Jharkhand: राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस को झटका; क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव की मतगणना में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। वोटों की गिनती के दौरान कांग्रेस के दो और बीजेपी का एक वोट रद्द हो गया, जबकि राजद और भाकपा माले के विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी। मतगणना के बाद झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को विजयी घोषित किया गया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को केवल 19 वोट मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस खेमे में निराशा का माहौल दिखा। मतगणना स्थल से कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, प्रत्याशी प्रणव झा समेत कई मंत्री और विधायक बाहर निकल गए।कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा कि कांग्रेस के सभी 16 वोट सुरक्षित रहे। उन्होंने दावा किया कि झामुमो ने भी चार वोट कांग्रेस को दिए, जिसके चलते कांग्रेस को कुल 20 वोट मिलने चाहिए थे। के. राजू ने आरोप लगाया कि यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार ने धनबल का इस्तेमाल किया।उन्होंने कहा, “कांग्रेस के सभी 16 वोट सुरक्षित हैं। झामुमो ने चार वोट दिए और कांग्रेस को 20 वोट मिले। यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार ने पैसे का इस्तेमाल किया।“कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद दुखद और शर्मनाक घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न राज्यों की तरह झारखंड में भी जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त की गई। राजेश ठाकुर ने कहा, “हम मानते हैं कि इससे ज्यादा दुखद कुछ नही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

नारी शक्ति के दावों की खुली पोल: आरक्षण कानून के बाद भी महिलाएं उपेक्षित, चुनावों में मिले सिर्फ 10 फीसदी टिकट

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने 51,708 उम्मीदवारों के आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन किया है। यह अध्ययन महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद हुए लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनावों पर आधारित है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन कुल उम्मीदवारों में से केवल 5,095 ही महिलाएं थीं। यह कुल संख्या का महज 10 प्रतिशत बैठता है।साल 2024 के लोकसभा चुनाव की तस्वीर भी बेहद निराशाजनक रही। इस चुनाव में कुल 8,360 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था। इनमें से महिला उम्मीदवारों की संख्या सिर्फ 800 थी। देश के कुल 543 संसदीय क्षेत्रों में से 152 सीटें ऐसी थीं, जहां एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरी। यही वजह है कि वर्तमान 18वीं लोकसभा में केवल 74 महिला सांसद हैं, जो पूरे सदन का सिर्फ 14 फीसदी हिस्सा है।महिलाओं को आगे बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे करने वाले दलों की पोल इस रिपोर्ट ने खोल दी है। राष्ट्रीय दलों में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा 16 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिए। कांग्रेस और माकपा इस मामले में 13-13 प्रतिशत पर रहीं। बहुजन समाज पार्टी ने केवल आठ प्रतिशत महिलाओं को मैदान में उतारा। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस विश्लेषण के दायरे में आए अपने 22 उम्मीदवारों में से एक भी महिला को टिकट नहीं दिया।विधानसभा चुनावों के आंकड़े भी कुछ ऐसे ही हैं। बिल पास होने के बाद से देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव कराए गए। इनमें उतरे कुल 31,429 उम्मीदवारों में से सिर्फ 3,273 महिलाएं थीं। यह आंकड़ा भी लगभग 10.2 प्रतिशत ही ठहरता है। किसी भी राज्य में महिला उम्मीदवारों का ग्राफ 14 प्रतिशत से ऊपर नहीं गया। साल 2024 में ओडिशा इस मामले में सबसे आगे रहा, जहां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: अमेरिका और ईरान के बीच कैसे हुआ समझौता, युद्ध के बाद किसने क्या खोया और किसने क्या पाया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैकों के साथ डिनर के दौरान इस पर दस्तखत किए। तेहरान में ईरान के राष्ट्रपतिमसूद पेजेशकियान ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश अब 60 दिनों तक नए सिरे से बातचीत करेंगे। वहीं, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप साल 2015 के परमाणु समझौते से बेहतर डील करा पाएंगे? इस पुरानी डील को उन्होंने आठ साल पहले खुद रद्द कर दिया था।युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। यह रास्ता ईरान का सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ। दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। रास्ता बंद होने से दुनिया भर में ईंधन, खाना और खाद महंगी हो गई थी। अमेरिका में भी महंगाई (मुद्रास्फीति) बढ़कर 4% हो गई थी। इससे वहां होने वाले मध्यावधि चुनावों में ट्रंप की मुश्किलें बढ़ रही थीं।अब समझौते के तहत यह रास्ता खुल गया है। अमेरिका भी ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा लेगा। अगले 60 दिनों तक इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह मुफ्त रहेगी। इसके बाद फीस ली जा सकती है। इससे दुनिया भर में गैस और तेल की कीमतें कम होंगी। ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के उस प्रयास को विफल कर दिया है, जो उसकी सरकार को गिराने के लिए किया गया था। इस युद्ध के शुरुआती हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता और कई बड़े अधिकारी मारे गए थे।इस समझौते के तहत ट्रंप ने ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को तुरंत हटा दिया है। अब ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में खुलकर अपना कच्चा तेल बेच सकेगा। इससे उसे अरबों डॉलर की कमाई होगी। पिछले साल ईरान ने तेल बेचकर 45 अरब डॉलर कमाए थे। तब प्रतिबंधों के कारण उसका एकमात्र बड़ा खर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

Amar Ujala Samwad: राजनीति, सुरक्षा, खेल और मनोरंजन जगत की दिग्गज हस्तियां करेंगी शिरकत, 24 जून को रहें तैयार

मैदान से जीवन तक संघर्ष और जुनून की मिसाल उत्तराखण्ड भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ खिलाड़ी आंकड़ों से नहीं, बल्कि अपने जज्बे और समर्पण से याद किए जाते हैं। मोहम्मद कैफ उन्हीं चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं। लॉर्ड्स की ऐतिहासिक जीत में उनकी पारी आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की स्मृतियों में जीवित है। अपनी फुर्तीली फील्डिंग और अदम्य आत्मविश्वास के कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट का “जॉन्टी रोड्स” भी कहा गया। खिलाड़ी, कोच और कमेंटेटर के रूप में क्रिकेट से लगातार जुड़े कैफ युवा पीढ़ी को यह बताते हैं कि अनुशासन, धैर्य और निरंतर मेहनत सफलता की सबसे मजबूत नींव हैं। संवाद के मंच पर वे जीत, संघर्ष और नेतृत्व के अपने अनुभव साझा करेंगे। सीमाओं की सुरक्षा से राष्ट्रीय दृष्टि तक राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक चेतना का विषय है। लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता इसी चेतना के सशक्त प्रतिनिधि हैं। भारतीय सेना में चार दशकों से अधिक के अनुभव के दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था, सामरिक चुनौतियों और नेतृत्व की जटिलताओं को बेहद करीब से देखा और समझा है। उत्तराखंड जैसे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए, इस विषय पर उनकी दृष्टि निश्चित रूप से नई सोच को जन्म देगी। ये भी पढे़ं…अमर उजाला संवाद 2026: देवभूमि के विकास पर होगा मंथन, जेपी नड्डा, मोहम्मद कैफ समेत कई वक्ता होंगे शामिल हंसी के पीछे छिपी जिंदगी की गहरी समझ हाल ही में फिल्म धुरंधर के चर्चित संवाद “मेरा बच्चा है तू” के कारण एक बार फिर सुर्खियों में आए अभिनेता राकेश बेदी भारतीय मनोर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

शिवसेना UBT में दरार: उद्धव ठाकरे से बगावत, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद; सात दिनों में मांगा गया जवाब

01:08 PM, 18-Jun-2026 ‘यह रणनीति नहीं, विश्वासघात है’: बागी सांसदों पर भड़के संजय राउत बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी। संजय राउत ने बागी रुख अपनाने वाले सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि कल जब वे स्पीकर से मिले थे, तो उसकी तस्वीर सार्वजनिक हुई थी। उन्होंने चुनौती दी कि अगर अन्य 6 सांसद भी स्पीकर से मिले हैं, तो उनकी तस्वीर दिखाई जाए। राउत ने इसे रणनीति नहीं विश्वासघात करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि ये सांसद अभी भी पार्टी के सदस्य हैं और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव जीते हैं। अगर वे पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। राउत ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश और खासकर महाराष्ट्र की राजनीति को गंदा कर दिया है, जिसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: शांति समझौते के मसौदे पर अमेरिका-ईरान ने किए हस्ताक्षर, महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव आज; सुर्खियां

अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के साथ ही पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में नई उम्मीद जगी है। वहीं, अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक फिर से लाने की तैयारी में है। फीफा विश्व कप में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर दमदार जीत दर्ज की। जबकि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति सभी 17 सीटों पर जीत का दावा कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को पश्चिम एशिया संकट से निपटने में अहम और भरोसेमंद साझेदार बताया। उधर, दिल्ली-एनसीआर में नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में टेलीग्राम को संगठित अपराध गतिविधियों का बड़ा केंद्र बताया गया है। महाराष्ट्र में शिवसेना में लगातार हो रही टूट से ठाकरे परिवार की राजनीतिक साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई गाइडलाइन में मोटापे को केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं, बल्कि दिल, किडनी और मेटाबॉलिक बीमारियों की प्रमुख जड़ बताया गया है। एक ही क्लिक में पढ़ें देश-दुनिया की अहम खबरें- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

Peace Deal: होर्मुज खोलने से 300 अरब डॉलर देने तक, अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे में क्या हैं 14 शर्तें?

इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते (एमओयू) का मसौदा सबके सामने रखा। यह खुलासा ऐसे समय किया गया, जब दस्तावेज की सामग्री को लेकर कई दिनों से गोपनीयता बनी हुई थी। अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर मसौदे की जानकारी दी। ईरान ने अभी तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक नहीं किया है। प्रस्तावित समझौते पर शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने की योजना है। मसौदा में क्या हैं अहम 14 शर्तें? अमेरिका, ईरान और मौजूदा युद्ध में उनके सहयोगी इस एमओयू पर हस्ताक्षर करके लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा करेंगे। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे। बल प्रयोग या उसकी धमकी से बचेंगे। लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करेंगे। अंतिम समझौते में इन प्रावधानों की पुष्टि की जाएगी। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे। एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकेगा। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। 30 दिनों के भीतर नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त कर देगा। इस अवधि में जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर के अनुरूप बहाल की जाएगी। अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी भी हटाएगा। ईरान एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran Deal: अमेरिका-ईरान समझौते का मसौदा आया सामने, यूरेनियम से लेकर होर्मुज और लेबनान तक कई शर्तें शामिल

यूरेनियम को लेकर समझौते में क्या प्रावधान हैं? लेबनान और होर्मुज को लेकर क्या शर्तें रखी गई हैं? अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी इस युद्ध को तत्काल और स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमत होंगे, जिसमें लेबनान जैसे सभी मोर्चे शामिल हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे और बल प्रयोग या उसकी धमकी से बचेंगे। लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित की जाएगी। दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। दोनों पक्ष अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकेगा। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा तथा 30 दिनों में इसे पूरी तरह समाप्त करेगा। अंतिम समझौते के बाद 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सेनाओं को हटाएगा। ईरान 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच वाणिज्यिक जहाजों को बिना शुल्क सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। तकनीकी और सैन्य बाधाओं को हटाने तथा बारूदी सुरंगों की सफाई के बाद 30 दिनों में सामान्य यातायात बहाल किया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन पर ईरान ओमान और अन्य तटीय देशों से बातचीत करेगा। अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा। इसकी कार्यप्रणाली अंतिम समझौते में तय की जाएगी। अमेरिका अंतिम समझौते के तहत ईरान पर लगाए गए विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधों को सम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 18, 2026 · 2 min · National Desk

Modi-Trump Meet: PM ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, ट्रंप बोले- मोदी अपनी शर्तें मनवाने में सख्त

08:24 PM, 17-Jun-2026 ट्रंप ने अपने भारत दौरे को किया याद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘पिछली बार भारत का मेरा दौरा बहुत शानदार रहा था। हमने उस नए स्टेडियम का उद्घाटन किया था, और मुझे लगता है कि वहां 3000-4000 लोग थे। स्टेडियम में लगभग 150,000 लोगों के बैठने की जगह थी, और बाहर 2,50,000 लोग थे, और 1,00,000 लोग घास पर बैठे थे… मुझे नहीं पता कि वे रिकॉर्ड टूटे हैं या नहीं… लेकिन भारत में मेरा समय बहुत अच्छा बीता’। #WATCH | Evian, France: US President Donald Trump says, “We had a great visit last time in India. We opened up that new stadium, and I think there were 3000-4000 people. It seated about 150,000, and there were 250,000 outside, and there were 100,000 on the grass… I don’t know… pic.twitter.com/SypK1fRK0j — ANI (@ANI) June 17, 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘पिछली बार भारत का मेरा दौरा बहुत शानदार रहा था। हमने उस नए स्टेडियम का उद्घाटन किया था, और मुझे लगता है कि वहां 3000-4000 लोग थे। स्टेडियम में लगभग 150,000 लोगों के बैठने की जगह थी, और बाहर 2,50,000 लोग थे, और 1,00,000 लोग घास पर बैठे थे… मुझे नहीं पता कि वे रिकॉर्ड टूटे हैं या नहीं… लेकिन भारत में मेरा समय बहुत अच्छा बीता’। 08:20 PM, 17-Jun-2026 तेल की कीमतों पर भी बोले राष्ट्रपति ट्रंप जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस पर फिर से कोई प्रतिबंध लगाए जाएंगे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हम इस पर विचार कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि तेल की कीमतें कितनी नीचे आती हैं, वे तेजी से गिर रही हैं… कीमतें कम हो रही हैं और जल्द ही उस स्तर पर आ जाएंगी जो चार महीने पहले था। इसके अल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 17, 2026 · 2 min · National Desk

US Iran Peace Deal: ईरान का दावा- जेडी वेंस नहीं, पेजेशकियन के साथ ट्रंप खुद साइन करेंगे शांति समझौता

अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले इस शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह टिप्पणी की। ये हस्ताक्षर समारोह दोनों देशों के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा। वर्ष 1980 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास बंधक संकट के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध समाप्त हो गए थे। मसूद पेजेशकियन पश्चिमी देशों से बेहतर संबंध स्थापित करने के वादे के साथ राष्ट्रपति बने थे। हालांकि, जनवरी में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या और युद्ध के बाद कट्टरपंथी धड़े सत्ता के प्रमुख केंद्रों पर हावी हो गए, जिसके चलते पिछले कई महीनों से उनकी भूमिका सीमित हो गई है। खबर अपडेट की जा रही है। अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले इस शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह टिप्पणी की। ये हस्ताक्षर समारोह दोनों देशों के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा। वर्ष 1980 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास बंधक संकट के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध समाप्त हो गए थे।मसूद पेजेशकियन पश्चिमी देशों से बेहतर संबंध स्थापित करने के वादे के साथ राष्ट्रपति बने थे। हालांकि, जनवरी में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या और युद्ध के बाद कट्टरपंथी धड़े सत्ता के प्रमुख केंद्रों पर हावी हो गए, जिसके चलते पिछले कई महीनों से उनकी भूमिका सीमित हो गई है। पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को खत्म कर शांति स्थापित करने की कोशिशों रंग ला रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक सफलता की दिशा में बुधवार को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 17, 2026 · 2 min · National Desk