देश में हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे घटनाओं की जानकारी समय पर मिलेगी, जांच की प्रक्रिया तेज होगी और सुरक्षा निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में हवाई किरायों का निर्धारण बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर ही होता रहेगा। डीजीसीए का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या करेगा? नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि डीजीसीए इस समय ईजीसीए पोर्टल पर घटना रिपोर्टिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विमानन कंपनियां और संबंधित संस्थाएं अनिवार्य घटना रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा कर सकेंगी। अभी कई मामलों में रिपोर्टिंग और उसकी प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद जानकारी तेजी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और उस पर समयबद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे विमानन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी होगी। सरकार के अनुसार, नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ईजीसीए पोर्टल का हिस्सा होगा। इसका उद्देश्य विमानन क्षेत्र में होने वाली किसी भी अनिवार्य घटना की रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना और उसकी डिजिटल प्रोसेसिंग करना है। इससे रिपोर्ट भेजने, उसकी जांच शुरू करने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का पूरा काम एक ही प्रणाली के जरिए किया जा सकेगा। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और रिप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
DGCA ला रहा नया सिस्टम: विमान से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट होगी ऑनलाइन, यात्रियों-एयरलाइंस को क्या फायदा होगा?
देश में हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे घटनाओं की जानकारी समय पर मिलेगी, जांच की प्रक्रिया तेज होगी और सुरक्षा निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में हवाई किरायों का निर्धारण बाजार की मांग और आपूर