अजमेर में भाजपा के प्रमुख चेहरों में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा नेता अनिता भदेल शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में जिले की आठ में से सात सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं। निकाय चुनाव में भी कांग्रेस ने वार्ड स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत रखी। नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 32 और निर्दलीयों ने 11 सीटें जीतीं। लेकिन मेयर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। यानी कांग्रेस छह वार्ड ज्यादा जीतने के बावजूद मेयर की कुर्सी नहीं ले सकी।पाली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र है। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी भी यहां भाजपा की राजनीति के प्रमुख चेहरे हैं। इसके बावजूद पाली नगर निगम में कांग्रेस 29 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही। भाजपा को 21 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं। इसके बाद भी भाजपा की नमिता बुबकिया मेयर चुनी गईं। पाली का नतीजा इसलिए खास है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक क्षेत्र में कांग्रेस ने वार्डों में बढ़त बनाई, लेकिन बोर्ड की शीर्ष कुर्सी भाजपा के पास रही।केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की राजनीतिक जमीन माने जाने वाले बीकानेर में कांग्रेस ने निकाय चुनाव में स्पष्ट बढ़त हासिल की। 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भाजपा को 27 और निर्दलीयों को 10 सीटें मिलीं, जबकि एक सीट आरएलपी के खाते में गई। इसके बाद कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए। वे पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे हैं। यहां वार्डों का जनादेश सीधे नगर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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