Bihar: फैजल खान को मिली राहत, अंतरिम संरक्षण अगली तारीख तक बढ़ा; विरोधी ने जेल में हमले की साजिश का लगाया आरोप

राजधानी पटना के बहुचर्चित कोचिंग वॉर मामले में प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में हुई अहम सुनवाई के दौरान अदालत ने फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते हुए उनके अंतरिम संरक्षण को अगली सुनवाई तक के लिए बढ़ा दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अगली तारीख तक फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रहेगी। शनिवार को हुई इस सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की अपडेटेड केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने फिलहाल कोई भी अंतिम फैसला सुनाने के बजाय मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही अदालत ने फैजल खान और उनके पक्ष से जुड़े अन्य लोगों को नो कोर्सिव एक्शन का संरक्षण देते हुए पुलिस को किसी भी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।इस पूरे मामले में कानूनी मोड़ उस वक्त और दिलचस्प हो गया, जब फैजल खान के दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका भी सुनवाई के लिए पटल पर आई। एक तरफ जहां फैजल खान को अंतरिम राहत मिल गई, वहीं दूसरी तरफ उनके अंगरक्षकों की जमानत को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच कानूनी दांव-पेंच और तीखी बहस हुई।इससे पहले, विरोधी पक्ष के अधिवक्ता निरंजन कुमार ने फैजल खान सर की अग्रिम जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत के सामने दलील दी कि इस पूरे विवाद और कथित साजिश का ताना-बाना खान ग्लोबल स्टडीज के भीतर ही बुना गया था। उन्होंने कहा कि रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

Oil: ईरान से कच्चे तेल के साथ अब गैस आयात का भी खुला रास्ता, आर्थिक प्रतिबंध हटने से भारत को होगा क्या फायदा?

अमेरिका- ईरान समझौता लागू हो जाने के बाद ईरान के लिए अपना ईंधन निर्यात करने का पूरा मौका मिलने जा रहा है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय से ईरानी तेल आयात के बाबत पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि हम लोग 40 देशों से तेल मंगाते हैं। भारतीय रिफाइनरियां ईरान सहित तमाम देशों से कच्चा तेल खरीदने का निर्णय करती हैं। इसका आधार रिफाइनरी की तेल शोधक क्षमता, दाम, दूरी व अन्य तकनीकी-वाणिज्यिक वजहें होती हैं।भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतह अली ने हाल में कहा कि ईरान एक बार फिर भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो सकता है। ईरान के पास विशाल तेल और गैस संसाधन भारत की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा कर सकते हैं। भारत पहले भी ईरान का एक प्रमुख तेल ग्राहक रहा है। प्रतिबंध पूरी तरह हटने के बाद केवल तेल निर्यात ही नहीं, बल्कि भारत-ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार और संयुक्त निवेश तेजी से बढ़ेंगे।अमेरिकी नाकेबंदी हटने के बाद अब भी होर्मुज जलमार्ग अभी जहाजों के आवागमन के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। यहां पर अब ईरानी समुद्री सुरंगों को हटाने के बाद ही तेल टैंकरों की आवाजाही हो पाएगी। इसके अलावा ईरान के अपने ऊर्जा केंद्रों को दुरुस्त करना है जिनको अमेरिकी हमलों से नुकसान हुआ।इस साल युद्ध विराम होने पर ट्रंप प्रशासन ने 20 मार्च को ईरानी तेल की खरीद के लिए 30 दिनों की प्रतिबंध छूट दी थी। तब भारत ने ईरान के खार्ग द्वीप से 2,77,321 टन ईरानी कच्चा तेल मंगाया। करीब बीस लाख टन अतिरिक्त कच्चा तेल दूसरे जहाज से आया। उस वक्त कच्चे तेल के दाम इंटरनेशनल मार्केट मे 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे जबकि फरवरी के 26 फरवरी को 69 डॉलर प्रति बैरल थे। वर्ष 2018 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

TDP तीसरे, JDU पांचवें स्थान पर खिसका: TMC और शिवसेना यूबीटी में टूट ने कैसे बदले NDA-इंडिया ब्लॉक के समीकरण?

तृणमूल कांग्रेस और शिवेसना यूबीटी में हालिया बड़ी टूट ने न सिर्फ इन पार्टियों की स्थिति बदली है, बल्कि लोकसभा में दोनों बड़े गठबंधनों राजग और इंडिया ब्लॉक के समीकरण भी उलट-पलट दिए हैं। मसलन, राजग सरकार में अब तक दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी का दर्जा रखने वाली तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) एक स्थान खिसककर तीसरे नंबर पर पहुंच गई है और तीसरे नंबर पर रही जनता दल यूनाइटेड पांचवे नंबर पर चली गई है। हालांकि, अभी टूट को आधिकारिक मान्यता मिलना बाकी है। लेकिन राजग को मिलने वाले समर्थन के लिहाज से देखें तो टीडीपी के स्थान पर गैरमान्यता प्राप्त एनसीपीआई (जिसमें तृणमूल कांग्रेस के बागियों ने शामिल होने की घोषणा की है) दूसरी बड़ी सहयोगी बन चुकी है। वहीं, शिवसेना शिंदे गुट ने अपनी ताकत बढ़ाकर जदयू की जगह ले ली है। दो दलों में टूट और द्रमुक के किनारा करने की घटना ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के समीकरणों में भी आमूलचूल परिवर्तन की जमीन तैयार कर दी है।इंडिया ब्लॉक में अब दहाई आंकड़े में सीट वाले दो ही दल (कांग्रेस 98 व सपा 37) बचे हैं। कभी संख्या बल की दृष्टि से तीसरे सबसे बड़े दल के स्थान पर काबिज तृणमूल कांग्रेस 6 सीटों के साथ पांचवे तो छठे स्थान पर रही एनसीपी पवार (8) अब विपक्षी ब्लॉक में तीसरे स्थान पर काबिज हो गई है। कभी नौ सीटों वाली शिवसेना यूबीटी विपक्षी ब्लॉक में पांचवे स्थान पर थी, मगर अब वह तीन सीटों पर सिमटकर चार-चार सीटों वाली राजद, झामुमो, माकपा और आईयूएमएल से पीछे नौंवे स्थान पर पहुंच गई है।शिवसेना यूबीटी में टूट से शिवसेना शिंदे को महाराष्ट्र में जबर्दस्त लाभ हुआ है। यूबीटी के बागियों के विलय को मान्यता मिलने के बाद शिंदे के पास 13 सांसद होंगे जो राज्य म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी का ओडिशा दौरा आज, 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह दौरा आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करेगा। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का विषय “विकास रा धारा, ओडिशा सारा” रखा गया है।इस अवसर पर 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। इन परियोजनाओं का संबंध ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे प्रमुख क्षेत्रों से है। इनसे राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने, संपर्क बेहतर होने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि समावेशी और संतुलित विकास की प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप ये पहल आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को और गति देंगी तथा राज्य के हर हिस्से तक विकास का लाभ पहुंचाएंगी। जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें 600 मेगावाट की अपर इंद्रावती पंप्ड स्टोरेज परियोजना और आईबी थर्मल पावर स्टेशन के दूसरे चरण के विस्तार की परियोजना शामिल है। इस विस्तार के तहत 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित की जाएंगी।झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी। इस परियोजना से घरेलू कोयला संसाधनों के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, आयात …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

Donald Trump: ट्रंप बोले- सख्त शख्सियत वाले महान नेता हैं पीएम मोदी; शहबाज-मुनीर की जोड़ी को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को महान नेता और बहुत मजबूत व्यक्तित्व वाला बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी 12 वर्षों से अधिक समय से सत्ता में हैं और बेहद मजबूती के साथ नेतृत्व कर रहे हैं। एक्सियोस को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन नेताओं में शामिल बताया, जिन्हें वह शक्ति, प्रभाव और फैसलों को लागू करने की क्षमता के लिहाज से सबसे अधिक पसंद करते हैं।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि पीएम मोदी बहुत अच्छे हैं। भारत ने हाल में काफी अच्छे आंकड़े पेश किए हैं। वह युद्धों से दूर रहते हैं, जो समझदारी है। भारत की आबादी 1.5 अरब है। वास्तव में भारत सबसे बड़ा है। और पीएम मोदी एक महान नेता हैं।” उन्होंने कहा कि अमेरिका का भारत के साथ बड़ा व्यापारिक संबंध है। ट्रंप ने कहा कि पहले भारत अमेरिका का फायदा उठाता था, लेकिन अब दोनों देशों के बीच निष्पक्ष व्यापार हो रहा है।उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ बहुत व्यापार करते हैं, लेकिन अब यह निष्पक्ष व्यापार है। पहले वे वास्तव में हमारा काफी फायदा उठाते थे। मैं इसके लिए उन्हें दोष नहीं देता। हमारे पास ऐसे राजनेता थे जिन्होंने ऐसा होने दिया। लेकिन अब हम उनके साथ काफी व्यापार कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “वे इससे बहुत खुश नहीं हैं, क्योंकि पहले उन्हें ज्यादा फायदा होता था। फिर भी मोदी शानदार हैं।“अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी तारीफ करते हुए उन्हें प्रभावशाली और आत्मविश्वास से भरपूर नेता बताया। उन्होंने कहा, “अगर आप इन दोनों में से किसी पर फिल्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

FATF में भारत को अहम जिम्मेदारी: विवेक अग्रवाल बने नए उपाध्यक्ष; पाकिस्तान के क्यों छूटने लगे पसीने?

बयान में क्या कहा गया? एक बयान के अनुसार, पेरिस स्थित एफएटीएफ के मुख्यालय में आयोजित पूर्ण बैठक के समापन पर केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को संस्था का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। विवेक अग्रवाल कौन हैं? विवेक अग्रवाल 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। वह मध्य प्रदेश कैडर से ताल्लुक रखते हैं। वह पहले भी एफएटीएफ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में काम कर चुके हैं। एफएटीएफ ने अपने बयान में कहा, सदस्यों ने ब्रिटेन के अगले अध्यक्षीय कार्यकाल के लिए तय की गई प्राथमिकताओं को मंजूरी दी और भारत के विवेक अग्रवाल को जुलाई 2026 से जून 2027 तक के लिए एफएटीएफ का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया। पेरिस में एकत्र हुए प्रतिनिधि और पर्यवेक्षक 17 से 19 जून के दौरान 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधि तथा पर्यवेक्षक पेरिस में एकत्र हुए। उन्होंने वैश्विक वित्तीय व्यवस्था की सुरक्षा और विश्वसनीयता के सामने मौजूद खतरों पर चर्चा की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि विवेक अग्रवाल ब्रिटेन के नागरिक गाइल्स थॉमसन का स्थान लेंगे। थॉमसन एक जुलाई 2025 से इस पद पर कार्यरत हैं। ये भी पढ़ें: सरकार ने इस नियुक्ति पर क्या कहा? इस बीच, वित्त मंत्रालय ने इस नियुक्ति को भारत के लिए एक ऐतिहासिक सम्मान बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका की पहचान है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, इस नियुक्ति से एक भारतीय अधिकारी को धनशोधन रोकने और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ मानक तय करने वाली दुनिया की सबसे अहम संस्था के शीर्ष नेतृत्व में स्थान मिला है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

Politics: 'खाल ओढ़ लेने से भेड़िया बाघ नहीं बन जाता', सांसदों की बगावत पर शिंदे बोले- ये तो सिर्फ ट्रेलर

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना के भीतर बड़े राजनीतिक भूचाल के संकेत दिखाई दे रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों की बगावत के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। शिंदे ने कहा कि जो कुछ अभी दिखाई दे रहा है, वह सिर्फ ट्रेलर है और पूरी फिल्म अभी बाकी है। उनके इस बयान को शिवसेना (यूबीटी) में संभावित दूसरी बड़ी टूट और कथित ऑपरेशन टाइगर से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या 2022 के बाद उद्धव ठाकरे को एक और बड़े झटके का सामना करना पड़ सकता है। क्या है शिंदे का ‘सिर्फ ट्रेलर’ वाला संदेश? शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक में नौ में से छह सांसदों का अनुपस्थित रहना इस पूरे विवाद की शुरुआत बना। पार्टी की ओर से व्हिप जारी किए जाने के बावजूद केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही बैठक में पहुंचे। इसके बाद छह सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की। बागी सांसदों का आरोप है कि पार्टी अपनी मूल विचारधारा से दूर चली गई है और कांग्रेस के साथ बढ़ती नजदीकियों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई है। एकनाथ शिंदे ने पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि लोगों के पार्टी छोड़ने के पीछे के कारणों पर आत्मचिंतन किया जाना चाहिए। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि बाघ की खाल ओढ़ लेने से कोई बाघ नहीं बन जाता। शिंदे ने यह भी कहा कि विपक्ष हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे का यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के भीतर बढ़ती ना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 20, 2026 · 2 min · National Desk

Meloni Vs Trump: 'इटली और मैं कभी भीख नहीं मांगते', ट्रंप के दावे पर भड़कीं मेलोनी; आरोपों को बताया मनगढ़ंत

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह तनातनी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इटली के टेलीविजन नेटवर्क ‘La7’ को दिए गए एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुई, जिसमें ट्रंप ने मेलोनी को लेकर एक विवादित दावा किया था। डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया था? इतालवी ब्रॉडकास्टर ‘La7’ को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनके साथ एक तस्वीर खिंचवाने के लिए ‘भीख’ मांगी थी। ट्रंप ने आगे कहा “मेलोनी? उन्होंने मुझसे फोटो के लिए भीख मांगी थी, मुझे उनके लिए दुख महसूस हुआ (तरस आ गया), इसलिए मैं मान गया।” प्रधानमंत्री मेलोनी का तीखा पलटवार डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर खुद का एक वीडियो संदेश साझा कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मेलोनी ने कहा कि मैं ट्रंप के इन पूरी तरह से मनगढ़ंत शब्दों से स्तब्ध हूं। कुछ चीजों का तुरंत जवाब देना जरूरी होता है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान पूरी तरह से काल्पनिक हैं। मैं सचमुच हैरान हूं। मुझे नहीं पता कि संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति अपने ही सहयोगियों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों करता है। आखिरकार, यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है।" प्रधानमंत्री मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की राजनयिक प्राथमिकताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा “मैं केवल इतना कह सकती हूं कि यह शर्म की बात है कि उनके पास पश्चिम के दुश्मनों, अमेरिका के दुश्मनों और उन नेतृत्वों के खिलाफ वैसी प्रतिबद्धता नहीं ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 19, 2026 · 2 min · National Desk

इस्राइल-हिजबुल्ला में दोबारा युद्धविराम: कतर, अमेरिका और ईरान ने कराई सुलह; वेंस की चेतावनी के बाद बनी बात!

इस नए युद्धविराम को अमली जामा पहनाने में तीन देशों ने बड़ी भूमिका निभाई है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक कतर, अमेरिका और ईरान ने मिलकर मध्यस्थता की है। इन तीनों देशों के साझा प्रयासों से दोनों पक्ष फिर से रुकने को तैयार हुए। युद्धविराम की खबर दो क्षेत्रीय अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सामने आई है। तीन अधिकारियों ने इस बात की पूरी पुष्टि की है।इस समझौते से ठीक पहले भारी गोलाबारी हुई थी। भीषण लड़ाई के कारण एक अहम कूटनीतिक बैठक टल गई थी। स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होने वाली थी। यह बातचीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। लेकिन अचानक भड़की हिंसा के कारण इस वार्ता को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद युद्धविराम के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए।इससे ठीक पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की आलोचना करने पर इस्राइल को कड़ी चेतावनी दी है। हफ्तों के तनाव के बाद हुए इस समझौते का बचाव करते हुए वेंस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप इस्राइल के इकलौते सहयोगी हैं। उनकी यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आई है जिनमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके साथी इस समझौते से निजी तौर पर नाखुश हैं। यह समझौता ईरान के साथ संघर्ष को खत्म करने के लिए किया गया है। वेंस ने कहा था कि इस्राइल बुरी तरह अलग-थलग पड़ गया है और उसके नेता अमेरिकी कूटनीतिक और सैन्य समर्थन के महत्व को समझने में नाकाम रहे हैं।बता दें कि इस्राइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल को 10 दिनों के लिए युद्धविराम हुआ था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि सीजफायर को तीन और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है। इस युद्धविराम के कुछ ही दिनों बा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 19, 2026 · 2 min · National Desk

एआई-171 हादसे पर नई थ्योरी: पायलट संगठन का दावा- विमान क्रैश की वजह बिजली की खराबी थी, पेश किए नए सबूत

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने 12 जून, 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद एयर इंडिया बोइंग फ्लाइट एआई-171 के दुखद क्रैश से जुड़ी आधिकारिक बात को चुनौती दी है। उनका दावा है कि नए सिम्युलेटर डेटा से पता चलता है कि क्रैश की वजह पायलट की अनदेखी नहीं बल्कि सिस्टम में बिजली की बड़ी खराबी थी। एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने दावा किया कि जांचकर्ताओं ने जरूरी तकनीकी सबूतों को नजरअंदाज किया और पहले से तय नतीजे को सही साबित करने के लिए भारत के प्रमुख विमानन विषेशज्ञों को जानबूझकर अलग रखा। इस हादसे की आधिकारिक अंतरिम रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फ्लाइट-क्रू ने एक सोची-समझी आत्महत्या की योजना के तहत जानबूझकर इंजन की फ्यूल सप्लाई बंद कर दी थी।सरकारी जांचकर्ताओं के मुताबिक, मैन्युअल रूप से बंद करने की वजह से विमान का ‘रैम एयर टर्बाइन’ ठीक चार सेकेंड बाद नीचे गिर गया। ‘रैम एयर टर्बाइन’ एक बैकअप पावर सिस्टम है, जो पूरी तरह से बिजली जाने पर अपने आप चालू हो जाता है। हालांकि, रंधावा ने कहा कि एफआईपी ने हाल ही में उस फ्लाइट के वजन, बैलेंस और मौसम की स्थितियों को हूबहू दोहराते हुए विस्तृत सिम्युलेटर टेस्ट किए। उन्होंने कहा कि नतीजों ने आधिकारिक टाइमलाइन को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है।उन्होंने कहा, हमारे सिम्युलेटर टेस्ट साबित करते हैं कि मैन्युअल रूप से फ्यूल बंद करने पर बैकअप टर्बाइन को नीचे गिरने में पूरे 18 सेकेंड लगते हैं। मैन्युअल शटडाउन की स्थिति में चार सेकेंड की आधिकारिक टाइमलाइन भौतिक और तकनीकी रूप से असंभव है।“एफआईपी का तर्क है कि बैकअप टर्बाइन इतनी तेजी से इसलिए चालू हुआ क्योंकि इंजन बंद होने से पहले ही बिजल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 19, 2026 · 2 min · National Desk