जेलेंस्की ने ट्रंप को स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के कीव दौरे के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों ने यूक्रेन की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जेलेंस्की ने कहा कि शांति की दिशा में आगे बढ़ना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, अमेरिका और यूक्रेन की टीमें इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं।जेलेंस्की ने बताया कि तनाव कम करने के संभावित कदमों और बुनियादी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा शामिल है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है। जेलेंस्की के मुताबिक, इन मुद्दों पर आगे की बातचीत में ठोस कदमों पर विचार किया जा सकता है।जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति को लिंडसे ग्राहम बिल पर हस्ताक्षर करके उसे कानून बनाने के लिए भी धन्यवाद दिया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि शांति होनी चाहिए। उन्होंने यूक्रेन के साथ खड़े लोगों और उसकी मदद करने वालों का भी आभार जताया। जेलेंस्की ने अपने संदेश में शांति की जरूरत पर जोर देते हुए अमेरिका के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही।जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ बातचीत के बाद कहा कि कूटनीतिक स्तर पर आगे बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। अब दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क में होने वाली प्रस्तावित मुलाकात पर ध्यान रहेगा। जेलेंस्की ने अपने संदेश में कहा, ‘यह बैठक बहुत कुछ बदल सकती है।‘रूस और यूक्रेन के बीच मौजूदा पूर्ण …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
ट्रंप-जेलेंस्की की न्यूयॉर्क में मुलाकात तय: बोले- बहुत कुछ बदल सकती है यह बैठक; क्या रूस से बनेगी बात?
जेलेंस्की ने ट्रंप को स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के कीव दौरे के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों ने यूक्रेन की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। जेलेंस्की ने कहा कि शांति की दिशा में आगे बढ़ना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनके मुताबिक, अमेरिका और यूक्रेन की टीमें इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं।जेलेंस्की ने बताया कि तनाव कम करने के संभावित कदमों और बुनियादी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा