हनीट्रैप में फंसकर सीमा पार संवेदनशील जानकारियां भेजने के आरोप में गिरफ्तार कठुआ के ट्रक चालक अमन कुमार से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर उसका इस्तेमाल देश के महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे की तस्वीरें जुटाने के लिए कर रहे थे। इस हाई-टेक सेटअप ने विदेशी एजेंटों को भारतीय क्षेत्र में जमीन पर उतरे बिना ही सैनिकों की लाइव तैनाती, भारी तोपखाने और सैन्य रसद काफिलों के आवागमन पर चौबीसों घंटे सीधी नजर रखने की सुविधा दी। या यूं कहें पाकिस्तानी हैंडलरों ने सीमा पार बैठे-बैठे ही भारतीय सीमावर्ती मार्ग पर एक स्थायी डिजिटल निगरानी चौकी स्थापित कर ली थी। सूत्रों के मुताबिक, अमन ने लद्दाख और कश्मीर में बनी सुरंगों, संवेदनशील पुलों और हाईवे पर बने टोल प्लाजा की तस्वीरें विदेश में बैठे हैंडलरों को भेजी थीं। हैंडलर उससे सांबा सैन्य क्षेत्र की रैकी कराकर तस्वीरें हासिल करना चाहते थे। इससे पहले कि वह ऐसा कर पाता, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार मढ़ीन तहसील के सीमावर्ती दोलियां जट्टां (कोटपुन्नू) गांव निवासी अमन अक्तूबर 2025 से सीमा पार बैठे हैंडलरों के संपर्क में था।वह लद्दाख से लेकर उत्तर प्रदेश में लखनऊ और गुवाहाटी तक ट्रक लेकर जाता था। इसी आवाजाही का फायदा उठाकर हैंडलरों ने उसे रास्ते में पड़ने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की तस्वीरें और अन्य जानकारियां जुटाने का काम सौंपा था। इनमें लद्दाख और कश्मीर को जोड़ने वाली सुरंगें, दर्रे और प्रमुख पुल शामिल थे।इस मामले को सामान्य जासूसी से कहीं अधिक खतरनाक बनाने वाली बात विदेशी हैंडलरों की ऑपरेशनल रणनीति (टैक्टिक) है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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