शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के पीछे शीर्ष नेतृत्व की अक्षमता बड़ी वजह है। उनके मुताबिक पार्टी के भीतर समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने की न तो इच्छा है और न ही आजादी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल चाहें भी, तो कांग्रेस को दूसरे नंबर से नीचे नहीं ले जा सकते, क्योंकि बाकी क्षेत्रीय पार्टियां केवल एक-एक राज्य तक सीमित हैं।पूर्व सांसद का आरोप है कि राहुल गांधी अनुभवी और लोकप्रिय नेताओं के साथ काम करने में सहज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं, जो राहुल के राजनीति में आने से पहले कई चुनाव जीत चुके हैं। शकील अहमद के मुताबिक राहुल उन नेताओं के साथ बैठना पसंद नहीं करते, जो उन्हें अपना “बॉस” नहीं मानते।शकील अहमद ने आरोप लगाया कि नेहरू-गांधी परिवार से होने के कारण राहुल गांधी में एक तरह का श्रेष्ठता भाव है। उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी को जो कुछ मिला है, वह उनके परिवार की वजह से मिला है। उन्होंने कहा कि जब वे राहुल को सलाह देते थे, तो राहुल इसे अपने अपमान की तरह लेते थे।शकील अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी वरिष्ठ और स्थापित नेताओं को किनारे कर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े नेताओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उनका कहना है कि जो नेता राहुल की तारीफ करते हैं, उन्हें ही तरजीह दी जाती है। कई वरिष्ठ नेता सिर्फ इसलिए चुप हैं, क्योंकि वे पार्टी में अपनी अगली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं।शकील अहमद के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि इन आरोपों ने राहुल गांधी की तानाशाही शैली को उजागर कर दिया है। वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इन बयानों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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