और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अजय सेतिया: इस चर्चा की वजह ये है कि वो बहुत कम आयु के हैं, दूसरी वजह ये है कि जाति का जो ध्यान रखा जाता है, इस बार उसका ध्यान नहीं रखा गया। ये भाजपा की उस सोच को दर्शाता है कि हिंदू एक है जाति कोई भी हो। दिल्ली के लिए एक अननोन चेहरा होने की वजह से भी चर्चा ज्यादा है। जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो वैसे अध्यक्ष की ज्यादा भूमिका नहीं होती है। बॉस कह देने से भी चर्चा ज्यादा हो रही है। पूर्णिमा त्रिपाठी: कहने का एक लहजा होता है, वो उस दिन अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी तारीफ की, लेकिन असली बॉस कौन है ये सभी को पता है। जहां तक राजनीतिक संदेश की बात है तो मुझे इसमें कोई बहुत बड़ा मैसेज नहीं दिखाई देता है। बंगाल में भाजपा का बहुत महत्वकाक्षाएं हैं हो सकता है कि भाजपा ने इसे देखते हुए उन्हें चुना हो। इसके अलावा कहीं कोई खास हासिल होगा यह मुझे नहीं लगता है। शायद भाजपा एक प्रायोगिक तौर पर लेकर आई है। राकेश शुक्ल: नवीन शब्द का आप प्रयोग कर रहे हैं तो भाजपा के लिए नए युग की शुरुआत तो 2014 में शुरू हुआ था। अब उस पर इमारत खड़ी है। नितिन नवीन के लिए चुनाव जिताने की चुनौती नहीं है, बल्कि उनके लिए पार्टी के अंदर स्वीकार्यता की है। जेपी नड्डा जो लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष रहे वो भी अपनी स्वीकार्यता पार्टी के अंदर नहीं दिला पाए। संजय राणा: नितिन नवीन भाजपा के अश्वमेघ यज्ञ का चेहरा हैं। प्रधानमंत्री हमेशा भविष्य की बात करते हैं। जहां तक नितिन नवीन के आने से चुनाव में बदलाव होगा, तो जवाब नहीं है। नीतिन नवीन की संगठनात्मक शैली की वजह से उन्हें चुना गया है। प्रधानमंत्री जो बात बोलते हैं उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Khabaron Ke Khiladi: भाजपा के 'नवीन' युग के सामने कौन सी चुनौतियां, चयन की वजह क्या? विश्लेषकों ने बताया सबकुछ
और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अजय सेतिया: इस चर्चा की वजह ये है कि वो बहुत कम आयु के हैं, दूसरी वजह ये है कि जाति का जो ध्यान रखा जाता है, इस बार उसका ध्यान नहीं रखा गया। ये भाजपा की उस सोच को दर्शाता है कि हिंदू एक है जाति कोई भी हो। दिल्ली के लिए एक अननोन चेहरा होने की वजह से भी चर्चा ज्यादा है। जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो वैसे अध्यक्ष की ज्यादा भूमिका नहीं होती है। बॉस कह देने से भी चर्चा ज्यादा हो रही है। पूर्णिमा त्रिपाठी: कहने का एक लहजा होता है, वो उस दिन अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे इसल