इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह तनातनी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इटली के टेलीविजन नेटवर्क ‘La7’ को दिए गए एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुई, जिसमें ट्रंप ने मेलोनी को लेकर एक विवादित दावा किया था। डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया था? इतालवी ब्रॉडकास्टर ‘La7’ को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनके साथ एक तस्वीर खिंचवाने के लिए ‘भीख’ मांगी थी। ट्रंप ने आगे कहा “मेलोनी? उन्होंने मुझसे फोटो के लिए भीख मांगी थी, मुझे उनके लिए दुख महसूस हुआ (तरस आ गया), इसलिए मैं मान गया।” प्रधानमंत्री मेलोनी का तीखा पलटवार डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर खुद का एक वीडियो संदेश साझा कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मेलोनी ने कहा कि मैं ट्रंप के इन पूरी तरह से मनगढ़ंत शब्दों से स्तब्ध हूं। कुछ चीजों का तुरंत जवाब देना जरूरी होता है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान पूरी तरह से काल्पनिक हैं। मैं सचमुच हैरान हूं। मुझे नहीं पता कि संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति अपने ही सहयोगियों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों करता है। आखिरकार, यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है।" प्रधानमंत्री मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की राजनयिक प्राथमिकताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा “मैं केवल इतना कह सकती हूं कि यह शर्म की बात है कि उनके पास पश्चिम के दुश्मनों, अमेरिका के दुश्मनों और उन नेतृत्वों के खिलाफ वैसी प्रतिबद्धता नहीं ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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