देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जून 2026 में देश के नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन पांच फीसदी बढ़ा है, जो पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में तेज वृद्धि रही। इससे पहले मई 2026 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर 3.2 फीसदी थी, जबकि जून 2025 में यह सिर्फ 1.1 फीसदी रही थी। बुनियादी क्षेत्रों में सुधार को अर्थव्यवस्था की मजबूती का अहम संकेत माना जाता है, क्योंकि इनका असर उद्योगों और निर्माण गतिविधियों पर भी पड़ता है। किन क्षेत्रों ने सबसे ज्यादा रफ्तार दिखाई? सरकार ने इस बार बुनियादी क्षेत्रों के आंकड़े नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जारी किए हैं। पहले आधार वर्ष 2011-12 था। नए आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब लौह अयस्क को भी इस सूचकांक में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। नए आधार वर्ष के जरिए सरकार का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को अधिक सटीक तरीके से दिखाना है। जून के दौरान सबसे बेहतर प्रदर्शन सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क क्षेत्र का रहा। सीमेंट और बिजली का उत्पादन 9.8-9.8 फीसदी बढ़ा। वहीं पहली बार सूचकांक में शामिल किए गए लौह अयस्क का उत्पादन 43.9 फीसदी बढ़ गया। दूसरी ओर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में तेजी बनी हुई है, जबकि ऊर्जा से जुड़े कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में अभी भी दबाव बना हुआ है। प्रमुख आंकड़े एक नजर में क्षेत्र जून 2026 का प्रदर्शन कुल 9 प्रमुख क्षे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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