क्या कहा दिग्विजय सिंह ने? दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें इस बात की प्रसन्नता है कि उस अत्याचारी, अन्यायी और रावण स्वरूप नरोत्तम मिश्रा का टिकट भाजपा ने काट दिया। यह हमारे लगातार किए गए प्रहारों का असर है। उन्होंने नए भाजपा प्रत्याशी पर भी सवाल उठाए। दिग्विजय ने कहा कि अब जिसे टिकट दिया गया है, उसे जनता कितना जानती है? उसका नाम तब सुर्खियों में आया था जब विधायक चोरी के मामले में नरोत्तम मिश्रा जी के पैसे का लेन-देन वह कर रहा था। उस पर लेन-देन का आरोप है। दिग्विजय का यह बयान आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। ये भी पढ़ें- सीएम ने क्या कहा? दिग्विजय की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। नरोत्तम मिश्रा ने दतिया और पूरे प्रदेश के लिए बहुत काम किया है। सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह व्यक्तिगत टिप्पणियों पर उतर आई है। जनता विकास के नाम पर वोट देती है, गाली-गलौज के नाम पर नहीं। मुख्यमंत्री के अलावा भाजपा नेताओं ने भी दिग्विजय के बयान की निंदा की। पार्टी का कहना है कि दिग्विजय सिंह चुनाव हारने की बौखलाहट में मर्यादा की सीमा लांघ रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने 20 साल तक दतिया की सेवा की है। उनके काम को जनता जानती है। ऐसे में उन्हें “रावण” कहना जनता का अपमान है। दिग्विजय के बयान ने चुनाव को और आक्रामक बना दिया है। कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ लड़ाई बता रही है, तो भाजपा इसे संस्कार और मर्यादा पर ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Datia By Election: दतिया की सियासत में 'रावण' वाली टिप्पणी से भूचाल, दिग्विजय के बयान पर सीएम मोहन का पलटवार
क्या कहा दिग्विजय सिंह ने? दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें इस बात की प्रसन्नता है कि उस अत्याचारी, अन्यायी और रावण स्वरूप नरोत्तम मिश्रा का टिकट भाजपा ने काट दिया। यह हमारे लगातार किए गए प्रहारों का असर है। उन्होंने नए भाजपा प्रत्याशी पर भी सवाल उठाए। दिग्विजय ने कहा कि अब जिसे टिकट दिया गया है, उसे जनता कितना जानती है? उसका नाम तब सुर्खियों में आया था जब विधायक चोरी के मामले में नरोत्तम मिश्रा जी के पैसे का लेन-देन वह कर रहा था।