UNSC: भारत ने यूएनएससी की अस्थायी सदस्यता के लिए शुरू किया अभियान, सीट के दावे पर क्या बोले एस जयशंकर?

विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय गहरे विरोधाभास का सामना कर रही है। हम हिंसा और अस्थिरता के ऐसे स्तर देख रहे हैं जो दूर बैठे लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि सदस्य देश वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय शांति में उसके योगदान के रिकॉर्ड का आकलन करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुरक्षा परिषद में भारत की मौजूदगी से व्यापक विचार-विमर्श और हितों के तालमेल के माध्यम से इस महत्वपूर्ण संस्था के निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।वैश्विक शासन के प्रति भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करते हुए जयशंकर ने ‘शांति’ (SHANTI) दृष्टिकोण को सामने रखा। इसका पूरा नाम ‘सिक्योरिंग होलिस्टिक एडवांसमेंट थ्रू नॉर्म्स, ट्रस्ट एंड इंटीग्रिटी’ (नियमों, विश्वास और ईमानदारी के माध्यम से समग्र प्रगति को सुरक्षित करना) है। उन्होंने इसे एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और न्यायसंगत दुनिया के लिए भारत के प्रयासों का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने दिखाया है कि शांति, प्रगति और समृद्धि को टुकड़ों में बनाए नहीं रखा जा सकता। दुनिया को समग्र प्रगति पर ध्यान देना चाहिए। यह यात्रा तभी प्रभावी हो सकती है जब वैश्विक व्यवस्था का सम्मान हो और नियमों का पालन किया जाए।संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत के योगदान पर प्रकाश डालते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से भारत ने लगभग 50 शांति मिशनों में करीब 3,00,000 सैनिकों को तैनात किया है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के 11 सक्रिय मिशनों में से 10 में भारत के 4,300 सैनिक तैनात हैं। भारत बेहतर उपकरणों, तकनीक स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Tensions: अमेरिकी हमलों से फिर दहला ईरान, लगातार तीसरे दिन की बमबारी; होर्मुज में नाकेबंदी का एलान

At 4:45 p.m. ET today, U.S. Central Command began launching the third consecutive night of strikes against Iran, at the Commander in Chief’s direction. These strikes will continue imposing a heavy cost on Iranian forces and degrade their ability to attack innocent civilians and… — U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026 इन हमलों से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर 14 जुलाई को शाम 4 बजे (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से शुरू करने का एलान किया। अमेरिकी बल उन सभी जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी लागू कर रहे हैं जो ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आ-जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना उन जहाजों को क्षेत्रीय जलमार्ग से गुजरने में मदद दे रही है जो इस नाकेबंदी का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।अमेरिका ने इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक ईरान की नाकेबंदी की थी। उस दो महीने की अवधि के दौरान अमेरिकी बलों ने नियमों का पालन करने वाले 140 से अधिक जहाजों के रास्ते बदले थे। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले नौ जहाजों को निष्क्रिय किया गया था। वहीं, मानवीय सहायता ले जाने वाले 50 से अधिक व्यापारिक जहाजों को नाकेबंदी के बीच से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई थी।अमेरिकी सेना ने सभी नाविकों को सलाह दी है कि वे ‘नोटिस टू मरीनर्स’ प्रसारण पर लगातार नजर रखें। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्तों में काम करते समय नाविकों को ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना बलों से संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है। व्यापारिक नाविकों को जल्द ही एक औपचारिक नोटिस के जरिए अतिरिक्त जानकारी भी दी जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान की नाकेबंदी का एलान: US की सेना ने की पुष्टि, होर्मुज में शुल्क वसूलने को लेकर अराघची ने ट्रंप पर कसा तंज

अमेरिकी नौसेना के सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाकेबंदी 14 जुलाई को अमेरिकी समयानुसार शाम चार बजे से प्रभावी होगी। यह सभी देशों के झंडे वाले जहाजों पर लागू होगी और ईरान के बंदरगाहों, तेल टर्मिनलों तथा तटीय क्षेत्रों को कवर करेगी।सेंट्रल कमांड की एडवाइजरी में कहा गया, ‘नाकेबंदी वाले क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले किसी भी संदिग्ध जहाज को रोका जा सकता है, उसका रास्ता बदला जा सकता है या उसे कब्जे में लिया जा सकता है। आदेशों का पालन नहीं करने वाले जहाजों के खिलाफ कानूनी रूप से बल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकेबंदी फिर शुरू करेंगे। सेंटकॉम ने बयान में कहा, ‘सेंटकॉम बल ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी लागू करेंगे। अमेरिकी सेना उन सभी जहाजों की क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आवाजाही का समर्थन करती रहेगी जो इस नाकेबंदी का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।‘अमेरिकी सेना ने कहा कि यह अभियान 13 अप्रैल से 18 जून तक लागू रही पिछली नाकेबंदी के बाद दोबारा शुरू किया जा रहा है। उस दौरान अमेरिकी बलों ने 140 से अधिक नियमों का पालन करने वाले जहाजों का मार्ग बदला था, नौ आदेश नहीं मानने वाले जहाजों को निष्क्रिय किया था और 50 से अधिक मानवीय सहायता ले जा रहे जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी।व्यावसायिक जहाजों के चालक दल को ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास परिचालन के दौरान आधिकारिक नौवहन सूचनाओं पर नजर रखने और अमेरिकी नौसैनिक बलों से संपर्क बनाए रखने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल नाव हादसा: आठ दिन पहले कैसे डूबी 15 मछुआरों से भरी नौका? नौ के मिले शव, छह अभी भी लापता; मुआवजे का एलान

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण 24 परगना तट के पास बंगाल की खाड़ी में डूबे एक ट्रॉलर से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह अन्य अब भी लापता हैं। अधिकारी ने बताया कि शव इतने अधिक सड़ चुके हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।‘जय मां काली’ नाम का ट्रॉलर दो जुलाई को पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर मछली बंदरगाह से 15 मछुआरों को लेकर मछली पकड़ने के लिए निकला था। इनमें पड़ोसी राज्य ओडिशा के तीन मछुआरे भी शामिल थे। छह जुलाई के बाद से ट्रॉलर से संपर्क टूट गया था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया। पीएमओ ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव दुर्घटना में लोगों की मौत बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं। घायल जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।“आठ दिन तक चले तलाश अभियान के बाद शनिवार को पुलिस और भारतीय तटरक्षक बल ने बक्खाली तट से करीब 35 किलोमीटर दूर बाघेर चार के पास डूबे हुए ट्रॉलर का पता लगाया। रविवार को कई मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों की मदद से इसे खींचकर पाथरप्रतिमा के सीतारामपुर तट तक लाया गया। इसके बाद पूरी रात चले बचाव अभियान में ट्रॉलर के अंदर से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए।दक्षिण 24 परगना के एक अधिकारी ने बताया कि छह मछुआरों का अब भी कोई पता नहीं चल सका है और उनकी तलाश जारी है। उन्होंने पीटीआई से कहा, “तटरक्षक बल, पुलिस और स्थानीय मछुआरे लापता मछुआरों की तलाश के लिए गहन अभियान चला रहे हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप उपमंडलीय अस्पत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

'20% बहुत ज्यादा है': होर्मुज में शुल्क वसूली पर अमेरिका-ईरान आमने-सामने, अराघची बोले- असली संरक्षक हम हैं

अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “अमेरिकी राष्ट्रपति बिल्कुल सही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने वाला पक्ष इस सेवा के बदले भुगतान पाने का हकदार है। ईरान हमेशा से इस जलडमरूमध्य का संरक्षक रहा है और हमेशा रहेगा।“ईरान के विदेश मंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित शुल्क पर कटाक्ष करते हुए कहा, “20 फीसदी निश्चित रूप से बहुत ज्यादा है। हम निष्पक्ष रहेंगे।” अराघची की यह टिप्पणी ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर किए गए उस पोस्ट के बाद आई, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपनी योजना साझा की थी।डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “अब से अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक कहा जाएगा। निष्पक्षता के तहत इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने पर होने वाले सभी खर्चों की भरपाई के लिए यहां से भेजे जाने वाले सभी माल पर 20 फीसदी शुल्क लिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया और व्यवस्था तुरंत शुरू की जाएगी।“ट्रंप ने यह भी कहा कि जलडमरूमध्य खुला रहेगा। उन्होंने अमेरिकी कदम को ईरान के खिलाफ विशेष रूप से लागू की जा रही नाकेबंदी को फिर से शुरू करने वाला बताया। अमेरिकी सेना ने घोषणा की कि वह “14 जुलाई को शाम चार बजे (ईटी) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकेबंदी फिर से शुरू करेगी।“अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर कहा, “अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी लागू करेंगे।” सेंटकॉम ने आगे कहा, “ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास परिचालन करने वाले सभी जहाज चालक ‘नोटिस टू मेरिनर्स’ प्रसारण पर नजर रखें और ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल-16 के जरिए अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

कौन हैं डी-वोटर, कैसे तय होती है नागरिकता?: असम CM ने बताई पूरी प्रक्रिया, दो साल में कितने लोग किए गए डिपोर्ट

कौन हैं डी-वोटर, कैसे तय होती है नागरिकता?: असम CM ने बताई पूरी प्रक्रिया, दो साल में कितने लोग किए गए डिपोर्ट कौन हैं डी-वोटर, कैसे तय होती है नागरिकता?: असम CM ने बताई पूरी प्रक्रिया, दो साल में कितने लोग किए गए डिपोर्ट पीटीआई, मुंबई। Published by: Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 13 Jul 2026 10:39 PM IST सार असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि राज्य की मतदाता सूची में 91,385 डी-वोटर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो साल में 1,679 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजा गया है। पढ़िए रिपोर्ट- Link Copied खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 1 min · National Desk

'केंद्र सरकार को परवाह नहीं': उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक के अनशन को दिया समर्थन, राहुल गांधी से की ये अपील

उद्धव ठाकरे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस प्रदर्शन का समर्थन करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने वांगचुक से भूख हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया। सोमवार को वांगचुक के अनशन का 16वां दिन था। उद्धव ने कहा कि वांगचुक की जान बहुत कीमती है। लेकिन केंद्र सरकार असंवेदनशील है। सरकार को इस आंदोलन की कोई परवाह नहीं है।नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह आंदोलन पिछले 24 दिनों से जारी है। शिक्षक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वह तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सीजेपी की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही मई में नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिले। मेडिकल प्रवेश परीक्षा पिछले महीने दोबारा आयोजित की गई थी।इस नई पार्टी सीजेपी के संस्थापक राजनीतिक संचार रणनीतिकार अभिजीत दीपके हैं। यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था। सोमवार को पार्टी ने बताया कि भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो गया है। उनका ब्लड ग्लूकोज लेवल भी गिरकर 67 mg/dL पर आ गया है। इस संगठन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को संसद मार्च का एलान किया है।उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी दल अपने राज्यों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जब सीजेपी संसद मार्च करेगी, तब शिवसेना यूबीटी महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेगी। शिवसेना यूबीटी के सांसद मानसून सत्र में संसद के अंदर भी यह मुद्दा उठाएंगे। उद्धव ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना कोई छोटी बात नहीं है। दूसरी तरफ, राज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

वियतनाम नाव हादसा: 15 भारतीयों के शव लेकर मुंबई पहुंची विशेष उड़ान, दुर्घटना के बाद अब तक क्या हुआ?

मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के रहने वाले थे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए कोयंबटूर, चेन्नई, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम भेजा जाएगा।पिछले सप्ताह शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट नगोआई के निकट 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार स्थानीय सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी। हादसे में 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।इलाज के बाद वे भारत लौट चुके हैं, जबकि एक अन्य जीवित बचे व्यक्ति की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसका फु क्वोक के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। बताया गया कि पर्यटक एक द्वीप से लौट रहे थे। इसी दौरान होन मे रुट नगोआई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर उनकी स्पीडबोट पलट गई।वियतनाम में समुद्र में पलटी स्पीडबोट के कैप्टन को लापरवाही के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। नाव में कुल 32 भारतीय सैलानियों के साथ चालक दल के तीन सदस्य और टूर गाइड सवार थे। वियतनाम पुलिस ने बताया कि नाव के 57 वर्षीय कैप्टन पर सुरक्षा संबंधी कानून का उल्लंघन किया, जिसके कारण नाव दुर्घटनाग्रस्त हुई थी।हालांकि, वियतनामी अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि खराब मौसम भी हादसे की वजह रहा। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस दुर्घटना के बाद कई कंपनियों ने अपनी स्पीडबोट सेवाएं फिलहाल बंद कर दी हैं।वियतनाम का फु क्वोक द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत समुद्री तटों के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां के आन थोई द्वीप समूह में हर साल लाखों की संख्या में विदेशी सैलानी टापू की सैर (आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk

Datia By Election: दतिया की सियासत में 'रावण' वाली टिप्पणी से भूचाल, दिग्विजय के बयान पर सीएम मोहन का पलटवार

क्या कहा दिग्विजय सिंह ने? दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें इस बात की प्रसन्नता है कि उस अत्याचारी, अन्यायी और रावण स्वरूप नरोत्तम मिश्रा का टिकट भाजपा ने काट दिया। यह हमारे लगातार किए गए प्रहारों का असर है। उन्होंने नए भाजपा प्रत्याशी पर भी सवाल उठाए। दिग्विजय ने कहा कि अब जिसे टिकट दिया गया है, उसे जनता कितना जानती है? उसका नाम तब सुर्खियों में आया था जब विधायक चोरी के मामले में नरोत्तम मिश्रा जी के पैसे का लेन-देन वह कर रहा था। उस पर लेन-देन का आरोप है। दिग्विजय का यह बयान आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। ये भी पढ़ें- सीएम ने क्या कहा? दिग्विजय की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। नरोत्तम मिश्रा ने दतिया और पूरे प्रदेश के लिए बहुत काम किया है। सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह व्यक्तिगत टिप्पणियों पर उतर आई है। जनता विकास के नाम पर वोट देती है, गाली-गलौज के नाम पर नहीं। मुख्यमंत्री के अलावा भाजपा नेताओं ने भी दिग्विजय के बयान की निंदा की। पार्टी का कहना है कि दिग्विजय सिंह चुनाव हारने की बौखलाहट में मर्यादा की सीमा लांघ रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने 20 साल तक दतिया की सेवा की है। उनके काम को जनता जानती है। ऐसे में उन्हें “रावण” कहना जनता का अपमान है। दिग्विजय के बयान ने चुनाव को और आक्रामक बना दिया है। कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ लड़ाई बता रही है, तो भाजपा इसे संस्कार और मर्यादा पर ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

NEET UG Exam 2026: नीट यूजी परीक्षा की OMR शीट की स्कैन कॉपी जारी; जानिए कब तक दर्ज करवा सकेंगे आपत्ति

इस दिन तक दर्ज करवा सकेंगे आपत्ति उम्मीदवारों को रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक रिस्पॉन्स चैलेंज पर 200 रुपये का प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित किया गया है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा। रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स चैलेंज की प्रक्रिया 13 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। । शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है। निर्धारित समय सीमा के बाद या प्रोसेसिंग शुल्क के बिना कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल रिकॉर्डेड OMR रिस्पॉन्स पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए है। उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और अब उससे संबंधित कोई नई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। कब आयोजित हुई थी नीट यूजी की पुनरीक्षा? नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट (UG)-2026 की पुनरीक्षा (Re-exam) का आयोजन 21 जून 2026 (रविवार) को दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:15 बजे तक किया था। इससे पहले नीट यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसकी अनंतिम उत्तर कुंजी 6 मई को जारी की गई। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून की नीट यूजी परीक्षा में 20 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk