कर्नाटक पर इस समय सूखे का सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा है। बेंगलुरु में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य की गंभीर स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर सूखे की जमीनी रिपोर्ट तैयार की जाए। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। सीएम ने साफ किया कि रिपोर्ट दफ्तरों में बैठकर नहीं बनेगी। इसके लिए अधिकारियों को खेतों और गांवों में जाकर मौके पर मुआयना करना होगा। केंद्रीय टीम के आने पर उन्हें बिल्कुल सटीक आंकड़े दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 15 दिनों में केंद्र को रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया। कर्नाटक में इस सीजन में कुल 60% बारिश की कमी दर्ज। कुल 178 ताल्लुक सूखे की चपेट में, 20 ताल्लुकों में शून्य बारिश। जलाशयों में मात्र 40% पानी बचा, जलविद्युत उत्पादन गिरकर 23% हुआ। राहत कार्यों के लिए ₹379 करोड़ मंजूर, बोरवेल ड्रिलिंग की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग। राज्य में मानसून की बेरुखी ने हाहाकार मचा दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक में इस साल 60 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है। राज्य के 178 ताल्लुकों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इनमें से 158 ताल्लुकों में बेहद नाममात्र की बारिश हुई है। वहीं 20 ताल्लुक ऐसे हैं जहां एक बूंद पानी भी नहीं बरसा है। विजयनगर जिले में स्थिति सबसे ज्यादा भयानक बनी हुई है। जलाशयों में पानी का स्तर घटकर सिर्फ 40 फीसदी रह गया है। संकट से निपटने के लिए क्या हैं सरकार का प्लान? सूखे के इस खौफनाक मंजर के बीच सरकार ने राहत कार्यों के लिए खजाना खोल दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुधारने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
कर्नाटक में भयंकर सूखा: प्यासे कंठों को कब मिलेगा पानी, संकट से कैसे निपट रही डीके शिवकुमार की सरकार?
कर्नाटक पर इस समय सूखे का सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा है। बेंगलुरु में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य की गंभीर स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर सूखे की जमीनी रिपोर्ट तैयार की जाए। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। सीएम ने साफ किया कि रिपोर्ट दफ्तरों में बैठकर नहीं बनेगी। इसके लिए अधिकारियों को खेतों और गांवों में जाकर मौके पर मुआयना करना होगा। केंद्रीय टीम के आने पर उन्हें ब