संसद के विशेष सत्र पर क्यों मची रार?: आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पर विपक्ष कर रहा विरोध, जानें और क्या विवाद

संसद के विशेष सत्र पर क्यों मची रार?: आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पर विपक्ष कर रहा विरोध, जानें और क्या विवाद यह वीडियो/ हटाएं संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए विधेयक पेश करने वाली है। केंद्र सरकार इसे महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण बढ़ाने के लिए जरूरी कदम बताया है। इस विशेष सत्र में सिर्फ महिलाओं का आरक्षण बढ़ाने के लिए ही विधेयक नहीं पेश होगा। इसके अलावा सरकार दो और विधेयक पेश करेगी। इसमें एक विधेयक मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाने के लिए होगा, जबकि एक और विधेयक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने और उनमें सीट बढ़ाने का प्रस्ताव होगा। सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार? 1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनाव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

राहुल गांधी का सरकार पर हमला: 'परिसीमन से सत्ता हथियाने की कोशिश', छोटे राज्यों के साथ अन्याय का भी लगाया आरोप

नई दिल्ली में संविधान संशोधन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रस्तावित संशोधन सत्ता हथियाने की कोशिश है, जिसे परिसीमन और जेरीमैंडरिंग (निर्वाचन क्षेत्रों का अनुचित हेरफेर) के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। Congress party unequivocally supports Women’s Reservation. Parliament unanimously passed the bill in 2023, it is already part of our Constitution. What the government is proposing now has nothing to do with women’s reservation. This amendment is an attempted power grab using… pic.twitter.com/FFI2LwHBk4 — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 15, 2026 राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण कानून का पूरी तरह समर्थन करती है। संसद ने वर्ष 2023 में इसे सर्वसम्मति से पारित किया था और यह अब संविधान का हिस्सा बन चुका है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह पहल महिलाओं के आरक्षण से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी है। उन्होंने दावा किया कि इससे ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जाति जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।गौरतलब है कि संसद के विशेष सत्र से ठीक पहले यह विवाद और तेज हो गया है। सरकार की योजना के अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है, ताकि महिला आरक्षण कानून को लागू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

शहबाज शरीफ या आसिम मुनीर: कौन संभाल रहा पाकिस्तान की कमान? पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने खोली PAK हुकूमत की पोल

पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता के असली केंद्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालिया बयानों और घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ केवल कठपुतली प्रधानमंत्री बनकर रह गए हैं। सत्ता की असली किसी और के हाथ में है। पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान का वास्तविक नेतृत्व जनरल आसिम मुनीर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फैसले सेना प्रमुख के स्तर पर हो रहे हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी हाल में मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया, जबकि शहबाज शरीफ का जिक्र तक नहीं किया।फवाद चौधरी के बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान में राजनीतिक सत्ता और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय सभी बड़े फैसले सेना के नेतृत्व में लिए जा रहे हैं। इससे यह धारणा मजबूत होती है कि चुनी हुई सरकार की भूमिका सीमित हो गई है और असली ताकत सैन्य नेतृत्व के पास है।डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जनरल असीम मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताने के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। इससे पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान देश की राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकते हैं।फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। खासकर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन और महंगा हो गया है और आर्थिक संकट गहराता नजर आ रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

नोएडा हिंसा: साजिश के पीछे ये संगठन; 17 Whatsapp ग्रुप से भड़की आग; कंपनियों के बाहर लगे वेतन वृद्धि के बोर्ड

गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन अब खत्म ही हो चुका है। एक तरफ इस प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम आ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ डीएम ने आदेश दिया है कि अगर उपद्रव होगा तो आउटसोर्सिंग एजेंसियां ब्लैकलिस्ट होंगी। नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन का नाम सामने आया। संगठन के मुख्य आरोपी रूपेश राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान कर ली गई है। जहां से श्रमिकों के हिंसक आंदोलन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया था।रूपेश राय बिगुल दस्ता नाम का संगठन संचालित करता है। अमर उजाला ने प्रदर्शन के दूसरे दिन यानी शनिवार को बातचीत करने का प्रयास किया था, तब संगठन के लोग श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए लगातार अपील कर रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि शुक्रवार को भी वह इस प्रदर्शन में श्रमिकों के साथ शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनका कहना था कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। उन्होंने कहा कि वह श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास कर रहे हैं।बीते शनिवार को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रदर्शन के दौरान रूपेश राय श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहते हुए नजर आ रहा है। जबकि आज सेक्टर-84 स्थित उद्योगों में शांतिपूर्वक श्रमिक काम पर लौट आए हैं। बीते दिनों बने तनाव के बाद फिर कंपनी में काम कर रहे हैं। सरकार के वेतन बढ़ाने के आदेश का असर दिख रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान से आई अच्छी खबर: दुनिया के लिए ट्रंप ने खोला होर्मुज का रास्ता, चीन के साथ तेल की कीमतों पर बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोल दिया है। उन्होंने लिखा ‘चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोल रहा हूं। मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं और दुनिया के लिए भी। ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं होगी। वे ईरान को हथियार न भेजने पर सहमत हो गए हैं। जब मैं कुछ हफ्तों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वहां जाऊंगा तो मुझे जोरदार गले लगाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान से जुड़े संघर्ष के खत्म होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। फॉक्स न्यूज की पत्रकार मारिया बार्टिरोमो को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल तेल की कीमतें लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात सामान्य होते ही इसमें तेज गिरावट आएगी।ट्रंप ने कहा जैसे ही यह (युद्ध) खत्म होगा, तेल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे आएंगी और बहुत जल्द यह स्थिति बदल सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था, जिसमें उन्होंने ईंधन की कीमतों को लेकर अलग टिप्पणी की थी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में गैस की कीमतें, जो फिलहाल 4 डॉलर प्रति गैलन से थोड़ी अधिक हैं, आगामी चुनावों तक काफी नीचे आ सकती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि युद्ध समाप्त होने के बाद ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने लिखित जवाब में यह साफ किया है कि चीन ईरान को हथिया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

BJP के बाहरी CM: सम्राट चौधरी ही नहीं, इन राज्यों में भी दूसरे दलों से आए चेहरों को भाजपा ने बनाया मुख्यमंत्री

गेगॉन्ग अपांग ने जेएन कॉलेज, पासीघाट से पढ़ाई पूरी करने के बाद 1972 से 1975 के बीच कांग्रेस प्रदेश परिषद के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1978 में वे राज्य की पहली विधानसभा के लिए चुने गए और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) व कृषि मंत्री नियुक्त किए गए।18 जनवरी 1980 को गेगॉन्ग अपांग पहली बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उस समय वे मात्र 34 वर्ष के थे और यह पद संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक थे। वे 1999 तक लगातार इस पद पर रहे। इसी दौरान 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी. नरसिम्हा राव के साथ चकमा-हजोंग आदिवासियों के निर्वासन के मुद्दे पर मतभेदों के बाद, उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अरुणाचल कांग्रेस नाम की अपनी क्षेत्रीय पार्टी बना ली। बाद में 1999 में कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।2003 में अपांग को उनकी अरुणाचल कांग्रेस और अन्य दलों के नए गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का नेता चुना गया। इसके कुछ ही महीनों बाद, अगस्त 2003 में गेगॉन्ग अपांग अपने समर्थक विधायकों के साथ औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। अपांग के पार्टी में शामिल होने से 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की कुल संख्या 42 हो गई और इस तरह अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर भारत का पहला राज्य बन गया, जहां भाजपा की सरकार बनी। अपांग इस सरकार में भाजपा के मुख्यमंत्री रहे।हालांकि, यह साथ लंबा नहीं चला और 2004 के आम चुनावों में एनडीए गठबंधन की हार के कुछ महीने बाद ही, अपांग वापस कांग्रेस में लौट गए। अक्तूबर 2004 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिला और अपांग एक बार फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या?

दरअसल, सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुला रही है। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाकर 2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी है। इस कानून के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए परिसीमन प्रक्रिया भी की जाएगी, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर करीब 850 तक की जा सकती है। ऐसे में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि परिसीमन से राज्यों के बीच सीटों का संतुलन बदल सकता है, जिससे कुछ राज्यों का राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है। 01:49 PM, 15-Apr-2026 Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या? देशभर में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ऐसे में अब इस मामले में सरकार के विरोध में कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र से पहले अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर शीर्ष नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तय किया कि संसद में इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जो बिल ला रही है, उसकी मंशा ठीक नहीं है और इससे लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

'दिल्ली छीन रही जनता से वोट देने का अधिकार': CM ममता ने बंगाली नववर्ष पर लोगों को दी बधाई, केंद्र पर किया हमला

রাজ্যের সকল প্রান্তের মানুষকে হৃদয়ের অন্তর থেকে জানাই বাংলা নববর্ষের শুভনন্দন। এই নবীন ঊষালগ্নে আপনাদের প্রত্যেকের জীবন হয়ে উঠুক গ্লানিমুক্ত। নতুনের এই আবাহনে প্রতিটি প্রাণ পবিত্রতায় ভরে উঠুক। আমাদের বাংলা যেমন শিল্প-সংস্কৃতির পীঠস্থান, তেমনই সর্বধর্ম সমন্বয়ের পীঠস্থান। কিছু… pic.twitter.com/JXf0IcZovn— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) April 15, 2026 ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्य के लोगों को बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि नए साल की इस सुबह में हर किसी का जीवन दुखों से मुक्त हो। उन्होंने कामना की कि इस नई पुकार के साथ हर इंसान का मन पवित्रता से भर जाए।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार पर जनता के वोट देने के अधिकार को कम करने का आरोप लगाया। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दें। ममता ने कहा कि हमारा बंगाल कला और संस्कृति का केंद्र होने के साथ-साथ सभी धर्मों के बीच सद्भाव की धरती भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ बुरी ताकतें बंगाल को भ्रष्ट करने के लिए खड़ी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे शासक लोगों के अधिकार छीन रहे हैं, जिन्हें सबक सिखाना जरूरी है।ममता बनर्जी ने लोगों से विभाजनकारी और तानाशाही प्रवृत्तियों को रोकने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने अपील की कि इस शुभ दिन पर हम सब मिलकर एक शपथ लें। हमें हर तरह की संकीर्ण सोच की दीवारों को तोड़कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोई भी विभाजनकारी ताकत हमारी शांति, पारंपरिक सद्भाव और दोस्ती के बंधन को नहीं तोड़ पाएगी।अंत में मुख्यमंत्री ने आने वाले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

180 लड़कियों का यौन उत्पीड़न: 350 वीडियो वायरल; मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार; फडणवीस सरकार का अगला एक्शन क्या?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस अमरावती यौन उत्पीड़न और अश्लील वीडियो कांड की गंभीरता से जांच में जुटी है। पुलिस इस संभावना पर भी जांच कर रही है कि यह मामला इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय तो नहीं था। जांच में पता चला है कि उसने मुख्य आरोपी अयान अहमद के मोबाइल फोन से वीडियो डाउनलोड कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया था।पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने उम्मीज जताई है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस केस के मुख्य आरोपी अयान अहमद को पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा था।भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे द्वारा की गई शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अयान अहमद को गिरफ्तार किया था। आरोपी अयान अहमद परतवाड़ा शहर का ही रहने वाला था। भाजपा सांसद ने कहा कि आरोपी ने लड़कियों को लव जिहाद के जाल में फंसाया था। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी उन्हें मुंबई और पुणे ले जाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा सांसद अनिल बोंडे ने कहा था, ‘‘इस मामले में करीब 180 लड़कियां शिकार बनी हैं। उनमें से ज्यादातर हिंदू हैं। कुछ मुस्लिम लड़कियां भी पीड़ित हैं। इनमें से कुछ लड़कियां नाबालिग हैं।‘‘पुलिस को आरोपी के मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। इन वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अब तक आठ पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।पुलिस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते बता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

UN Reforms: राजदूत पी हरीश बोले- दो-स्तरीय स्थायी सदस्यता गलत, भारत 'वीटो के अधिकार पर जी4 के प्रस्ताव' के साथ

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) की बैठक में कहा कि वीटो के साथ स्थायी श्रेणी का विस्तार सुरक्षा परिषद के वास्तविक सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि UNSC सुधार के ढांचे के तहत वीटो के साथ या बिना वीटो की एक नई श्रेणी बनाना पहले से चल रही उस चर्चा को और जटिल बना देगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत जी4 के उस रुख से सहमत है जिसे ब्राजील के उप स्थायी प्रतिनिधि नॉर्बर्टो मोरेटी ने उनकी ओर से पेश किया था।भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के समूह जी4 की ओर से ब्राजील के उप स्थायी प्रतिनिधि नॉर्बर्टो मोरेटी ने यह प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि बातचीत को रचनात्मक बनाने और लचीलापन दिखाने के लिए जी4 का प्रस्ताव है कि नए स्थायी सदस्य तब तक वीटो का उपयोग नहीं करेंगे, जब तक कि 15 साल की समीक्षा के दौरान इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले लिया जाता। मोरेटी ने तर्क दिया कि वीटो के मुद्दे को सुरक्षा परिषद की पुरानी संरचना को बनाए रखने का बहाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, नए स्थायी सदस्यों के आने से परिषद अधिक लोकतांत्रिक बनेगी।पी हरीश ने 1965 के सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय केवल चार गैर-स्थायी सदस्य जोड़े गए थे, जिससे वीटो रखने वाले पांच स्थायी सदस्यों को सापेक्ष लाभ मिला। इससे स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों का अनुपात 5:6 से बदलकर 5:10 हो गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब स्थायी सदस्यों को जोड़े बिना सुधार किए गए, तो यह अनुपात और भी बिगड़ जाएगा और मौजूदा असमानता हमेशा के लिए बनी रहेगी।दूसरी ओर, इटली और पाकिस्तान जैसे देशों ने स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का विरोध किया है। उनका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk