Bengal: बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को बंगाल सरकार का तोहफा, पेंशन राशि बढ़ाई; कब मिलेगा बढ़ा हुआ पैसा?

कब से मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन? पश्चिम बंगाल पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग ने एक अधिसूचना जारी करके राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत तीन पेंशन योजनाओं में बढ़ी हुई रकम की घोषणा की। इस अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि बढ़ी हुई रकम लाभार्थियों को 1 अप्रैल से दी जाएगी। किन लोगों को मिलेगा फायदा? सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना के लाभार्थियों को अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। हर योजना के लाभार्थियों को अब 500 रुपये प्रति माह अतिरिक्त मिलेंगे। यह रकम पहले की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के जरिये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। खर्च कौन उठाएगा? राज्य सरकार ने दावा किया है कि इन तीन कल्याणकारी योजनाओं के तहत बढ़े हुए भुगतान का अतिरिक्त खर्च, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग के बजट आवंटन से पूरा किया जाएगा। ये भी पढ़ें: कैसे होगा आदेश का पालन? इस आदेश को तेजी से लागू करने और तय समय के भीतर सभी पात्र लाभार्थियों तक संशोधित पेंशन राशि पहुंचाने के लिए जिला मजिस्ट्रेटों, जिला पंचायत और ग्रामीण विकास अधिकारियों, संबंधित लागू करने वाली एजेंसियों और राज्य शहरी विकास एजेंसी को जरूरी निर्देश भेज दिए गए हैं। इसका एलान कब हुआ था? पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अपने बजट प्रस्तावों में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए मासिक पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Sikkim Tunnel Collapse LIVE: सिक्किम में अबतक 10 की मौत; PM-शाह ने CM तमांग से की बात, कहा- हरसंभव मदद करेंगे

01:42 PM, 21-Jul-2026 अमित शाह ने सीएम से की बात, केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन की घटना की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार, अमित शाह ने चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और राज्य सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सहायता के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार है। यह हादसा सोमवार दोपहर नामची जिले के समरदुंग में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया, जिससे अंदर करीब 27 मजदूर फंस गए। इस दौरान सुरंग में गैस रिसाव होने की भी आशंका जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर गैस होने के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। कई बचावकर्मियों को अंदर जाते समय चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह गैस भूस्खलन के बाद जमीन के नीचे की चट्टानों और परतों में बदलाव होने से प्राकृतिक रूप से निकल रही है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन की घटना की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार, अमित शाह ने चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और राज्य सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सहायता के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार है।यह हादसा सोमवार दोपहर नामची जिले के समरदुंग में एन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

India-UK Ties: पीएम मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को दी बधाई, भारत-ब्रिटेन संबंध पर क्या कहा?

पीएम मोदी ने क्या कहा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को लेकर व्यापक सहयोग है। उन्होंने कहा कि इसी महीने सीईटीए के लागू होने के साथ भारत और ब्रिटेन की द्विपक्षीय साझेदारी और भी मजबूत होने की उम्मीद है। पीएम मोदी ने कहा कि वह एंडी बर्नहम के साथ मिलकर भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा साझा विजन 2035 को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं। अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने क्या कहा? पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से लोगों का राजनीति पर भरोसा कमजोर हुआ है और अब नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने कहा, मैं पूरी तरह महसूस करता हूं कि पिछले 10 वर्षों में इस सत्ता के गलियारे में सरकार बनाने के लिए आने वाला मैं छठा व्यक्ति हूं और 2016 के बाद सातवां प्रधानमंत्री हूं। यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के नेताओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभानी होंगी। बर्नहम ने कहा कि ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं। मैं उनकी बात सुनता हूं और ईमानदारी से स्वीकार करता हूं कि हम उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, जितना क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: मध्य प्रदेश में यूसीसी की तैयारी पूरी, शादी-तलाक से लेकर लिव-इन पर क्या होंगे नए नियम?

समान नागरिक संहिता क्या है? समान नागरिक संहिता का अर्थ है हर नागरिक के लिए एक समान कानून, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। इसके लागू होने के बाद संबंधित राज्य में शादी, तलाक, गोद लेने और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होते हैं। यह मुद्दा कई दशकों से राजनीतिक बहस के केंद्र में रहा है। UCC केंद्र की मौजूदा सत्ताधारी भाजपा के लिए जनसंघ के जमाने से प्राथमिकता वाला एजेंडा रहा है। भाजपा सत्ता में आने पर UCC को लागू करने का वादा करने वाली पहली पार्टी थी और यह मुद्दा उसके 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र का भी हिस्सा था। इसके साथ ही उसके शासन वाले राज्यों में इसे जोर-शोर से लागू भी कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश की कैबिनेट से इसकी मंजूरी इसी कड़ी का हिस्सा है। संविधान इस पर क्या कहता है? देश में संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता को लेकर प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि राज्य इसे लागू कर सकता है। इसका उद्देश्य धर्म के आधार पर किसी भी वर्ग विशेष के साथ होने वाले भेदभाव या पक्षपात को खत्म करना और विविध सांस्कृतिक समूहों के बीच सामंजस्य स्थापित करना था। संविधान निर्माता डॉ. बीआर आम्बेडकर ने कहा था कि UCC जरूरी है, लेकिन फिलहाल यह स्वैच्छिक रहना चाहिए। संविधान के मसौदे के अनुच्छेद 35 को भारत के संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 44 के रूप में राज्य नीति के निदेशक सिद्धांतों के हिस्से के रूप में जोड़ा गया था। इसे संविधान में इस नजरिए के रूप में शामिल किया गया था जो तब पूरा होगा जब राष्ट्र इसे स्वीकार करने के लिए तैयार होगा और UCC को सामाजिक स्वीकृति दी जा सकती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi CJP Protest Live: जंतर-मंतर से संसद भवन तक हुए बवाल पर पांच FIR दर्ज, जांच में पुलिस को मिले कई अहम सबूत

11:18 AM, 21-Jul-2026 लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता: चंद्रखेशर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे पेपर लीक मामले और कल CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी - कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद कहते हैं, “हमें दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने पर गर्व है, फिर भी लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता… जंतर-मंतर पर 30 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है; लोग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। क्या सरकार उनके मरने का इंतज़ार कर रही थी? कल, जब देश के युवा सड़कों पर उतरे, तो उन पर की गई बर्बरता चौंकाने वाली थी… मुझे लगा कि जब युवा सड़कों पर भूखे-प्यासे घूमते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हों, तो मैं चुप नहीं रह सकता। मैंने खुद विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी ज़िम्मेदारी निभाने का फैसला किया… मैं उन युवाओं के साथ खड़ा होने के लिए यहाँ बैठा हूँ जो अभी भी विरोध कर रहे हैं, ताकि सरकार और प्रधानमंत्री से उनकी बात सुनने का आग्रह कर सकूँ… आबादी के 51% हिस्से को कुचलने के बाद आपने क्या सबक सीखा है? वे किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं थे; वे युवा थे, अपनी पढ़ाई कर रहे छात्र थे… एक शिक्षित, जागरूक भारतीय नागरिक और सांसद के तौर पर, मैं पूरी रात बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति के नीचे बैठा रहा और इस लड़ाई को लड़ने की हिम्मत जुटाई… मैंने अभी स्पीकर से बात की है और उन्हें स्थिति के बारे में बताया है… जो कोई भी बातचीत करने को तैयार है, मैं उससे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: सिक्किम की सुरंग में हादसा; सुप्रीम कोर्ट BCI की कार्यशैली पर सख्त; फ्रांस में सोशल मीडिया नियम कड़े

राजधानी दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों का उल्लंघन किया। इस दौरान उन्होंने अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य चीजें फेंकीं। उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस और अन्य सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। इस बड़े पैमाने की हिंसा से सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया। अपनी कानूनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। हाथापाई में लगभग 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं वहीं 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। बाकी घायल पुलिसकर्मियों की मेडिको-लीगल जांच चल रही है। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 1 min · National Desk

प्रदर्शनकारियों को किसने बनाया मोहरा?: CCTV-वीडियो खोलेंगे राज, 'सफेदपोश' टोली के वॉट्सएप मैसेज पर नजर

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से खदेड़ दिया है। कई दर्जन लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि दिल्ली पुलिस ने अभी इस बाबत कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पचास से ज्यादा पुलिस कर्मी व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ सीजेपी ने भी दावा किया है कि अनेक कार्यकर्ताओं को पुलिस के बल प्रयोग के दौरान गंभीर चोटें लगी हैं। प्रदर्शनकारियों को किसने बनाया ‘मोहरा’, सीसीटीवी-मोबाइल वीडियो और वॉट्सएप मैसेज खोलेगा ‘सफेदपोश’ टोली का राज, दिल्ली पुलिस अब इसकी तह तक जाने में जुट गई है। दिल्ली पुलिस के एक शीर्ष अफसर बताते हैं, इसमें कोई शक नहीं कि प्रदर्शनकारियों को एक साजिश के तहत उकसाया गया है। ऐसे लोगों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है। नई दिल्ली क्षेत्र में लगे सीसीटीवी और मेट्रो स्टेशनों व ट्रेन में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। दिल्ली पुलिस को यह जानकारी मिली है कि प्रदर्शनकारियों को एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए उकसाया जा रहा था। उन्हें मैसेज भेजे जा रहे थे। केवल सीसीटीवी ही नहीं, ऐसे मोबाइल वीडियो जो पुलिस एवं दूसरी एजेंसियों ने बनाए हैं, उन्हें भी चेक किया जा रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी दिल्ली पुलिस देखेगी।प्रदर्शनकारियों के पास कुछ ‘सफेदपोश’ लोगों के मोबाइल फोन से वॉट्सऐप मैसेज आना, ये भी पुलिस जांच का विषय रहेगा। इस बाबत कॉल डिटेल भी जांची जाएगी। सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ जिस तरीके से आगे बढ़ रही थी, वह बिना किसी के उकसावे या साजिश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

E20 Petrol: क्या पेट्रोल में बढ़ेगी इथेनॉल की 20 फीसदी से ज्यादा मात्रा? सरकार ने राज्यसभा में दिया जवाब

लिखित जवाब में कहा गया, “खाद्य सुरक्षा की सभी जरूरतों और निर्धारित बफर स्टॉक को पूरा करने के बाद खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा अतिरिक्त घोषित किए गए खाद्यान्न को ही इथेनॉल उत्पादन के लिए अनुमति दी जाती है।” सरकार ने कहा कि यह कार्यक्रम “वेस्ट-टू-वेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित है। इसके तहत अतिरिक्त कृषि उपज, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, टूटे हुए चावल और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त अनाज का उपयोग किया जाता है। साथ ही कृषि अवशेषों से दूसरी पीढ़ी (2जी) के इथेनॉल उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने बताया कि वर्ष 2024 में कृषि विशेषज्ञ समिति ने इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली फसलों की जल आवश्यकता की समीक्षा की थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि इथेनॉल कार्यक्रम का खुदरा खाद्य महंगाई पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। लिखित जवाब में कहा गया, “इथेनॉल उत्पादन के लिए केवल अतिरिक्त चीनी का ही उपयोग किया जा रहा है।” इसके कारण वर्ष 2024-25 की तुलना में खुदरा चीनी की कीमतों में वार्षिक वृद्धि लगभग 2.5 प्रतिशत रही है। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अतिरिक्त चावल के उपयोग से भी खुदरा खाद्य महंगाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि यह तभी किया जाता है जब खाद्य सुरक्षा और बफर स्टॉक की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सरकार ने कहा कि इथेनॉल संयंत्रों को सख्त पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होता है। सरकार के अनुसार, शीरा और अनाज आधारित डिस्टिलरी में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) व्यवस्था लागू है। इसके तहत प्रक्रिया मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

DGCA ला रहा नया सिस्टम: विमान से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट होगी ऑनलाइन, यात्रियों-एयरलाइंस को क्या फायदा होगा?

देश में हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे घटनाओं की जानकारी समय पर मिलेगी, जांच की प्रक्रिया तेज होगी और सुरक्षा निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में हवाई किरायों का निर्धारण बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर ही होता रहेगा। डीजीसीए का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या करेगा? नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि डीजीसीए इस समय ईजीसीए पोर्टल पर घटना रिपोर्टिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विमानन कंपनियां और संबंधित संस्थाएं अनिवार्य घटना रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा कर सकेंगी। अभी कई मामलों में रिपोर्टिंग और उसकी प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद जानकारी तेजी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और उस पर समयबद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे विमानन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी होगी। सरकार के अनुसार, नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ईजीसीए पोर्टल का हिस्सा होगा। इसका उद्देश्य विमानन क्षेत्र में होने वाली किसी भी अनिवार्य घटना की रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना और उसकी डिजिटल प्रोसेसिंग करना है। इससे रिपोर्ट भेजने, उसकी जांच शुरू करने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का पूरा काम एक ही प्रणाली के जरिए किया जा सकेगा। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और रिप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

बुनियादी उद्योगों में लौटी रफ्तार: जून में पांच प्रतिशत उत्पादन बढ़ा, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे संकेत?

देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जून 2026 में देश के नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन पांच फीसदी बढ़ा है, जो पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में तेज वृद्धि रही। इससे पहले मई 2026 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर 3.2 फीसदी थी, जबकि जून 2025 में यह सिर्फ 1.1 फीसदी रही थी। बुनियादी क्षेत्रों में सुधार को अर्थव्यवस्था की मजबूती का अहम संकेत माना जाता है, क्योंकि इनका असर उद्योगों और निर्माण गतिविधियों पर भी पड़ता है। किन क्षेत्रों ने सबसे ज्यादा रफ्तार दिखाई? सरकार ने इस बार बुनियादी क्षेत्रों के आंकड़े नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जारी किए हैं। पहले आधार वर्ष 2011-12 था। नए आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब लौह अयस्क को भी इस सूचकांक में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। नए आधार वर्ष के जरिए सरकार का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को अधिक सटीक तरीके से दिखाना है। जून के दौरान सबसे बेहतर प्रदर्शन सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क क्षेत्र का रहा। सीमेंट और बिजली का उत्पादन 9.8-9.8 फीसदी बढ़ा। वहीं पहली बार सूचकांक में शामिल किए गए लौह अयस्क का उत्पादन 43.9 फीसदी बढ़ गया। दूसरी ओर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में तेजी बनी हुई है, जबकि ऊर्जा से जुड़े कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में अभी भी दबाव बना हुआ है। प्रमुख आंकड़े एक नजर में क्षेत्र जून 2026 का प्रदर्शन कुल 9 प्रमुख क्षे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk