संविधान संशोधन पर रार: 'कसकर जवाब देंगे', संसद में अमित शाह की दो-टूक, विरोध कर रहे विपक्ष में किसने क्या कहा?

देश की चुनावी और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलावों से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी बीच बुधवार को संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुई। सत्र की शुरुआत में ही सरकार ने तीन अहम विधेयकों को लोकसभा में पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को सदन में पेश करने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 को पेश करने का प्रस्ताव दिया। प्रस्ताव रखने के साथ ही संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष ने इन प्रस्तावों पर आपत्ति जताई, जबकि सरकार का कहना है कि ये बदलाव देश की चुनावी व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की। उन्होंने कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की प्रगति से तय होती है। मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का भी हवाला दिया और कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का समय अब आ गया है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है और इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। मेघवाल ने यह भी कहा कि इससे क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 16, 2026 · 2 min · National Desk

Assembly Elections: पीएम ने तमिलनाडु में झोंकी ताकत, तस्वीरों से दिए संदेश; बंगाली अस्मिता पर CM ममता का जोर

11:05 AM, 16-Apr-2026 भाजपा का ममता बनर्जी पर तीखा हमला पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की बातों का अब बंगाल की जनता पर कोई असर नहीं होता। जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है। भट्टाचार्य ने टीएमसी की तुलना एक जीवित जीवाश्म से की और कहा कि अब इस पार्टी के जाने का समय आ गया है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की बातों का अब बंगाल की जनता पर कोई असर नहीं होता। जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है। भट्टाचार्य ने टीएमसी की तुलना एक जीवित जीवाश्म से की और कहा कि अब इस पार्टी के जाने का समय आ गया है। 11:01 AM, 16-Apr-2026 परिसीमन बिल के विरोध में काली शर्ट पहनकर चुनाव प्रचार में उतरे उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मदुरै पूर्व विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया। वे यहां डीएमके उम्मीदवार और मंत्री पी मूर्ति के समर्थन में वोट मांगने पहुंचे थे। इस दौरान उदयनिधि स्टालिन काले रंग की शर्ट पहनकर आए थे। उन्होंने बताया कि वे केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक का विरोध कर रहे हैं। उदयनिधि ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिए तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व कम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय इस बिल को लाकर सरकार लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मदुरै पूर्व विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया। वे यहां डीएमके उम्मीदवार और मंत्री पी मूर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 16, 2026 · 2 min · National Desk

UP: प्रतिमा विवाद था बहाना, निशाने पर था ये, बाहरी शरारती लोगों ने की पत्थरबाजी; लखीमपुर बवाल में नया खुलासा

1 of 12 lakhimpur kheri violence - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स थाना मैलानी इलाके की बांकेगंज पुलिस चौकी अंतर्गत मोतीपुर गांव में जिस जगह पर आंबेडकर की प्रतिमा लगाई गई थी, वह भूमि राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 1167 रकबा 0.061 हेक्टेयर खाद के गड्ढों के रूप में दर्ज है। मंगलवार को असामाजिक तत्वों ने इस भूमि पर कब्जा करने के लिए वहां आंबेडकर प्रतिमा स्थापित कर दी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के बांकेगंज में हुए बवाल में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। बवाल के पीछे जमीन पर कब्जे की साजिश सामने आ रही है। दरअसल, डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने और उसके टूटने के विवाद में हुए इतने बड़े उपद्रव के पीछे जमीन पर कब्जे की साजिश थी। पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच मामले को राजनैतिक रंग देने की भी कोशिश की गई। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 मोतीपुर गांव का विवादित स्थल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी इसके बाद शरारती तत्वों ने तोड़ दिया। इससे गुस्साए बाबा साहब के अनुयायियों ने प्रतिमा को उसी स्थान पर लगाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और विवाद बढ़ने लगा। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को देख कुछ बाहरी शरारती लोग पत्थरबाजी शुरू कर हंगामा करने लगे। 3 of 12 मोतीपुर गांव का विवादित स्थल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी घटनास्थल के आसपास अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते उपद्रवी उग्र होकर सरकारी और निजी वाहनों को निशाना बनाकर जलाने के साथ ही लाठी-डंडों, ईंट और पत्थरों के प्रहार से तोड़ दिया। जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे बांकेगंज में भारी पुलिस बल तैनात कर छावनी में तब्दील कर दिया। 4 of 12 मोतीपुर गांव का विवादित स्थल - फोटो : संवाद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 16, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: शेयर बाजार में हरे निशान पर ओपनिंग, सेंसेक्स 550 अंक चढ़ा, निफ्टी 23350 के पार पहुंचा

घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन गुरुवार को भी हरे निशान पर कारोबार होता दिखा। भारतीय बाजार के दो बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेसेक्स 566.32 (0.72%) अंकों की बढ़त के साथ 78,677.56 के स्तर पर कारोबार शुरू हुआ। बाजार में हरियाली का क्या कारण? सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 289.60 (0.37%) अंकों की बढ़त के साथ 78,400.84 और निफ्टी 84.96 (0.35%) अंक मजबूत होकर 24,316.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 619 अंक के उच्चतम स्तर 78,730.32 पर पहुंचा। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 144.45(0.60%) अंक उछलकर 24,375.75 के स्तर पर पहुंच और देखते-देखते 169.65 अंक चढ़कर 24,400.95 तक की छलांग लगाने में सफल रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान आईसीआईसीआई और एलएंडटी के शेयर टॉप गेनर्स के रूप में कारोबार करते दिखे।बाजार में आई तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे यह बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपये हो गया। वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के कम होने और अमेरिका तथा ईरान के बीच वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदों के चलते गुरुवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजारों के बेंचमार्क सूचकांकों- सेंसेक्स और निफ्टी- में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और विदेशी फंडों की वापसी से बाजार की धारणा को सकारात्मक बल मिला है। बाजार के प्रमुख सेक्टर्स में क्या चल रहा? बाजार की इस तेजी के बीच कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जबकि कुछ पर दबाव बना रहा: टॉप गेनर्स: सेंसेक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 16, 2026 · 2 min · National Desk

Parliament: ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर संसद, आज पेश होंगे महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक

संसद के बजट सत्र की तीन दिवसीय विस्तारित बैठक के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार लोकसभा में बड़े बदलाव की नींव रखने जा रही है। इसमें लोकसभा और देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। महिला आरक्षण इसी का अंग होगा।इनके अलावा, परिसीमन विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक भी पेश किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि नए परिसीमन में देश के किसी भी हिस्से, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।दक्षिण राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। सरकार ने इस शंका को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एकसमान 50 फीसदी होगी। लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता।सरकार का कहना है, 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए स्पष्ट और नया परिसीमन समय की मांग है। परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर पूरी की जाएगी। राज्याें के लिए सीटों की संख्या तय नहीं है। हर राज्य के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। आयोग राज्य के सभी दलों से चर्चा के बाद सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।लोकसभा में 16 अप्रैल को तीनों विधेयकों पर चर्चा होगी। 18 घंटे का समय तय।17 अप्रैल : मतदान के साथ लोकसभा में यह प्रक्रिया पूरी होगी।18 अप्रैल : लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान होगा।संविधान (131वां) सं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 16, 2026 · 2 min · National Desk

संसद के विशेष सत्र पर क्यों मची रार?: आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पर विपक्ष कर रहा विरोध, जानें और क्या विवाद

संसद के विशेष सत्र पर क्यों मची रार?: आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पर विपक्ष कर रहा विरोध, जानें और क्या विवाद यह वीडियो/ हटाएं संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए विधेयक पेश करने वाली है। केंद्र सरकार इसे महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण बढ़ाने के लिए जरूरी कदम बताया है। इस विशेष सत्र में सिर्फ महिलाओं का आरक्षण बढ़ाने के लिए ही विधेयक नहीं पेश होगा। इसके अलावा सरकार दो और विधेयक पेश करेगी। इसमें एक विधेयक मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाने के लिए होगा, जबकि एक और विधेयक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने और उनमें सीट बढ़ाने का प्रस्ताव होगा। सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार? 1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनाव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 16, 2026 · 2 min · National Desk

Munir Iran Visit: अमेरिका का संदेश लेकर ईरान पहुंचे आसिम मुनीर? जानें क्या फिर शुरू हो सकती है शांतिवार्ता

संघर्ष बढ़ने का खतरा… अमेरिका और ईरान के बीच तनाव युद्ध की ओर बढ़ रहा है, इसलिए दोनों पक्ष टकराव टालना चाहते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव युद्ध की ओर बढ़ रहा है, इसलिए दोनों पक्ष टकराव टालना चाहते हैं। वैश्विक दबाव… दुनिया के कई देश चाहते हैं कि हालात शांत हों, ताकि तेल और व्यापार प्रभावित न हो। दुनिया के कई देश चाहते हैं कि हालात शांत हों, ताकि तेल और व्यापार प्रभावित न हो। आर्थिक नुकसान… लगातार तनाव से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, खासकर ईरान पर। लगातार तनाव से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, खासकर ईरान पर। मध्यस्थ देशों की पहल… पाकिस्तान जैसे देश लगातार दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार कर रहे हैं। पाकिस्तान जैसे देश लगातार दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार कर रहे हैं। अधूरी पिछली वार्ता… पिछली बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई, इसलिए उसी को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस यात्रा का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को फिर से पटरी पर लाना और संघर्ष को कम करना है।यह दौरा पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान लगातार दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले भी इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बातचीत का दूसरा दौर हो सकता है। उन्होंने कह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

संसद के विशेष सत्र पर क्यों मची रार?: आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पर विपक्ष कर रहा विरोध, जानें और क्या विवाद

संसद के विशेष सत्र पर क्यों मची रार?: आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पर विपक्ष कर रहा विरोध, जानें और क्या विवाद यह वीडियो/ हटाएं संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए विधेयक पेश करने वाली है। केंद्र सरकार इसे महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण बढ़ाने के लिए जरूरी कदम बताया है। इस विशेष सत्र में सिर्फ महिलाओं का आरक्षण बढ़ाने के लिए ही विधेयक नहीं पेश होगा। इसके अलावा सरकार दो और विधेयक पेश करेगी। इसमें एक विधेयक मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाने के लिए होगा, जबकि एक और विधेयक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने और उनमें सीट बढ़ाने का प्रस्ताव होगा। सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार? 1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनाव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

राहुल गांधी का सरकार पर हमला: 'परिसीमन से सत्ता हथियाने की कोशिश', छोटे राज्यों के साथ अन्याय का भी लगाया आरोप

नई दिल्ली में संविधान संशोधन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रस्तावित संशोधन सत्ता हथियाने की कोशिश है, जिसे परिसीमन और जेरीमैंडरिंग (निर्वाचन क्षेत्रों का अनुचित हेरफेर) के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। Congress party unequivocally supports Women’s Reservation. Parliament unanimously passed the bill in 2023, it is already part of our Constitution. What the government is proposing now has nothing to do with women’s reservation. This amendment is an attempted power grab using… pic.twitter.com/FFI2LwHBk4 — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 15, 2026 राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण कानून का पूरी तरह समर्थन करती है। संसद ने वर्ष 2023 में इसे सर्वसम्मति से पारित किया था और यह अब संविधान का हिस्सा बन चुका है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह पहल महिलाओं के आरक्षण से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी है। उन्होंने दावा किया कि इससे ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जाति जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।गौरतलब है कि संसद के विशेष सत्र से ठीक पहले यह विवाद और तेज हो गया है। सरकार की योजना के अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है, ताकि महिला आरक्षण कानून को लागू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

शहबाज शरीफ या आसिम मुनीर: कौन संभाल रहा पाकिस्तान की कमान? पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने खोली PAK हुकूमत की पोल

पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता के असली केंद्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालिया बयानों और घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ केवल कठपुतली प्रधानमंत्री बनकर रह गए हैं। सत्ता की असली किसी और के हाथ में है। पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान का वास्तविक नेतृत्व जनरल आसिम मुनीर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फैसले सेना प्रमुख के स्तर पर हो रहे हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी हाल में मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया, जबकि शहबाज शरीफ का जिक्र तक नहीं किया।फवाद चौधरी के बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान में राजनीतिक सत्ता और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय सभी बड़े फैसले सेना के नेतृत्व में लिए जा रहे हैं। इससे यह धारणा मजबूत होती है कि चुनी हुई सरकार की भूमिका सीमित हो गई है और असली ताकत सैन्य नेतृत्व के पास है।डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जनरल असीम मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताने के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। इससे पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान देश की राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकते हैं।फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। खासकर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन और महंगा हो गया है और आर्थिक संकट गहराता नजर आ रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk