डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेना के जोर देने पर उन्होंने आर्च को एक उच्च स्तर के सैन्य परिसर और विजय द्वार के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है। ट्रंप ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि आर्च पर ड्रोन और स्नाइपर जैसी सैन्य व्यवस्था की जरूरत किस खास खतरे को देखते हुए महसूस हुई। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप की पोस्ट के अलावा विभाग के पास इस बारे में फिलहाल कुछ और कहने को नहीं है।प्रस्तावित आर्च अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास एक ट्रैफिक सर्कल में बनाया जाना है। यह फोर्ट मायेर से करीब एक मील और पेंटागन से लगभग दो मील यानी 3.2 किलोमीटर दूर है। ट्रंप इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर बनाना चाहते हैं। इसी योजना के तहत वॉशिंगटन को बदलने की ट्रंप की व्यापक कोशिशों की भी चर्चा हो रही है। इनमें जॉन एफ. कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स के नाम में अपना नाम जोड़ने की कोशिश भी शामिल है।सेवानिवृत्त मरीन कर्नल और रक्षा विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने आर्च को सैन्य परिसर में बदलने की जरूरत पर सवाल उठाया है। उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि यह कदम आर्च के निर्माण का समर्थन मजबूत करने के लिए जोड़ा गया लगता है। उनका कहना है कि फोर्ट मायेर पहले से ही करीब एक मील दूर है और वहां कई तरह की सैन्य क्षमताएं मौजूद हैं। ऐसे में आर्च पर अलग से इस तरह की व्यवस्था की जरूरत क्यों है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने वहां बड़ी मात्रा में गोला-बारूद रखने से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों और स्नाइपर तैनात करने की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया।विजय द्वार की योजना को लेकर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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