यूरेनियम को लेकर समझौते में क्या प्रावधान हैं? लेबनान और होर्मुज को लेकर क्या शर्तें रखी गई हैं? अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी इस युद्ध को तत्काल और स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमत होंगे, जिसमें लेबनान जैसे सभी मोर्चे शामिल हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे और बल प्रयोग या उसकी धमकी से बचेंगे। लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित की जाएगी। दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। दोनों पक्ष अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का प्रयास करेंगे। आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकेगा। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी और अन्य बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा तथा 30 दिनों में इसे पूरी तरह समाप्त करेगा। अंतिम समझौते के बाद 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सेनाओं को हटाएगा। ईरान 60 दिनों तक फारस की खाड़ी और ओमान सागर के बीच वाणिज्यिक जहाजों को बिना शुल्क सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। तकनीकी और सैन्य बाधाओं को हटाने तथा बारूदी सुरंगों की सफाई के बाद 30 दिनों में सामान्य यातायात बहाल किया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन पर ईरान ओमान और अन्य तटीय देशों से बातचीत करेगा। अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना तैयार करेगा। इसकी कार्यप्रणाली अंतिम समझौते में तय की जाएगी। अमेरिका अंतिम समझौते के तहत ईरान पर लगाए गए विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधों को सम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
US-Iran Deal: अमेरिका-ईरान समझौते का मसौदा आया सामने, यूरेनियम से लेकर होर्मुज और लेबनान तक कई शर्तें शामिल
यूरेनियम को लेकर समझौते में क्या प्रावधान हैं? लेबनान और होर्मुज को लेकर क्या शर्तें रखी गई हैं? अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी इस युद्ध को तत्काल और स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमत होंगे, जिसमें लेबनान जैसे सभी मोर्चे शामिल हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे और बल प्रयोग या उसकी धमकी से बचेंगे। लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित की जाएगी। दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं