Bangladesh: क्या बांग्लादेश पर पाकिस्तानी सेना और ISI ने किया कब्जा? अवामी लीग के पूर्व सांसद का बड़ा दावा

अवामी लीग के पूर्व सांसद बहाउद्दीन नसीम ने बांग्लादेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना की कथित मौजूदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अंतरिम प्रशासन पर विदेशी प्रभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पूर्व सांसद ने मौजूदा अंतरिम प्रशासन को ‘अवैध’ बताते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कथित सहयोगियों को अब सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में प्रभाव मिल रहा है। नसीम ने यह भी आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अपने स्तर पर पाकिस्तान के साथ संपर्क बढ़ाया है। पूर्व सांसद ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कराची और चटगांव बंदरगाह के बीच सीधा व्यावसायिक जहाज संचालन शुरू हुआ है, जो पिछले 54 वर्षों में नहीं हुआ था। उनके अनुसार, यह बदलाव मौजूदा अंतरिम सरकार के कार्यकाल में देखा जा रहा है। नसीम ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश के रणनीतिक और संवेदनशील क्षेत्रों में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। बहाउद्दीन नसीम ने एएनआई से बातचीत करते हुए दावा किया कि हाल के दिनों में पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी बांग्लादेश आए हैं। उनके अनुसार, आईएसआई के दूसरे नंबर के अधिकारी और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारी लगातार ढाका का दौरा कर रहे हैं।नसीम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएसआई पर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकवादी संगठनों को पनाह, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में ऐसी ताकतों को बांग्लादेश में घुसपैठ का कोई अवसर नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि उस समय देश में आंतरिक सुरक्षा, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 25, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: विवाद के बाद बदले ट्रंप के सुर; जज के तबादलों पर सवाल; छत्तीसगढ़ में पुल चोरी; INDvNZ आज तीसरा T20

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अफगानिस्तान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने यू-टर्न लेते हुए ब्रिटिश सैनिकों को दुनिया के महानतम योद्धा बताया, जबकि इससे पहले ब्रिटेन के पीएम कीअर स्टार्मर ने उनकी आलोचना की थी। वहीं भारत में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर बहस तेज हो गई है, जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने सरकार के खिलाफ फैसले देने वाले जजों के तबादले पर बड़ा सवाल खड़ा किया। छत्तीसगढ़ के कोरबा में हैरान करने वाली चोरी का मामला सामने आया है, जहां 40 साल पुराना 10 टन वजनी लोहे का पुल रातोंरात चुरा कर कबाड़ में बेच दिया गया और पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस बीच एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी भी सामने आई है दिल्ली की करीब 11.23 फीसदी आबादी मानसिक बीमारियों से जूझ रही है, जहां अकेलापन और तनाव राजधानी की बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 25, 2026 · 1 min · National Desk

Cong v BJP: खरगे बोले- केंद्र ने राज्यपालों को कठपुतली बनाया; राहुल का आरोप- EC वोट चोरी में सहभागी, गुजरात...

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को मोदी सरकार पर गैर भाजपा शासित राज्यों को परेशान करने के लिए राज्यपालों को कठपुतली की तरह इस्तेमाल करने आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि अगले आम चुनाव में भाजपा को नहीं रोका गया तो देश में तानाशाही का खतरा बढ़ सकता है। हुबली में एक सभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय सीधे राज्यपालों को निर्देश देते हैं। राज्यपाल निजी तौर पर यह मानते हैं कि उन्हें ऊपर से निर्देश मिलते हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 25, 2026 · 1 min · National Desk

Justice Ujjal Bhuyan: सरकार के खिलाफ फैसलों पर जज का तबादला क्यों? सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश का बड़ा सवाल

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भुइयां ने जजों के तबादले में केंद्र सरकार की कथित भूमिका को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी जज का तबादला केंद्र सरकार के अनुरोध पर किया जाता है, तो यह कोलेजियम प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सीधा आघात है। आईएलएस लॉ कॉलेज, पुणे में संवैधानिक नैतिकता और लोकतांत्रिक शासन विषय पर जी. वी. पंडित मेमोरियल लेक्चर देते हुए जस्टिस भुइयां ने कहा कि जजों की नियुक्ति और तबादला पूरी तरह न्यायपालिका का आंतरिक विषय है, जिसमें कार्यपालिका का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा जब कोलेजियम स्वयं यह दर्ज करे कि किसी जज का तबादला सरकार के अनुरोध पर बदला गया, तो यह संवैधानिक रूप से स्वतंत्र मानी जाने वाली प्रक्रिया में कार्यपालिका के हस्तक्षेप को उजागर करता है।जस्टिस भुइयां की टिप्पणी उस विवाद की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें जस्टिस अतुल श्रीधरन के तबादले से जुड़ा कोलेजियम का फैसला चर्चा में रहा। पहले उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में सरकार की पुनर्विचार मांग पर उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से संबंधित जज की वरिष्ठता और प्रभाव दोनों प्रभावित हुए।जस्टिस भुइयां ने सवाल उठाया कि क्या किसी जज को सिर्फ इसलिए ट्रांसफर किया जाना चाहिए क्योंकि उसने सरकार के खिलाफ असुविधाजनक आदेश दिए? उन्होंने कहा कि तबादलों का उद्देश्य केवल न्याय के बेहतर प्रशासन के लिए होना चाहिए, न कि किसी जज को दंडित करने के लिए। ऐसा कोई भी कदम संविधान के मूल ढांचे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करता है।उन्होंने याद दिलाया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 25, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिकी प्रवासन नीति पर सवाल: मिनियापोलिस में ट्रंप के अफसरों ने एक और व्यक्ति को मारी गोली, राज्य में तनाव

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक अप्रवासन नीति फिर विवादों में घिर गई है। कारण है कि मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में शनिवार सुबह एक और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंट द्वारा व्यक्ति पर गोली चलाने की घटना हुई है, जिसमें 51 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। अब इस बात को लेकर अमेरिका में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। राज्य के गवर्नर टिम वॉल्ज ने इस कार्रवाई को भयानक बताते हुए कहा कि यह ट्रंप प्रशासन के आप्रवासन अभियान का नतीजा है। वॉल्ज ने राष्ट्रपति ट्रंप से अभियान तुरंत बंद करने की मांग की है। बता दें कि यह घटना ट्रंप प्रशासन के बड़े प्रवासन अभियान के दौरान हुई।घटना के तुरंत बाद अधिकारियों ने कहा कि मृतक के पास हथियार और दो मैगजीन थीं। वहीं राज्य के गवर्नर टिम वाल्ज ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने व्हाइट हाउस से बात की और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से राज्य से संघीय अधिकारियों को हटाने की मांग की। वाल्ज ने कहा कि ये अधिकारी हिंसक और अप्रशिक्षित हैं।वहीं दूसरी ओर गोलीबारी के बाद गुस्साए लोगों का एक बड़ा समूह इकट्ठा हो गया और उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें कायर कहा और अपने इलाके से जाने को कहा। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मिनियापोलिस में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह विरोध 7 जनवरी को 37 वर्षीय रिनी गुड की मौत के बाद शुरू हुआ था, जिन पर संघिय अधिकारी ने गोली चलाई थी। अन्य वीडियो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 25, 2026 · 2 min · National Desk

पूर्व कांग्रेस सांसद के गंभीर आरोप: कहा- राहुल वरिष्ठ नेताओं को निकालना चाहते हैं, अब पार्टी में लोकतंत्र नहीं

शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के पीछे शीर्ष नेतृत्व की अक्षमता बड़ी वजह है। उनके मुताबिक पार्टी के भीतर समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने की न तो इच्छा है और न ही आजादी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल चाहें भी, तो कांग्रेस को दूसरे नंबर से नीचे नहीं ले जा सकते, क्योंकि बाकी क्षेत्रीय पार्टियां केवल एक-एक राज्य तक सीमित हैं।पूर्व सांसद का आरोप है कि राहुल गांधी अनुभवी और लोकप्रिय नेताओं के साथ काम करने में सहज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं, जो राहुल के राजनीति में आने से पहले कई चुनाव जीत चुके हैं। शकील अहमद के मुताबिक राहुल उन नेताओं के साथ बैठना पसंद नहीं करते, जो उन्हें अपना “बॉस” नहीं मानते।शकील अहमद ने आरोप लगाया कि नेहरू-गांधी परिवार से होने के कारण राहुल गांधी में एक तरह का श्रेष्ठता भाव है। उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी को जो कुछ मिला है, वह उनके परिवार की वजह से मिला है। उन्होंने कहा कि जब वे राहुल को सलाह देते थे, तो राहुल इसे अपने अपमान की तरह लेते थे।शकील अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी वरिष्ठ और स्थापित नेताओं को किनारे कर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े नेताओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनका कहना है कि जो नेता राहुल की तारीफ करते हैं, उन्हें ही तरजीह दी जाती है। कई वरिष्ठ नेता सिर्फ इसलिए चुप हैं, क्योंकि वे पार्टी में अपनी अगली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं।शकील अहमद के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि इन आरोपों ने राहुल गांधी की तानाशाही शैली को उजागर कर दिया है। वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इन बयानों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 25, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिकी अप्रवासन नीति पर सवाल: ट्रंप के अफसरों ने एक और शख्स को मारी गोली, गवर्नर बोले- संघीय प्रशासन जवाबदेह

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक अप्रवासन नीति फिर विवादों में घिर गई है। कारण है कि मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में शनिवार सुबह एक और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंट द्वारा व्यक्ति पर गोली चलाने की घटना हुई है, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। राज्य के गवर्नर टिम वॉल्ज ने इस कार्रवाई को भयानक बताते हुए कहा कि यह ट्रंप प्रशासन के आप्रवासन अभियान का नतीजा है। वॉल्ज ने राष्ट्रपति ट्रंप से अभियान तुरंत बंद करने की मांग की है। खबर अपडेट की जा रही हैै… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 24, 2026 · 1 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: भाजपा के 'नवीन' युग के सामने कौन सी चुनौतियां, चयन की वजह क्या? विश्लेषकों ने बताया सबकुछ

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अजय सेतिया: इस चर्चा की वजह ये है कि वो बहुत कम आयु के हैं, दूसरी वजह ये है कि जाति का जो ध्यान रखा जाता है, इस बार उसका ध्यान नहीं रखा गया। ये भाजपा की उस सोच को दर्शाता है कि हिंदू एक है जाति कोई भी हो। दिल्ली के लिए एक अननोन चेहरा होने की वजह से भी चर्चा ज्यादा है। जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो वैसे अध्यक्ष की ज्यादा भूमिका नहीं होती है। बॉस कह देने से भी चर्चा ज्यादा हो रही है। पूर्णिमा त्रिपाठी: कहने का एक लहजा होता है, वो उस दिन अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी तारीफ की, लेकिन असली बॉस कौन है ये सभी को पता है। जहां तक राजनीतिक संदेश की बात है तो मुझे इसमें कोई बहुत बड़ा मैसेज नहीं दिखाई देता है। बंगाल में भाजपा का बहुत महत्वकाक्षाएं हैं हो सकता है कि भाजपा ने इसे देखते हुए उन्हें चुना हो। इसके अलावा कहीं कोई खास हासिल होगा यह मुझे नहीं लगता है। शायद भाजपा एक प्रायोगिक तौर पर लेकर आई है। राकेश शुक्ल: नवीन शब्द का आप प्रयोग कर रहे हैं तो भाजपा के लिए नए युग की शुरुआत तो 2014 में शुरू हुआ था। अब उस पर इमारत खड़ी है। नितिन नवीन के लिए चुनाव जिताने की चुनौती नहीं है, बल्कि उनके लिए पार्टी के अंदर स्वीकार्यता की है। जेपी नड्डा जो लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष रहे वो भी अपनी स्वीकार्यता पार्टी के अंदर नहीं दिला पाए। संजय राणा: नितिन नवीन भाजपा के अश्वमेघ यज्ञ का चेहरा हैं। प्रधानमंत्री हमेशा भविष्य की बात करते हैं। जहां तक नितिन नवीन के आने से चुनाव में बदलाव होगा, तो जवाब नहीं है। नीतिन नवीन की संगठनात्मक शैली की वजह से उन्हें चुना गया है। प्रधानमंत्री जो बात बोलते हैं उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 24, 2026 · 2 min · National Desk

How Modi Practice Politics: कांग्रेस नेता ने बताया- मोदी बतौर भाजपा महासचिव भी अपने साथ छोटा कंप्यूटर रखते थे

टीवी जर्नलिज्म की दुनिया छोड़कर सियासत में आने वाले एक कांग्रेस नेता ने नरेंद्र मोदी की राजनीति और उनके व्यक्तित्व को लेकर रोचक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि भाजपा महासचिव रहते समय भी मोदी छोटा कंप्यूटर अपने साथ रखते थे। उनके साथ इंटरव्यू के अनुभव का जिक्र करते हुए इस कांग्रेस नेता ने बताया, उन्हें मोदी का साक्षात्कार लेते समय नहीं लगा था कि वह मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री भी बनेंगे। पत्रकार रह चुके शुक्ला ने बताया कि वह भाजपा के महासचिव रहे नरेंद्र मोदी से दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के घर पर मिले थे और उन्होंने रूबरू कार्यक्रम के लिए उनका साक्षात्कार भी लिया था। उन्होंने कहा, रूबरू कार्यक्रम काफी प्रसिद्ध था और मोदी इसके लिए आए थे। शायद यह टीवी पर उनका पहला अनुभव था। कांग्रेस नेता ने एक एजेंसी को दिए साक्षात्कार में बताया कि हम जेटली के घर पर मिलते थे और मैं उन्हें जानता था। मैंने इंटरव्यू के दौरान देखा कि वह अपने साथ एक छोटा कंप्यूटर लाए थे। उन्होंने कहा कि उस समय नरेंद्र मोदी एक बड़ी हस्ती थे।जब उनसे पूछा गया कि क्या उस समय उन्हें लगा था कि नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बनेंगे तो शुक्ला ने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगा था। उन्होंने बताया कि मुझे ऐसा नहीं लगा। उन्होंने साक्षात्मकार में कहा था कि वह चुनावी राजनीति नहीं करना चाहते और संगठनात्मक काम करना चाहते हैं। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अरुण जेटली उस समय संगठनात्मक काम भी करते थे और पार्टी के लिए बैकग्राउंड मैनेजमेंट में बहुत माहिर थे। उन्होंने कहा कि मोदी संगठन के आदमी थे। संगठन को कैसे बढ़ाना है, राज्यों में चुनाव कैसे जीतना है।शुक्ला ने बताया कि नरेंद्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 24, 2026 · 2 min · National Desk

India-EU: भारत पहुंचीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर, फ्री ट्रेड और डिफेंस डील पर लगेगी मुहर

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रिश्तों में एक नया और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन अपनी चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। उनके साथ-साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी रविवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं। व्यापार के आंकड़े: वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच कुल 136 अरब डॉलर (करीब 11 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार हुआ। भारत का फायदा: अच्छी बात यह है कि भारत ने इसमें 76 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि आयात 60 अरब डॉलर रहा। यह यात्रा भारत के लिए दो वजहों से खास है- पहला, ये दोनों यूरोपीय दिग्गज 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे, और दूसरा, 27 जनवरी को होने वाली बैठक में कई बड़े व्यापारिक समझौतों पर मुहर लग सकती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेताओं के बीच होने वाली इस शिखर वार्ता में सबसे बड़ा आकर्षण ‘मुक्त व्यापार समझौता’ है। सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से अटके इस समझौते के पूरा होने की घोषणा इस बैठक में की जा सकती है।दोनों पक्ष एक रणनीतिक रक्षा समझौते को अंतिम रूप देंगे।भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में काम करना और आना-जाना आसान बनाने के लिए एक ‘मोबिलिटी फ्रेमवर्क’ तैयार किया जाएगा।यूरोपीय संघ एक ब्लॉक के रूप में भारत का सबसे बड़ा ‘गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर’ (सामान का व्यापार करने वाला साझेदार) है। वैश्विक संकेत यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के कारण वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। ऐसे में दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र-भारत और यूरोपीय संघ-आपसी विश्वास और साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 24, 2026 · 2 min · National Desk