अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले इस शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह टिप्पणी की। ये हस्ताक्षर समारोह दोनों देशों के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा। वर्ष 1980 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास बंधक संकट के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध समाप्त हो गए थे। मसूद पेजेशकियन पश्चिमी देशों से बेहतर संबंध स्थापित करने के वादे के साथ राष्ट्रपति बने थे। हालांकि, जनवरी में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या और युद्ध के बाद कट्टरपंथी धड़े सत्ता के प्रमुख केंद्रों पर हावी हो गए, जिसके चलते पिछले कई महीनों से उनकी भूमिका सीमित हो गई है। खबर अपडेट की जा रही है। अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले इस शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह टिप्पणी की। ये हस्ताक्षर समारोह दोनों देशों के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा। वर्ष 1980 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास बंधक संकट के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध समाप्त हो गए थे।मसूद पेजेशकियन पश्चिमी देशों से बेहतर संबंध स्थापित करने के वादे के साथ राष्ट्रपति बने थे। हालांकि, जनवरी में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या और युद्ध के बाद कट्टरपंथी धड़े सत्ता के प्रमुख केंद्रों पर हावी हो गए, जिसके चलते पिछले कई महीनों से उनकी भूमिका सीमित हो गई है। पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को खत्म कर शांति स्थापित करने की कोशिशों रंग ला रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक सफलता की दिशा में बुधवार को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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