विचार किया जा सकता है।जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिंडसे ग्राहम बिल पर हस्ताक्षर करके उसे कानून बनाने के लिए भी धन्यवाद दिया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि शांति होनी चाहिए। उन्होंने यूक्रेन के साथ खड़े लोगों और उसकी मदद करने वालों का भी आभार जताया। जेलेंस्की ने अपने संदेश में शांति की जरूरत पर जोर देते हुए अमेरिका के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही।जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ बातचीत के बाद कहा कि कूटनीतिक स्तर पर आगे बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। अब दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क में होने वाली प्रस्तावित मुलाकात पर ध्यान रहेगा। जेलेंस्की ने अपने संदेश में कहा, ‘यह बैठक बहुत कुछ बदल सकती है।‘रूस और यूक्रेन के बीच मौजूदा पूर्ण …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: प्रदेश में होगी 7600 होमगार्डों की भर्ती, 41424 होमगार्ड की भर्ती के बाद भी रिक्त पद शेष; जानिए डिटेल

प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों की फिर भर्ती होगी। राज्य सरकार ने इस बाबत होमगार्ड संगठन को मंजूरी प्रदान कर दी है। ये भर्तियां वर्तमान में प्रचलित 41,424 होमगार्ड के पदों के अतिरिक्त होंगी। दरअसल जनवरी, 2026 में होमगार्ड संगठन में 7600 पद रिक्त होने की वजह से भर्ती की जानी है। बता दें कि प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 पद हैं, जबकि वर्तमान में महज 69,324 कार्यरत हैं। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 41,424 पदों पर भर्ती के लिए एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन 12 जिलों में हो रहा है। इसके बावजूद नियतन के अनुसार 7600 पद रिक्त हैं। अब इन पदों पर भर्ती कर नियतन को पूरा कर लिया जाएगा। इससे कानून-व्यवस्था समेत तमाम कार्यों में होमगार्ड की उपलब्धता हो सकेगी। बता दें कि तमाम विभाग भी होमगार्ड की सेवाएं लेते हैं जिसके बदले में भुगतान करते हैं। वहीं विधानसभा चुनाव समेत महत्वपूर्ण आयोजनों में भी होमगार्ड स्वयंसेवकों की खासी मांग होती है।होमगार्ड संगठन में जल्द ही लिपिक संवर्ग, ब्लॉक आर्गनाइजर, प्लाटून कमांडर समेत तमाम अन्य पदों पर भी भर्ती होनी है। इसका प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है। जल्द ही शासन की मंजूरी मिलते ही इन पदों पर सीधी भर्ती की कवायद शुरू कर दी जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

विक्टर-राउडी की फैन हुई अमेरिकी सेना: भारतीय सेना के डॉग्स ने दिखाया ऐसा करतब, ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई थी ताकत

भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास में भारतीय सेना के डॉग्स ने अपने युद्ध कौशल के करतबों से अमेरिकी सेना हैरान है। भारतीय सेना की खास सैन्य मुहिमों में सैनिकों की मदद करने में माहिर डॉग्स राइस, विक्टर, जैक और राउडी ने अमेरिकी सैनिकों के साथ रूम-इंटरवेंशन और रैपलिंग जैसी मुश्किल ड्रिल में हिस्सा लिया। इससे अमेरिकी जवानों को इन डॉग्स के प्रशिक्षण, फुर्ती और मुश्किल सामरिक हालात में सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करने की क्षमता को करीब से देखने का मौका मिला। राउडी और विक्टर रामपुर हाउंड नस्ल के हैं। यह भारत की स्वदेशी नस्ल है, जिसका भारतीय सेना सैन्य भूमिकाओं में तेजी से इस्तेमाल कर रही है। जैक बेल्जियन मेलिनॉयस और राइस लैब्राडोर रिट्रीवर है।इन डॉग्स को भारत की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर तैनाती का अनुभव भी है। रामपुर हाउंड्स ने इससे पहले मेघालय के उमरोई में हुए एक अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद उन्हें मणिपुर सीमा पर तैनात किया गया, जहां उन्होंने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का सफलतापूर्वक पता लगाया।इनके भाई-बहनों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जालंधर और अमृतसर सेक्टर में भी तैनात किया गया था। यह अलग-अलग इलाकों और परिस्थितियों में इस कैनाइन लाइन की उपयोगिता, अनुकूलन क्षमता और भरोसेमंद प्रदर्शन को दिखाता है।‘युद्ध अभ्यास 2026’ में इन डॉग्स की भागीदारी भारतीय सेना के कैनाइन दस्ते, खासकर स्वदेशी नस्लों की बढ़ती भूमिका को सामने लाती है। साथ ही, यह प्रशिक्षित डॉग्स और उनके हैंडलर्स के बीच बेहतर तालमेल को भी दिखाती है।युद्ध अभ्यास 2026 का 22वां संस्करण 15 सितंबर से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

टाटा संस में बढ़ी तकरार: चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर ट्रस्ट्स ने खोला मोर्चा, बोले- नहीं बदल सकते नियम

टाटा समूह में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के 17 सितंबर के उस फैसले की वैधता पर सवाल उठाया है, जिसमें चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाए रखने का फैसला हुआ था। ट्रस्ट्स का कहना है कि कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक, ट्रस्ट की ओर से नामित निदेशकों की मंजूरी जरूरी थी। ऐसे में चेयरमैन के पास मौजूद कास्टिंग वोट इस शर्त को खत्म नहीं कर सकता। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 1 min · National Desk

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप?: ईरानी सेना बोली- अगर कार्रवाई हुई तो सहयोगियों को भुगतना पड़ेगा अंजाम

रिपोर्ट में कहा गया कि सेना का कहना है कि अमेरिका के किसी भी हमले के जवाब में इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों पर लगातार हमले किए जाएंगे। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता का समर्थन करने वाले क्षेत्रीय देशों को भी इस संघर्ष में शामिल पक्ष माना जाएगा।खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर ने बयान में कहा, “हम चेतावनी देते हैं कि अगर इस इलाके के देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रति अपनी दोहरी नीति जारी रखते हुए एक ताकतवर और संप्रभु ईरान के खिलाफ अमेरिका के आक्रामक हमले में साथ देते हैं, तो उन्हें भी इस काम में साझेदार माना जाएगा और वे ईरान की ताकतवर सेना से संयम या शालीनता की उम्मीद नहीं कर सकते।“ये बयान मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच आया है। दरअसल, पिछले कुछ घंटों में अमेरिका ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने दूतावासों, मिशनों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।अटकलों को हवा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैंप डेविड दौरा एक दिन पहले खत्म कर लौटने की वजह से भी उड़ी। शनिवार शाम व्हाइट हाउस लौट आए। ट्रंप की जल्दी वापसी की वजह व्हाइट हाउस ने स्पष्ट नहीं की। इस बीच ईरान के प्रेस टीवी ने भी उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसकाह में खाराब अल-जिर एयरबेस के पास एयर डिफेंस एक्टिविटी की जानकारी दी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

'पद पर थे, तब नहीं आई मुसलमान की याद': हामिद अंसारी के किस बयान पर मचा बवाल? मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया किनारा

एएनआई से बातचीत में रशीदी ने अंसारी के पद पर रहते हुए मुसलमानों के पक्ष में दिए गए बयानों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद से हटने के बाद अंसारी की ओर से इस तरह के कई बयान सामने आए हैं। रशीदी ने कहा, ‘हामिद अंसारी जब उपराष्ट्रपति थे, तब उनकी ओर से मुसलमानों के पक्ष में ज्यादा बयान देखने को नहीं मिले। लेकिन पद से हटने के बाद उनके कई बयान सामने आए हैं और ऐसा लगता है कि अब वह खुद को मुसलमानों के नेता के तौर पर पेश कर रहे हैं।‘मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि सांविधानिक पदों पर रहने वाले लोगों को समाज के सभी वर्गों के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने ने यह भी सवाल उठाया कि पद से हटने के बाद ही ऐसे मुद्दे क्यों उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चरमपंथ को इस आधार पर देखा जाना चाहिए कि क्या उससे दूसरों के प्रति नफरत पैदा होती है। उन्होंने कहा, ‘चरमपंथ तब गलत हो जाता है जब उसमें दूसरों के प्रति नफरत शामिल हो। अगर कोई अपने धर्म का पालन करता है और दूसरों को परेशान नहीं करता, तो यह अलग बात है।‘देश में मुसलमानों के साथ व्यवहार का जिक्र करते हुए रशीदी ने कहा कि विभाजन के समय मुसलमानों ने भारत में रहने का फैसला किया और देश के लिए योगदान दिया। उन्होंने कहा, ‘हम गर्व से कहते हैं कि हम मुसलमान हैं, लेकिन हमें इससे भी ज्यादा गर्व है कि हम भारत में रहते हैं।‘वहीं, आईएएनएस से बातचीत में ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने भी ‘हिंदू चरमपंथ’ को लेकर अंसारी की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘हामिद अंसारी अब मुसलमानों के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन जब वह बड़े पदों पर थे, तब उन्हें मुसलमानों की याद नहीं आई। आज उन्हें मुसलमान य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: योगी बोले- प्रदेश में हर सप्ताह होगा बड़ा भर्ती इवेंट, छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए केवल प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। पुलिसकर्मियों को उसी स्तर की सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे। सरकार ने पुलिस लाइन, बैरक और आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया है। प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची इमारत पुलिस बैरक या पुलिस की आवासीय सुविधा की है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है। बदलती दुनिया और नई तकनीक के साथ पुलिस को भी लगातार खुद को तैयार करना होगा। तकनीक को समस्या मानकर नजरअंदाज करने के बजाय समाधान के रूप में इस्तेमाल करना होगा। 912 नियुक्तियां, 912 परिवारों के लिए भी प्रेरणा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शासन नवचयनित पुलिसकर्मियों से आम आदमी की समस्याओं के समाधान में उसी संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है, जिस संवेदनशीलता के साथ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। ये नियुक्ति पत्र केवल 912 व्यक्तियों को नहीं मिल रहे, बल्कि 912 परिवारों और उनसे जुड़े समाज के लोगों के लिए भी प्रेरणा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को देखकर उनके गांव और मोहल्ले के दूसरे नौजवानों में भी विश्वास पैदा होगा कि वे बिना सिफारिश और लेनदेन अपनी योग्यता से सरकारी सेवा का हिस्सा बन सकते हैं। पुलिस सेवा में कर्तव्य पहले, अधिकार बाद में: सुरेश खन्ना वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में होने वाली भर्तियां विवाद और संदेह के घेरे में रहती थीं। पुलिस की सेवा का मतलब केवल पद नहीं है, बल्कि इसमें कर्तव्य पहले और अधिकार बाद में आते हैं। उन्होंने कहा कि पुलि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया तनाव: ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखीं; सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका के बीच एडवाइजरी जारी

उड़ानें और हवाई क्षेत्र बंद होने का खतरा क्यों बताया? अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि मौजूदा हालात में उड़ानें रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं और यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पश्चिम एशिया से आने-जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को एयरपोर्ट और एयरलाइन के संचालन से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने को कहा गया है। यानी अमेरिका ने अपने नागरिकों को किसी भी अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विभाग ने साफ कहा है कि मौजूदा सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है। खबर अपडेट की जा रही है… अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि मौजूदा हालात में उड़ानें रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं और यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पश्चिम एशिया से आने-जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को एयरपोर्ट और एयरलाइन के संचालन से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने को कहा गया है। यानी अमेरिका ने अपने नागरिकों को किसी भी अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विभाग ने साफ कहा है कि मौजूदा सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग के कांसुलर अफेयर्स ने कहा है कि क्षेत्र का सुरक्षा माहौल जटिल बना हुआ है और हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। विभाग ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकियों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। वहीं, जो अमेरिकी नागरिक अभी पश्चिम एशिया से बाहर हैं, उन्हें इस क्षेत्र में या इसके रास्ते यात्रा करने पर गंभीरता से दोबारा विचार करने की सलाह दी गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

पुंछ: ज्वेलरी शॉप से पाकिस्तानी झंडे और एके-47 बरामद, बड़ी साजिश का भंडाफोड़; कुछ संदिग्ध हिरासत में

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में पुलिस ने एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। नगर के सबसे सुरक्षित और व्यस्त माने जाने वाले मुख्य बाजार में ज्वेलरी की एक दुकान से एके-47 राइफल के कारतूस, पाकिस्तानी मुद्रा, पाकिस्तानी पोस्टर और झंडे बरामद हुए। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। खुफिया एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट पर पुलिस ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे मुख्य बाजार की अकाली गुरुद्वारा गली में स्थित ज्वेलरी शॉप पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार मौजूद रहे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह दुकान मोहल्ला खोड़ीनाड निवासी देविंद्र सिंह की है। पुलिस ने दुकान में ने रात करीब 10 बजे तक सघन तलाशी ली। इसमें दुकान के भीतर से एके-47 राइफल के 5 कारतूस, पाकिस्तानी मुद्रा के 105 रुपये, 30 पाकिस्तानी पोस्टर और 2 पाकिस्तानी झंडे बरामद किए गए। पुलिस ने सारा सामान अपने कब्जे में लिया लिया। पुंछ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।पुंछ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) की निगरानी में इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच चल रही है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गोलियां और पाकिस्तानी सामग्री शहर के मुख्य बाजार की उस दुकान तक कैसे और कहां से पहुंची।यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में भी पुंछ नगर के इस हिस्से से ऐसी देशविरोधी सामग्री कभी बरामद नहीं हुई थी। अब जब इलाके में आतंकवाद अंतिम सांसें गिन रहा है, तब शहर के बीचों-बीच इस तरह का जखीरा मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।इस मामले का सबस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk