E20 Petrol: क्या पेट्रोल में बढ़ेगी इथेनॉल की 20 फीसदी से ज्यादा मात्रा? सरकार ने राज्यसभा में दिया जवाब

लिखित जवाब में कहा गया, “खाद्य सुरक्षा की सभी जरूरतों और निर्धारित बफर स्टॉक को पूरा करने के बाद खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा अतिरिक्त घोषित किए गए खाद्यान्न को ही इथेनॉल उत्पादन के लिए अनुमति दी जाती है।” सरकार ने कहा कि यह कार्यक्रम “वेस्ट-टू-वेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित है। इसके तहत अतिरिक्त कृषि उपज, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, टूटे हुए चावल और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त अनाज का उपयोग किया जाता है। साथ ही कृषि अवशेषों से दूसरी पीढ़ी (2जी) के इथेनॉल उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने बताया कि वर्ष 2024 में कृषि विशेषज्ञ समिति ने इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली फसलों की जल आवश्यकता की समीक्षा की थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि इथेनॉल कार्यक्रम का खुदरा खाद्य महंगाई पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। लिखित जवाब में कहा गया, “इथेनॉल उत्पादन के लिए केवल अतिरिक्त चीनी का ही उपयोग किया जा रहा है।” इसके कारण वर्ष 2024-25 की तुलना में खुदरा चीनी की कीमतों में वार्षिक वृद्धि लगभग 2.5 प्रतिशत रही है। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अतिरिक्त चावल के उपयोग से भी खुदरा खाद्य महंगाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि यह तभी किया जाता है जब खाद्य सुरक्षा और बफर स्टॉक की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सरकार ने कहा कि इथेनॉल संयंत्रों को सख्त पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होता है। सरकार के अनुसार, शीरा और अनाज आधारित डिस्टिलरी में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) व्यवस्था लागू है। इसके तहत प्रक्रिया मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

DGCA ला रहा नया सिस्टम: विमान से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट होगी ऑनलाइन, यात्रियों-एयरलाइंस को क्या फायदा होगा?

देश में हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे घटनाओं की जानकारी समय पर मिलेगी, जांच की प्रक्रिया तेज होगी और सुरक्षा निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में हवाई किरायों का निर्धारण बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर ही होता रहेगा। डीजीसीए का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या करेगा? नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि डीजीसीए इस समय ईजीसीए पोर्टल पर घटना रिपोर्टिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विमानन कंपनियां और संबंधित संस्थाएं अनिवार्य घटना रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा कर सकेंगी। अभी कई मामलों में रिपोर्टिंग और उसकी प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद जानकारी तेजी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और उस पर समयबद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे विमानन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी होगी। सरकार के अनुसार, नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ईजीसीए पोर्टल का हिस्सा होगा। इसका उद्देश्य विमानन क्षेत्र में होने वाली किसी भी अनिवार्य घटना की रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना और उसकी डिजिटल प्रोसेसिंग करना है। इससे रिपोर्ट भेजने, उसकी जांच शुरू करने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का पूरा काम एक ही प्रणाली के जरिए किया जा सकेगा। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और रिप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

बुनियादी उद्योगों में लौटी रफ्तार: जून में पांच प्रतिशत उत्पादन बढ़ा, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे संकेत?

देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जून 2026 में देश के नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन पांच फीसदी बढ़ा है, जो पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में तेज वृद्धि रही। इससे पहले मई 2026 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर 3.2 फीसदी थी, जबकि जून 2025 में यह सिर्फ 1.1 फीसदी रही थी। बुनियादी क्षेत्रों में सुधार को अर्थव्यवस्था की मजबूती का अहम संकेत माना जाता है, क्योंकि इनका असर उद्योगों और निर्माण गतिविधियों पर भी पड़ता है। किन क्षेत्रों ने सबसे ज्यादा रफ्तार दिखाई? सरकार ने इस बार बुनियादी क्षेत्रों के आंकड़े नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जारी किए हैं। पहले आधार वर्ष 2011-12 था। नए आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब लौह अयस्क को भी इस सूचकांक में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। नए आधार वर्ष के जरिए सरकार का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को अधिक सटीक तरीके से दिखाना है। जून के दौरान सबसे बेहतर प्रदर्शन सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क क्षेत्र का रहा। सीमेंट और बिजली का उत्पादन 9.8-9.8 फीसदी बढ़ा। वहीं पहली बार सूचकांक में शामिल किए गए लौह अयस्क का उत्पादन 43.9 फीसदी बढ़ गया। दूसरी ओर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में तेजी बनी हुई है, जबकि ऊर्जा से जुड़े कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में अभी भी दबाव बना हुआ है। प्रमुख आंकड़े एक नजर में क्षेत्र जून 2026 का प्रदर्शन कुल 9 प्रमुख क्षे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

Monsoon Session: संसद में सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष, खरगे बोले- राम मंदिर-पेपर लीक पर जवाब दे सरकार

आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस पार्टी और साझा विपक्ष जनता की आवाज़ बनकर मोदी सरकार से हर सवाल का जवाब माँगेगी। चाहे श्री राम मंदिर में चंदा चोरी और आस्था से धोखे की बात हो - मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की, उन्हें… pic.twitter.com/vweX1NboC5 — Mallikarjun Kharge (@kharge) July 20, 2026 इसके साथ ही मल्लिकार्जुन खरगे ने श्री राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी और आस्था से धोखे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी कमाई अर्पित की थी। श्रद्धालुओं को न्याय मिलना चाहिए। खरगे ने इस मामले की तत्काल स्वतंत्र जांच कराने और पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।कांग्रेस अध्यक्ष ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के पतन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2014 से अब तक देश में 152 पेपर लीक हो चुके हैं। इन घटनाओं के कारण 25 बच्चों ने अपनी जान गंवाई है। खरगे ने इस विफलता के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की।खरगे ने 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर जबरन थोपे गए एथेनॉल मिश्रण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इसे एक ‘प्रयोग’ बता रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या जनता की कमाई की लूट ही भाजपा का एकमात्र औजार है? इन मुद्दों के अलावा विपक्ष आने वाले विधेयकों और देश की जनता को प्रभावित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण सवालों पर भी सरकार को घेरेगा।इस सबके बीच सदन की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ, बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

Tripura: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ ने पुलिस मुख्यालय में आत्महत्या की, यूपी के बागपत के रहने वाले थे

त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ ने सोमवार को अगरतला पुलिस मुख्यालय में अपने ऑफिस में आत्महत्या कर ली। मामले में एक अधिकारी ने बताया कि 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी को तुरंत जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने आगे बताया कि इस घटना के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा और मुख्य सचिव जेके सिन्हा समेत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 1 min · National Desk

Bihar: मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, निशांत कुमार का विशेष स्वागत

बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र का आगाज हो चुका है। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही में नवनिर्वाचित सदस्यों का मनोनयन, विभिन्न समितियों का गठन, शोक प्रस्ताव और वित्तीय कार्य सहित कई महत्वपूर्ण कार्य निपटाए गए। वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया गया। इस दौरान विपक्ष भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में दिखा और तख्ती लगाकर नारेबाजी भी की। सत्र शुरू होने से पहले स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। वैसे, विधान परिषद् में मंत्री निशांत कुमार का विशेष तौर पर स्वागत हुआ, क्योंकि आज उनका जन्मदिन भी है। निशांत ने क्या कहा?स्वागत और बधाइयों के बीच स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद में उनका यह पहला दिन होगा। इसलिए वह विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार एक बेहद अनुभवी नेता हैं और उनके पिता के भी काफी करीबी रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान और सीखने का विषय है।बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले महागठबंधन के विधायकों ने नीट पेपर लीक और बढ़ते अपराध को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इतना ही नहीं विपक्ष के विधायकों ने सदन में भी हंगामा किया। वहीं एनडीए के विधायकों ने तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर सवाल उठाया और पूछा कि कब तक आएंगे तेजस्वी यादव यह जवाब आप लोग क्यों नहीं देते हैं? आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: संसद का मानसून सत्र, इन विधेयकों पर सरकार का जोर, विपक्ष की ओर से गूंजेंगे कौन से मुद्दे?

Explainer: संसद का मानसून सत्र, इन विधेयकों पर सरकार का जोर, विपक्ष की ओर से गूंजेंगे कौन से मुद्दे? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर संसद के मानसून सत्र में सरकार का ध्यान किन विधेयकों को पारित कराने पर रहेगा? इनमें से किन विधेयकों पर जबरदस्त विवाद की स्थिति है? सरकार के लिए इस वक्त संसद में इन विधेयकों को पारित कराने के लिए कितना समर्थन है? इसके अलावा विपक्ष के पास इस वक्त क्या-क्या मुद्दे हैं, जिस पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में ही हंगामा होना तय है? आइये जानते हैं… संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो चुकी है। बजट सत्र की तरह ही एक बार फिर लोकसभा और राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर असहमति बन सकती है। खासकर केंद्र की तरफ से पेश होने वाले संभावित परिसीमन विधेयक को लेकर। सरकार ने अब तक संसद के अपने एजेंडे में इस विधेयक का जिक्र नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार सत्र के बीच में इसे पेश कर सकती है। दूसरी तरफ नीट-यूजी पेपर लीक, राम मंदिर दान में गबन और कुछ अन्य मुद्दे भी संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का कारण बन सकते हैं। कौन से विधेयकों को पारित कराने पर सरकार का जोर? संसद के मानसून सत्र में सरकार का मुख्य ध्यान अपने विधायी एजेंडे को पूरा करने और कई अहम विधेयकों को पारित कराने पर रहेगा। 1. परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक: यह सरकार के सबसे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

जंतर मंतर: संसद मार्च से पहले वांगचुक ने भेजा संदेश, बताया आज किन शर्तों पर खत्म कर सकते हैं अपना अनशन

आज प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सामाजित कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से सरकार और देश की सियासी जमात को एक संदेश भेजा है। इस संदेश में वांगचुक ने लिखा कि वे किन शर्तों पर आज अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। Activist Sonam Wangchuk tweets, “… I will end my fast on 20th July if: a. If the govt takes accountability of the recent failures in Education system, Paper leaks etc or b. If I and the leadership of CJP reach the doorsteps of Parliament where MPs and leaders of various… pic.twitter.com/XBAgvbkvkw — ANI (@ANI) July 20, 2026 एक- सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले, या सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले, या दो- मैं और CJP की लीडरशिप संसद तक पहुंचें और वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे, या मैं और CJP की लीडरशिप संसद तक पहुंचें और वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे, या तीन- अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाजत न दे, तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर ऊपर बताया गया भरोसा दिलाएं एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा अगर… …सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी नजरबंदी से, जहां मेरे आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की आजादी पर रोक लगी हुई है। गौरतलब है कि कि सोनम इस समय अपने स्वास्थ्यगत कारणों से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन उन्होंने तथा उनकी पत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

कर्नाटक में भयंकर सूखा: प्यासे कंठों को कब मिलेगा पानी, संकट से कैसे निपट रही डीके शिवकुमार की सरकार?

कर्नाटक पर इस समय सूखे का सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा है। बेंगलुरु में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य की गंभीर स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर सूखे की जमीनी रिपोर्ट तैयार की जाए। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। सीएम ने साफ किया कि रिपोर्ट दफ्तरों में बैठकर नहीं बनेगी। इसके लिए अधिकारियों को खेतों और गांवों में जाकर मौके पर मुआयना करना होगा। केंद्रीय टीम के आने पर उन्हें बिल्कुल सटीक आंकड़े दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 15 दिनों में केंद्र को रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया। कर्नाटक में इस सीजन में कुल 60% बारिश की कमी दर्ज। कुल 178 ताल्लुक सूखे की चपेट में, 20 ताल्लुकों में शून्य बारिश। जलाशयों में मात्र 40% पानी बचा, जलविद्युत उत्पादन गिरकर 23% हुआ। राहत कार्यों के लिए ₹379 करोड़ मंजूर, बोरवेल ड्रिलिंग की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग। राज्य में मानसून की बेरुखी ने हाहाकार मचा दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक में इस साल 60 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है। राज्य के 178 ताल्लुकों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इनमें से 158 ताल्लुकों में बेहद नाममात्र की बारिश हुई है। वहीं 20 ताल्लुक ऐसे हैं जहां एक बूंद पानी भी नहीं बरसा है। विजयनगर जिले में स्थिति सबसे ज्यादा भयानक बनी हुई है। जलाशयों में पानी का स्तर घटकर सिर्फ 40 फीसदी रह गया है। संकट से निपटने के लिए क्या हैं सरकार का प्लान? सूखे के इस खौफनाक मंजर के बीच सरकार ने राहत कार्यों के लिए खजाना खोल दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुधारने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

गुयाना में बड़ा समुद्री हादसा: 133 लोगों से भरा सरकारी जहाज पलटा, लापता की तलाश के लिए क्या कर रही सरकार?

133 लोगों को लेकर जा रहा सरकारी जहाज समुद्र में पलटा। अब तक 67 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। 15 बच्चे भी बचाए गए लोगों में शामिल। 1,000 वर्ग मील के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी। हेलीकॉप्टर, विमान और नौकाओं की मदद से तलाश। शुरुआती जांच में तेज ज्वार-भाटा और ऊंची लहरों को हादसे की वजह माना गया। एमवी बरीमा शनिवार दोपहर करीब तीन बजे राजधानी जॉर्जटाउन से पोर्ट कैतुमा के लिए रवाना हुआ था। यह जहाज वेनेजुएला सीमा के पास रहने वाले स्वदेशी समुदायों के लिए नियमित सेवा देता है। रात करीब 11 बजे जहाज से आपातकालीन संदेश मिला। इसके बाद सरकारी एजेंसियों और निजी नावों को तुरंत मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, हादसा पोमेरून नदी के पास उत्तरी अटलांटिक तट पर हुआ, जहां तेज लहरों के बीच जहाज पलट गया।गुयाना के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स खुद राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। अब तक 67 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 41 पुरुष, 11 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए करीब 1,000 वर्ग मील के समुद्री क्षेत्र में हेलीकॉप्टर, विमान, सरकारी नौकाएं और मछली पकड़ने वाली नावें लगातार खोज अभियान चला रही हैं।शुरुआत में हादसे की वजह ओवरलोडिंग मानी जा रही थी, लेकिन सार्वजनिक कार्य मंत्री जुआन एडघिल ने इस संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जहाज पर 250 लाइफ जैकेट, दो कठोर लाइफ राफ्ट और छह इन्फ्लेटेबल लाइफ राफ्ट मौजूद थे। बचाए गए यात्रियों के अनुसार, समुद्र में तेज ज्वार-भाटा और ऊंची लहरों के कारण जहाज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk