IND vs NZ Live Score: आज भारत का रायपुर में होगा न्यूजीलैंड से सामना, दूसरे टी20 में ईशान किशन पर रहेंगी नजरें

06:02 PM, 23-Jan-2026 IND vs NZ Live Score: संतुलित दिख रहा गेंदबाजी आक्रमण भारतीय टीम का गेंदबाजी विभाग में संतुलित नजर आ रहा है। अगर अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या पावरप्ले में विकेट लेते रहते हैं तो जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले के बाद तीन ओवरों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे टीम को बीच के ओवरों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाएगा। भारत ने नागपुर में बड़ा स्कोर बनाया था जिससे वह ओस का प्रभाव कम करने में सफल रहा। वहीं, वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे विकेट लेने में सफल रहे हैं। इस बात की संभावना कम ही है कि भारतीय टीम प्लेइंग-11 में किसी तरह का बदलाव करेगी। भारतीय टीम का गेंदबाजी विभाग में संतुलित नजर आ रहा है। अगर अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या पावरप्ले में विकेट लेते रहते हैं तो जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले के बाद तीन ओवरों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे टीम को बीच के ओवरों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाएगा। भारत ने नागपुर में बड़ा स्कोर बनाया था जिससे वह ओस का प्रभाव कम करने में सफल रहा। वहीं, वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे विकेट लेने में सफल रहे हैं। इस बात की संभावना कम ही है कि भारतीय टीम प्लेइंग-11 में किसी तरह का बदलाव करेगी। 06:01 PM, 23-Jan-2026 IND vs NZ Live Score: सूर्यकुमार-अभिषेक पर टिकी होंगी निगाहें आईसीसी टूर्नामेंट से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव के फॉर्म पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं और भले ही वह कोई बड़ा योगदान नहीं दे सके, लेकिन 22 गेंदों में बनाए गए 32 रन ने उनके आत्मविश्वास को कुछ हद तक जरूर बढ़ाया होगा। पहले टी20 में मिली शानदार जीत से व्यक्तिगत तौर पर सुधार के कई क्षेत्र सामने आए, इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन ने विश्व कप से पहले अपने प्रतिद्वंद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

छगन भुजबल को अदालत से बड़ी राहत: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनसीपी नेता आरोपों से बरी, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

यह मामला वर्ष 2005-06 का है। उस समय भुजबल महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री थे। आरोप था कि नई दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के निर्माण का ठेका एक निजी कंपनी को गलत तरीके से दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने दावा किया था कि इस सौदे के बदले भुजबल और उनके परिजनों को कथित रूप से रिश्वत मिली थी, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग बताया गया।ईडी का आरोप था कि निर्माण कंपनी केएस चमनकर ने भुजबल परिवार को किकबैक दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक यह पैसा उन कंपनियों में भेजा गया, जिनमें भुजबल के बेटे पंकज भुजबल और भतीजे समीर भुजबल निदेशक थे। हालांकि अदालत ने कहा कि ईडी इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता साक्ष्य पेश नहीं कर सकी, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला टिक सके।इस मामले से जुड़े एक अन्य अहम फैसले पहले ही आ गया था। उसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने छगन भुजबल और उनके परिवार के चार्टर्ड अकाउंटेंट श्याम राधाकृष्ण मालपानी को भी मनी लॉन्ड्रिंग केस से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि केवल ऑडिट में लापरवाही को मनी लॉन्ड्रिंग अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑडिटर की भूमिका जांच एजेंसी जैसी नहीं होती।ईडी ने यह केस वर्ष 2015 में एसीबी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। इसी मामले में छगन भुजबल को 2015 में गिरफ्तार किया गया था और वह 2018 तक जेल में रहे, बाद में उन्हें जमानत मिली। 2021 में विशेष अदालत ने एसीबी से जुड़े मामलों में भुजबल, उनके बेटे, भतीजे और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। अब मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी बरी होने से भुजबल को बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत मिली है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

श्रीलंका ने ही बांग्लादेश के मैचों की मेजबानी से किया इनकार: सोशल मीडिया पर उड़ा BCB का मजाक, मीम्स की आई बाढ़

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं हालांकि, इस पूरे विवाद में चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिस श्रीलंका में बांग्लादेश अपने मैच को ट्रांसफर करने की मांग कर रहा था, उसी ने उनके मैचों की मेजबानी करने से मना कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस हठ का खामियाजा उनके खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है, जो विश्व कप की तैयारी में जुटे थे और कहीं भी खेलने को तैयार थे। हालांकि, इस पूरे विवाद में चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिस श्रीलंका में बांग्लादेश अपने मैच को ट्रांसफर करने की मांग कर रहा था, उसी ने उनके मैचों की मेजबानी करने से मना कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस हठ का खामियाजा उनके खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है, जो विश्व कप की तैयारी में जुटे थे और कहीं भी खेलने को तैयार थे। आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच विवाद अब तूल पकड़ चुका है। जहां बांग्लादेश ने भारत में आगामी टी20 विश्व कप के मुकाबले खेलने से इनकार कर दिया, वहीं आईसीसी अब उन्हें टूर्नामेंट से बाहर करने और स्कॉटलैंड को शामिल करने की तैयारी में है। यह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए बड़ा झटका होगा और उन्हें इसकी सजा भी झेलनी पड़ सकती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

Rahul Gandhi: '45 करोड़+ नौकरियां और लाखों व्यवसाय खतरे में, मोदी जवाबदेह'; US टैरिफ और इकोनॉमी पर बोले राहुल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो क्लिप साझा की है। राहुल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों का जिक्र करते हुए भारत पर हो रहे कथित दुष्प्रभावों को रेखांकित किया है। राहुल ने कहा है कि टैरिफ के कारण देश में करोड़ों नौकरियों के अलावा लाखों व्यवसायी भी खतरे में हैं। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि लोगों को राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावी फैसले नहीं लिए। कांग्रेस सांसद ने ‘दुर्दशा’ के लिए प्रधानमंत्री को बताया जवाबदेह अपने एक्स पोस्ट में राहुल ने हैशटैग- #TINA का भी इस्तेमाल किया है। राहुल की इस टिप्पणी को तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राहुल ने कहा, अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ की मार का उल्लेख करते हुए लिखा, अमेरिका ने जो 50% टैरिफ लगाया है इससे अनिश्चितता के माहौल में भारत के कपड़ा निर्यातकों को भारी नुकसान हो रहा है। कारखाने बंद हो रहे हैं, नौकरियां छिन रही हैं। ऑर्डरों में कमी हमारी ‘बेहाल अर्थव्यवस्था’ की हकीकत बन चुकी है। उन्होंने ऐसे हालात के लिए पीएम मोदी को जवाबदेह बताया। 50% US tariffs and uncertainty are badly hurting India’s textile exporters. Job losses, factory shutdowns and reduced orders are a reality of our ‘Dead Economy’. Mr. Modi has offered no relief or even spoken about tariffs, even though more than 4.5 crore jobs and lakhs of… pic.twitter.com/5BcG3AZibg — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 23, 2026 45 करोड़ से अधिक नौकरियां और लाखों व्यवसाय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

Halwa Ceremony: बजट पेश होने से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, क्या है परंपरा का महत्व? जानें सबकुछ

Halwa Ceremony: केंद्रीय बजट से पहले हर साल वित्त मंत्रालय में एक खास परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है। यह समारोह केंद्रीय वित्त मंत्री की मौजूदगी में नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित होता है और बजट तैयार करने की अंतिम प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हलवा सेरेमनी दरअसल बजट तैयार करने की ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया शुरू होने से पहले आयोजित की जाती है। इसका मतलब यह होता है कि बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है और अब इसकी छपाई का काम शुरू होने जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 1 min · National Desk

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ: ग्रहों की बदलती चाल, हाथों की लकीरें और पत्ते खोलेंगे राज, होंगे तीन विशेष सत्र

8वें अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ में ग्रहों की बदलती चाल, हाथों की लकीरें और पत्ते भविष्य के राज खोलेंगे। महाकुंभ में तीन विशेष सत्र होंगे, जिनमें अलग-अलग विधाओं के माहिर ज्योतिषाचार्य मंथन करेंगे और अपनी बात रखेंगे। 24 जनवरी को सुबह नौ बजे ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। पहले दिन ग्रहों की स्थिति समय की बदलती परिस्थिति विषय पर विशेष सत्र होगा, जिसमें देश के नामी ज्योतिषाचार्य ग्रहों की चाल से बदलने वाले हालातों पर जानकारी देने के साथ ही सवालों के जवाब भी देंगे। दूसरे दिन, समापन समारोह में प्रदेश के राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह(सेवानिवृत्त) बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसी दिन हाथों की चंद लकीरें और पत्तों के साथ पलटेगी किस्मत विषय पर विशेष सत्र होंगे, जिनमें विषयों के विशेषज्ञ सवालों के जवाब देंगे। अगर आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है तो खबर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके जल्द करा लें। दोनों दिन निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श का मौका मिलेगा। ऐसे कराएं पंजीकरण 8वें ज्योतिष महाकुंभ में निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श के लिए निशुल्क पंजीकरण शुरू हो गया है। आप भी खबर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें। लिंक पर क्लिक करने के बाद एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा। इसमें मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं और सबमिट कर दें। आपका पंजीकरण हो जाएगा। ये भी पढे़ं…Mussoorie Snowfall: ट्रेंडिंग में आज पहाड़ों की रानी, बर्फ की पहली चादर के साथ लौटा जादू, रील्स-वीडियो वायरल यह हैं सहयोगी : ज्योतिष महाकुंभ में मुख्य सहयोगी ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटैलिटी पार्टनर होटल सैफरन लीफ और विशेष सहयोगी एमडीडीए, कमल ज्वैलर्स, सुविधा सुपर मार् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीडीएस अनिल चौहान: तीन घेरों का सिद्धांत बताया, भूमि-जनता और विचारधारा पर कही ये बात

दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी किताब में राष्ट्रीय सुरक्षा को तीन एक-दूसरे से जुड़े घेरों के रूप में समझाया है। सबसे बाहरी घेरा देश को सुरक्षित रखने से जुड़ा है, यानी किसी देश की समग्र सुरक्षा कैसे की जाए। इसके अंदर वाला घेरा देश की रक्षा से जुड़ा है, यानी खतरों से बचाव कैसे हो। सबसे अंदर का और छोटा घेरा सेना की तैयारी और सैन्य क्षमता को दर्शाता है। #WATCH | Delhi: Chief of Defence Staff General Anil Chauhan says, “…The military history I read as a middle-level officer was written by the British… The attrition rate which the INA (Indian National Army) suffered is the highest any army has ever suffered… The INA was also… pic.twitter.com/gtqHBwVHVN — ANI (@ANI) January 23, 2026 जनरल चौहान ने बताया कि ये तीनों घेरे आपस में जुड़े हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को केवल सेना तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।उन्होंने भारतीय सैन्य इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह मिड लेवल अधिकारी थे, तब जो सैन्य इतिहास पढ़ाया जाता था, वह ज्यादातर ब्रिटिश लेखकों द्वारा लिखा गया था। उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी यानी आजाद हिंद फौज का उदाहरण देते हुए कहा कि आईएनए को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था, जो किसी भी सेना में सबसे अधिक माना जाता है।सीडीएस ने कहा कि आईएनए एकता और विविधता का प्रतीक थी, क्योंकि उसमें अलग-अलग क्षेत्र, जाति, धर्म और लिंग के लोग शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा बदली है। आज रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

Uttarakhand: बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, वसंत पंचमी के पावन पर्व पर घोषित की गई तिथि

बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को विधि -विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वसंत पंचमी पर आज बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। इससे पहले बृहस्पतिवार को डिम्मर से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राज दरबार पहुंचे। यहां परंपरागत तरीके से भगवान बदरीविशाल धाम कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित की गई। भगवान बदरीविशाल के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म काल मुहूर्त पर 6:15 पर खोले जाएंगे। गाडू घड़ा यात्रा सात अप्रैल को आरंभ होगी। श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर डिम्मर में बृहस्पतिवार सुबह डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने भगवान और गाडू घड़ा की विष्णु सहस्त्रनाम और नामावलियों से महाभिषेक पूजा कर बाल भोग अर्पित किया। इसके बाद बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों ने गाडू घड़ा लेकर मंदिर की परिक्रमा की। फिर भगवान श्रीबदरी विशाल के जयकारों के साथ यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ऋषिकेश रवाना हुई।वसंत पंचमी को सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्र नगर राजदरबार पहुंचें। जहां महाराजा मनुजेंद्र शाह पंचांग पूजा के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने, भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले लिए तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि घोषित की।उल्लेखनीय है कि गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं। 19 अप्रैल अक्षय तृतीय है। खोले जाएंगे। मंदिर समिति की मौजूदगी में इसका मुहूर्त बाद में तय किया जाएगा।जबकि केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि शिवरात्रि के दिन तय होगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

EU-India: अमेरिका-चीन ने खड़ी की समस्या, यूरोप से मिलेगा समाधान! भारत के लिए क्यों जरूरी है ये समझौता?

अमेरिका के द्वारा लगाए गए टैरिफ का भारत ने सफलतापूर्वक सामना किया है। इस टैरिफ के बाद भी भारत 2025-26 में तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने में सफल रहा है। लेकिन आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी टैरिफ ने भारत के व्यापार को प्रभावित किया है। यदि अमेरिकी अड़ंगा न होता तो भारत इससे भी बेहतर बढ़त हासिल करने में सफल हो सकता था। इसी तरह चीन ने भी ‘रेयर अर्थ मेटल’ की सप्लाई रोककर भारत सहित पूरी दुनिया के सामने संकट खड़ा कर दिया था। लेकिन भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच होने जा रहे समझौते से अमेरिका-चीन की समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान मिल सकता है। यदि भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच डील सही तरीके से अपने अंजाम पर पहुंची तो इससे अमेरिका पर भी दबाव पड़ने की संभावना है। 27 जनवरी को उच्च स्तरीय बैठक भारत और यूरोपीय यूनियन के उच्चाधिकारियों की एक शीर्ष बैठक 27 जनवरी को नई दिल्ली में होगी। इस बैठक में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर येलेन इसमें हिस्सा लेंगे। ये दोनों मेहमान गणतंत्र दिवस समारोह पर मुख्य अतिथि भी होंगे। उर्सुला ने यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच होने वाले व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि दोनों व्यापारिक साझेदार बड़े व्यापारिक समझौते कर सकते हैं जो दोनों पक्षों के हित में होंगे। हालांकि, केवल इसी दौरे में सब कुछ हो जाएगा, इस तरह की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उर्सुला वॉन डेर येलेन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौते में अभी भी कई अहम उपाय किए जाने शेष हैं, लेकिन एक बेहतर समझौते तक पहुंचने में यह बैठक मील क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

Manipur: मंगेतर से मिलने गए मैतेई युवक की हत्या, जान की भीख मांगता रहा युवक; वीडियो बनाते हुए मारी गोली

पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान 31 साल के एम ऋषिकांत के तौर पर हुई है। बुधवार शाम करीब 6.30 बजे चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग में उसकी मंगेतर के घर से सशस्त्र बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। कुछ घंटों बाद जिले के नटजांग गांव के पास उसका शव मिला। हालांकि, अभी तक हत्यारों की पहचान नहीं हो पाई है। मामला दर्ज कर लिया गया है और दोषियों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।ऋषिकांत के परिवार वालों ने बताया कि वह नेपाल की एक फर्म में टेक्निकल इंजीनियर के तौर पर काम करता था। वह क्रिसमस से पहले अपनी मंगेतर से मिलने आया था और 19 दिसंबर से उसी के घर पर रह रहा था। हत्यारों ने उसकी मौत का विडियो भी बनाया।ऋषिकांत अपनी जान की भीख मांगता रहा, इसके बावजूद उसे दो गोलियां मार दी गईं। इसके साथ ही हत्यारों ने मैसेज भी जारी किया, जिसमें लिखा था ‘नो पीस, नो पोपुलर गवर्नमेंट’। इस हत्या के विरोध में गुरुवार को ऋषिकांत के पैतृक गांव काकचिंग जिले के काकचिंग खुनौ में विरोध प्रदर्शन हुए। स्थानीय लोगों ने वाबागई-सुगनू सड़क को जाम कर दिया।खबरों के मुताबिक, दंपति ने चुराचांदपुर में रहने के लिए कुकी उग्रवादी समूहों के एक संगठन, कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) से इजाजत ली थी। हालांकि, केएनओ ने इस यात्रा के बारे में कोई भी जानकारी होने और उसकी मौत में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। गुरुवार को चुराचांदपुर में शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिवार के लोग चुराचांदपुर नहीं जा सकते थे, इसलिए उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए शव की पहचान की। काकचिंग की एसपी एल प्रियदर्शिनी ने परिवार से मुलाकात की और पहचान प्रक्रिया में मदद की।मणिपुर लोक भवन ने बताया कि राज्यपाल ए के भल्ला ने लोकसभा सांस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk