राजस्थान: किस नेता के गढ़ में किसका चला सिक्का? अजमेर से झालावाड़ तक निकाय चुनाव ने बदले सियासी संकेत

अजमेर में भाजपा के प्रमुख चेहरों में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा नेता अनिता भदेल शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में जिले की आठ में से सात सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं। निकाय चुनाव में भी कांग्रेस ने वार्ड स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत रखी। नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 32 और निर्दलीयों ने 11 सीटें जीतीं। लेकिन मेयर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। यानी कांग्रेस छह वार्ड ज्यादा जीतने के बावजूद मेयर की कुर्सी नहीं ले सकी।पाली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र है। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी भी यहां भाजपा की राजनीति के प्रमुख चेहरे हैं। इसके बावजूद पाली नगर निगम में कांग्रेस 29 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही। भाजपा को 21 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं। इसके बाद भी भाजपा की नमिता बुबकिया मेयर चुनी गईं। पाली का नतीजा इसलिए खास है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक क्षेत्र में कांग्रेस ने वार्डों में बढ़त बनाई, लेकिन बोर्ड की शीर्ष कुर्सी भाजपा के पास रही।केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की राजनीतिक जमीन माने जाने वाले बीकानेर में कांग्रेस ने निकाय चुनाव में स्पष्ट बढ़त हासिल की। 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भाजपा को 27 और निर्दलीयों को 10 सीटें मिलीं, जबकि एक सीट आरएलपी के खाते में गई। इसके बाद कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए। वे पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे हैं। यहां वार्डों का जनादेश सीधे नगर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

मेरठ: अवैध निर्माण की जद में आया पूरा शहर, 16,726 मकान होंगे सील, बेगमपुल, ब्रह्मपुरी समेत यहां गिरेगी गाज

मेरठ: अवैध निर्माण की जद में आया पूरा शहर, 16,726 मकान होंगे सील, बेगमपुल, ब्रह्मपुरी समेत यहां गिरेगी गाज शास्त्रीनगर में चल रही ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई अब केवल सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरा शहर इसकी जद में आ सकता है। सेंट्रल मार्केट मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण 25 साल पुराना हो या 50 साल पुराना, वह अवैध ही रहेगा। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की ओर से सुनवाई के दौरान जोन ए की सर्वे रिपोर्ट दाखिल की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि शहर के जोन ए (बेगमपुल, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, भगवतपुरा, तारापुरी समेत कई इलाके) में 16,726 भवन अनाधिकृत हैं। इस पर जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने इन सभी निमार्ण को सील करने के आदेश दिए। वहीं, बाकी तीन जोन बी, सी और डी की रिपोर्ट दाखिल नहीं किए जाने पर अदालत ने मेडा सचिव अर्पित गुप्ता पर नाराजगी जताई। मामले में 9 दिसंबर की तारीख तय करते हुए तब तक अनुपालन आख्या दाखिल करने के निर्देश दिए गए। आवास एवं विकास परिषद के अधिवक्ता की ओर से 44 सील भवनों की अनुपालन आख्या भी दाखिल की गई। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सरकारी वकील नवीन पाहवा ने प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

एफटीए: भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता 20 अक्तूबर से होगा लागू, गोयल बोले- व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्तूबर से लागू हो जाएगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। यह समझौता दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के कारोबार तथा निवेश को बढ़ावा देगा। भारत को क्या लाभ मिलेगा? यह महत्वपूर्ण समझौता 27 अप्रैल को हस्ताक्षरित किया गया था। गोयल ने बताया कि यह समझौता दशहरा के दिन से प्रभावी होगा। इस समझौते से भारत के निर्यात को न्यूजीलैंड में 100 फीसदी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।वर्तमान में न्यूजीलैंड भारतीय सामान पर 10 फीसदी तक का उच्चतम शुल्क लगाता है। इनमें सिरेमिक, कालीन, ऑटोमोबाइल और ऑटो कलपुर्जे जैसे प्रमुख उत्पाद शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने भारत में 15 वर्षों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह कदम दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा। इससे द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय उत्पादों को अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। इससे भारतीय सामान की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। सिरेमिक, कालीन और ऑटो कलपुर्जे जैसे क्षेत्रों को विशेष फायदा होगा। यह भारत के व्यापार संतुलन के लिए सकारात्मक कदम है। न्यूजीलैंड का निवेश क्या मायने रखता है? न्यूजीलैंड भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा निवेश करेगा। यह निवेश भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। यह दोनों देशों के बीच गहरे होते आर्थिक संबंधों का प्रतीक है। यह समझौता आपसी विश्वास और सहयोग को भी मजबूत करेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

कनाडा का यूरोप की ओर बढ़ा कदम: मैक्रों ने ईयू का सहयोगी सदस्य बनाने का किया समर्थन, कार्नी से की मुलाकात

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कनाडा के यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य बनने के प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अंतरिक्ष, रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों में रणनीतिक संबंध और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए। रविवार को नेताओं की मुलाकात सेंट-पियरे-ए-मिकेलॉन में हुई। यह न्यूफाउंडलैंड के तट के पास स्थित फ्रांस का एक इलाका है, जहां फ्रांस और कनाडा के बीच की दूरी बस कुछ ही किलोमीटर है। अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों के बीच कनाडा का यूरोप की ओर तेजी से झुकाव हो रहा है। इसके साथ ही यह जगह इस बदलाव के लिए एक बहुत ही दिलचस्प पृष्ठभूमि है।कार्नी के साथ खड़े होकर मैक्रों ने फ्रेंच भाषा में कहा, ‘हम यूरोपियन यूनियन के साथ करीबी रिश्ते बनाने के उस एजेंडे के बहुत ज्यादा पक्ष में हैं। चाहे वह यूनियन के सहयोगी सदस्य के तौर पर हो,या फिर यूरोपियन समुदाय के पूर्ण सदस्य के तौर पर।’ वहीं, कार्नी ने फ्रेंच भाषा में कहा, ‘कनाडा और फ्रांस के बीच सबसे नजदीकी बिंदु पर सिर्फ कुछ किलोमीटर की दूरी है। हमारे मूल्य और भी ज्यादा करीब हैं।‘कार्नी ने कहा कि देश अपनी स्पेस एजेंसियों और रक्षा मंत्रालयों को लॉन्च सिस्टम और जमीन पर आधारित रिसेप्शन सुविधाओं जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और साझा करने का काम सौंपेंगे। वे ऊर्जा, टेलीकम्युनिकेशन, जलवायु के प्रति लचीलेपन और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। मैक्रों का यह समर्थन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की ओर से कनाडा को ईयू का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखने के कुछ दिनों बाद आया है।कार्नी ने इस संभावना का स्वागत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

'अगर गलती की तो होंगे दर्दनाक नतीजे': ईरान की दो टूक, गालिबाफ बोले- शर्तें माने यूएस वरना होर्मुज नहीं खुलेगा

अल जजीरा के अनुसार, गालिबाफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक अपनी मांगें और शर्तें स्पष्ट रूप से पहुंचा दी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, ईरानी लोगों के जरूरी अधिकारों को मान्यता नहीं मिलती और अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक बातचीत के पुराने ढांचे में लौटने या होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की कोई संभावना नहीं है।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का प्रमुख केंद्र बन गया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया में ऊर्जा की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां समुद्री यातायात पर लगाए गए प्रतिबंधों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति में आगे और बाधा आने की चिंता बढ़ गई है।गालिबाफ के बयान के बाद ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। ईरान के खतम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से कहा कि अगर अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके हितों को निशाना बनाया जाएगा।सैन्य कमान ने कहा, “अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ कोई गलती करता है, तो क्षेत्र में उसके सभी ठिकानों और हितों को बिना किसी सीमा या विचार के लगातार, प्रभावी और दर्दनाक हमलों का निशाना बनाया जाएगा।” ईरानी सैन्य कमान ने क्षेत्र के उन देशों को भी चेतावनी दी है जो अमेरिका की किसी सैन्य कार्रवाई में उसका साथ देंगे। ईरान ने कहा कि ऐसे देशों को कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा और ईरानी सेना की ओर से उनके खिलाफ किसी संयम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

इटली में सख्ती की पहल: मेलोनी स्कूलों में बुर्का-नकाब पर प्रतिबंध लगाएंगी; विदेशी छात्रों की संख्या सीमित होगी

इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव प्रस्तावित किया है। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार जल्द ही एक उपाय पेश करेगी। इस उपाय के तहत इतालवी स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। साथ ही, कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या भी सीमित की जाएगी। यह घोषणा प्रवासन और सांस्कृतिक एकीकरण को लेकर उनकी सरकार के सख्त रुख को दर्शाती है। मेलोनी ने अपनी राष्ट्रवादी रूढ़िवादी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के युवा विंग को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उपाय में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान होगा। इसके तहत उन विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा के पाठ अनिवार्य किए जाएंगे। ये वे माता-पिता होंगे जिन्हें ‘स्कूल प्रणाली में एकीकृत होने में गंभीर कठिनाइयां’ आ रही हैं। मेलोनी ने रोम में जियोवेंटु नाज़ियोनेल राष्ट्रीय उत्सव में एक जोरदार तालियों के बीच कहा। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘हमारे लिए, जो कोई भी इटली आता है और यहां अपना भविष्य बनाना चाहता है, उसे हमारी भाषा सीखनी चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन्हें हमारी संस्कृति को समझना चाहिए और हमारे नियमों का सम्मान करना चाहिए।’ मेलोनी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘यह उनका स्वागत करने का एकमात्र गंभीर तरीका है।‘मेलोनी ने विशेष रूप से बुर्का पर प्रतिबंध का उल्लेख किया है। बुर्का एक ऐसा पहनावा है जो कुछ मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं और पूरे शरीर को ढकता है। उन्होंने नकाब पर भी प्रतिबंध की बात की। नकाब सबसे रूढ़िवादी मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं, जिसमें केवल आंखें ही दिखती हैं। हालांकि, मेलोनी ने रविवार को (20 सितंबर) अपने संबोधन में हिजाब का कोई जिक्र नहीं किया। हिजाब एक सिर पर पहना जाने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

हनीट्रैप: कठुआ के अमन ने सीमा पार बेचे टोल-टनल और पुल के चित्र, एक साल से था पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में

हनीट्रैप में फंसकर सीमा पार संवेदनशील जानकारियां भेजने के आरोप में गिरफ्तार कठुआ के ट्रक चालक अमन कुमार से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर उसका इस्तेमाल देश के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे की तस्वीरें जुटाने के लिए कर रहे थे। इस हाई-टेक सेटअप ने विदेशी एजेंटों को भारतीय क्षेत्र में जमीन पर उतरे बिना ही सैनिकों की लाइव तैनाती, भारी तोपखाने और सैन्य रसद काफिलों के आवागमन पर चौबीसों घंटे सीधी नजर रखने की सुविधा दी। या यूं कहें पाकिस्तानी हैंडलरों ने सीमा पार बैठे-बैठे ही भारतीय सीमावर्ती मार्ग पर एक स्थायी डिजिटल निगरानी चौकी स्थापित कर ली थी। सूत्रों के मुताबिक, अमन ने लद्दाख और कश्मीर में बनी सुरंगों, संवेदनशील पुलों और हाईवे पर बने टोल प्लाजा की तस्वीरें विदेश में बैठे हैंडलरों को भेजी थीं। हैंडलर उससे सांबा सैन्य क्षेत्र की रैकी कराकर तस्वीरें हासिल करना चाहते थे। इससे पहले कि वह ऐसा कर पाता, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार मढ़ीन तहसील के सीमावर्ती दोलियां जट्टां (कोटपुन्नू) गांव निवासी अमन अक्तूबर 2025 से सीमा पार बैठे हैंडलरों के संपर्क में था।वह लद्दाख से लेकर उत्तर प्रदेश में लखनऊ और गुवाहाटी तक ट्रक लेकर जाता था। इसी आवाजाही का फायदा उठाकर हैंडलरों ने उसे रास्ते में पड़ने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की तस्वीरें और अन्य जानकारियां जुटाने का काम सौंपा था। इनमें लद्दाख और कश्मीर को जोड़ने वाली सुरंगें, दर्रे और प्रमुख पुल शामिल थे।इस मामले को सामान्य जासूसी से कहीं अधिक खतरनाक बनाने वाली बात विदेशी हैंडलरों की ऑपरेशनल रणनीति (टैक्टिक) है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप के 'विजय द्वार' में बनेगा सैन्य अड्डा: ड्रोन-स्नाइपर से गोला-बारूद तक का इंतजाम, क्या है प्लान?

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेना के जोर देने पर उन्होंने आर्च को एक उच्च स्तर के सैन्य परिसर और विजय द्वार के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है। ट्रंप ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि आर्च पर ड्रोन और स्नाइपर जैसी सैन्य व्यवस्था की जरूरत किस खास खतरे को देखते हुए महसूस हुई। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप की पोस्ट के अलावा विभाग के पास इस बारे में फिलहाल कुछ और कहने को नहीं है।प्रस्तावित आर्च अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास एक ट्रैफिक सर्कल में बनाया जाना है। यह फोर्ट मायेर से करीब एक मील और पेंटागन से लगभग दो मील यानी 3.2 किलोमीटर दूर है। ट्रंप इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर बनाना चाहते हैं। इसी योजना के तहत वॉशिंगटन को बदलने की ट्रंप की व्यापक कोशिशों की भी चर्चा हो रही है। इनमें जॉन एफ. कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स के नाम में अपना नाम जोड़ने की कोशिश भी शामिल है।सेवानिवृत्त मरीन कर्नल और रक्षा विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने आर्च को सैन्य परिसर में बदलने की जरूरत पर सवाल उठाया है। उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि यह कदम आर्च के निर्माण का समर्थन मजबूत करने के लिए जोड़ा गया लगता है। उनका कहना है कि फोर्ट मायेर पहले से ही करीब एक मील दूर है और वहां कई तरह की सैन्य क्षमताएं मौजूद हैं। ऐसे में आर्च पर अलग से इस तरह की व्यवस्था की जरूरत क्यों है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने वहां बड़ी मात्रा में गोला-बारूद रखने से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों और स्नाइपर तैनात करने की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया।विजय द्वार की योजना को लेकर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

शशि थरूर का एक और नया कठिन शब्द चर्चा में: जानें क्वॉकरवॉडजर का हिंदी मतलब क्या है, सरकार पर कैसे कसा तंज?

थरूर ने क्वॉकरवॉडजर को अभी क्यों चर्चा में ला दिया? क्या थरूर पहले भी इस शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं? थरूर के ऐसे शब्दों से सोशल मीडिया पर क्या होता है? फैरागो और ट्रोग्लोडाइट का क्या मतलब है? क्वॉकरवॉडजर का मतलब क्या है? थरूर ने इस शब्द की परिभाषा साझा करते हुए बताया कि क्वॉकरवॉडजर ऐसे राजनीतिक व्यक्ति को कहा जाता है, जो किसी दूसरे व्यक्ति के नियंत्रण में हो और उसके निर्देश पर काम करता हो। इसी अर्थ को सामने रखते हुए थरूर ने इसे हमारे दौर का शब्द बताया और कहा कि उनका मानना है कि पिछले करीब 12 वर्षों में उनकी नजर में सत्तारूढ़ दल ने ऐसे कुछ लोगों को पैदा किया है। यह टिप्पणी उन्होंने सरकार और सत्तारूढ़ दल पर राजनीतिक तंज के तौर पर की।शशि थरूर अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो आम बोलचाल में बहुत कम सुनाई देते हैं। इस बार भी उन्होंने पहले शब्द साझा किया और फिर उसका अर्थ बताया। इसके बाद उन्होंने इसे मौजूदा दौर से जोड़ते हुए राजनीतिक टिप्पणी की। उनके पोस्ट में शब्द की परिभाषा के साथ एक तस्वीर भी साझा की गई थी। थरूर की इस शैली के कारण उनके पोस्ट पर लोगों का ध्यान गया और क्वॉकरवॉडजर शब्द चर्चा में आ गया।हां। थरूर ने अप्रैल 2022 में भी क्वॉकरवॉडजर शब्द का अर्थ साझा किया था। उस समय उन्होंने इसे राजनीतिक शब्दावली में उपयोगी जोड़ बताया था। यानी यह शब्द उनके लिए नया नहीं है। इस बार उन्होंने इसे फिर से साझा करते हुए इसे हमारे दौर का शब्द बताया और इसके अर्थ को मौजूदा राजनीति से जोड़कर अपनी टिप्पणी की।थरूर लंबे समय से अपने जटिल और कम इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी शब्दों के लिए जाने जाते हैं। उनके ऐसे पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप-जेलेंस्की की न्यूयॉर्क में मुलाकात तय: बोले- बहुत कुछ बदल सकती है यह बैठक; क्या रूस से बनेगी बात?

जेलेंस्की ने ट्रंप को स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के कीव दौरे के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों ने यूक्रेन की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जेलेंस्की ने कहा कि शांति की दिशा में आगे बढ़ना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, अमेरिका और यूक्रेन की टीमें इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं।जेलेंस्की ने बताया कि तनाव कम करने के संभावित कदमों और बुनियादी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा शामिल है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। जेलेंस्की के मुताबिक, इन मुद्दों पर आगे की बातचीत में ठोस कदमों पर विचार किया जा सकता है।जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिंडसे ग्राहम बिल पर हस्ताक्षर करके उसे कानून बनाने के लिए भी धन्यवाद दिया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि शांति होनी चाहिए। उन्होंने यूक्रेन के साथ खड़े लोगों और उसकी मदद करने वालों का भी आभार जताया। जेलेंस्की ने अपने संदेश में शांति की जरूरत पर जोर देते हुए अमेरिका के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही।जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ बातचीत के बाद कहा कि कूटनीतिक स्तर पर आगे बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। अब दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क में होने वाली प्रस्तावित मुलाकात पर ध्यान रहेगा। जेलेंस्की ने अपने संदेश में कहा, ‘यह बैठक बहुत कुछ बदल सकती है।‘रूस और यूक्रेन के बीच मौजूदा पूर्ण …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk