इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते (एमओयू) का मसौदा सबके सामने रखा। यह खुलासा ऐसे समय किया गया, जब दस्तावेज की सामग्री को लेकर कई दिनों से गोपनीयता बनी हुई थी। अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर मसौदे की जानकारी दी। ईरान ने अभी तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक नहीं किया है। प्रस्तावित समझौते पर शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर होने की योजना है। मसौदा में क्या हैं अहम 14 शर्तें? अमेरिका, ईरान और मौजूदा युद्ध में उनके सहयोगी इस एमओयू पर हस्ताक्षर करके लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा करेंगे। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे। बल प्रयोग या उसकी धमकी से बचेंगे। लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करेंगे। अंतिम समझौते में इन प्रावधानों की पुष्टि की जाएगी। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे। एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। दोनों देश अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकेगा। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। 30 दिनों के भीतर नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त कर देगा। इस अवधि में जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर के अनुरूप बहाल की जाएगी। अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सैन्य मौजूदगी भी हटाएगा। ईरान एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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