पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान 31 साल के एम ऋषिकांत के तौर पर हुई है। बुधवार शाम करीब 6.30 बजे चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग में उसकी मंगेतर के घर से सशस्त्र बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। कुछ घंटों बाद जिले के नटजांग गांव के पास उसका शव मिला। हालांकि, अभी तक हत्यारों की पहचान नहीं हो पाई है। मामला दर्ज कर लिया गया है और दोषियों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।ऋषिकांत के परिवार वालों ने बताया कि वह नेपाल की एक फर्म में टेक्निकल इंजीनियर के तौर पर काम करता था। वह क्रिसमस से पहले अपनी मंगेतर से मिलने आया था और 19 दिसंबर से उसी के घर पर रह रहा था। हत्यारों ने उसकी मौत का विडियो भी बनाया।ऋषिकांत अपनी जान की भीख मांगता रहा, इसके बावजूद उसे दो गोलियां मार दी गईं। इसके साथ ही हत्यारों ने मैसेज भी जारी किया, जिसमें लिखा था ‘नो पीस, नो पोपुलर गवर्नमेंट’। इस हत्या के विरोध में गुरुवार को ऋषिकांत के पैतृक गांव काकचिंग जिले के काकचिंग खुनौ में विरोध प्रदर्शन हुए। स्थानीय लोगों ने वाबागई-सुगनू सड़क को जाम कर दिया।खबरों के मुताबिक, दंपति ने चुराचांदपुर में रहने के लिए कुकी उग्रवादी समूहों के एक संगठन, कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) से इजाजत ली थी। हालांकि, केएनओ ने इस यात्रा के बारे में कोई भी जानकारी होने और उसकी मौत में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। गुरुवार को चुराचांदपुर में शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिवार के लोग चुराचांदपुर नहीं जा सकते थे, इसलिए उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए शव की पहचान की। काकचिंग की एसपी एल प्रियदर्शिनी ने परिवार से मुलाकात की और पहचान प्रक्रिया में मदद की।मणिपुर लोक भवन ने बताया कि राज्यपाल ए के भल्ला ने लोकसभा सांस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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