मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के रहने वाले थे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए कोयंबटूर, चेन्नई, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम भेजा जाएगा।पिछले सप्ताह शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट नगोआई के निकट 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार स्थानीय सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी। हादसे में 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।इलाज के बाद वे भारत लौट चुके हैं, जबकि एक अन्य जीवित बचे व्यक्ति की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसका फु क्वोक के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। बताया गया कि पर्यटक एक द्वीप से लौट रहे थे। इसी दौरान होन मे रुट नगोआई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर उनकी स्पीडबोट पलट गई।वियतनाम में समुद्र में पलटी स्पीडबोट के कैप्टन को लापरवाही के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। नाव में कुल 32 भारतीय सैलानियों के साथ चालक दल के तीन सदस्य और टूर गाइड सवार थे। वियतनाम पुलिस ने बताया कि नाव के 57 वर्षीय कैप्टन पर सुरक्षा संबंधी कानून का उल्लंघन किया, जिसके कारण नाव दुर्घटनाग्रस्त हुई थी।हालांकि, वियतनामी अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि खराब मौसम भी हादसे की वजह रहा। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस दुर्घटना के बाद कई कंपनियों ने अपनी स्पीडबोट सेवाएं फिलहाल बंद कर दी हैं।वियतनाम का फु क्वोक द्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत समुद्री तटों के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां के आन थोई द्वीप समूह में हर साल लाखों की संख्या में विदेशी सैलानी टापू की सैर (आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
वियतनाम नाव हादसा: 15 भारतीयों के शव लेकर मुंबई पहुंची विशेष उड़ान, दुर्घटना के बाद अब तक क्या हुआ?
मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के रहने वाले थे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए कोयंबटूर, चेन्नई, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम भेजा जाएगा।पिछले सप्ताह शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट नगोआई के निकट 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार स्थानीय सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी। हादसे में 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।इलाज के बाद वे भारत ल